नई दिल्ली. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) केंद्र सरकार की एक अम्ब्रेला योजना है, जिसके तहत देश में सिंचाई से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाता है. इस योजना के माध्यम से राज्यों को सिंचाई क्षमता विकसित करने, कमांड एरिया डेवलपमेंट और खेत स्तर पर विकास कार्यों के लिए केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है. इस संबंध में जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान दी.
योजना के तीन प्रमुख घटक
सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तीन प्रमुख घटकों के साथ संचालित की जा रही है.
- त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (Accelerated Irrigation Benefit Programme – AIBP)
- हर खेत को पानी (Har Khet Ko Pani – HKKP)
- वाटरशेड डेवलपमेंट कंपोनेंट (Watershed Development Component – WDC)
इनमें AIBP और हर खेत को पानी (HKKP) का संचालन जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग (DoWR, RD & GR) द्वारा किया जाता है. वहीं, वाटरशेड डेवलपमेंट कंपोनेंट (WDC) का क्रियान्वयन ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग द्वारा किया जाता है.
राज्यों को किन कार्यों के लिए मिलती है सहायता
सरकार ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत राज्यों को सिंचाई क्षमता के निर्माण, कमांड एरिया डेवलपमेंट तथा खेत स्तर पर विकास गतिविधियों के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान की जाती है. इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन सामान्यतः राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है.
प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया से होते हैं कार्य
योजना के अंतर्गत परियोजनाओं को लागू करने के लिए राज्य सरकारें प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया (Competitive Tendering) अपनाती हैं. संबंधित राज्य सरकारों के लागू खरीद नियमों के अनुसार इस प्रक्रिया में निजी ठेकेदार और निजी उद्यम भी भाग ले सकते हैं. योजना के तहत सभी कार्य राज्यों द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार कराए जाते हैं.
निजी निवेश के लिए अलग प्रावधान नहीं
लोकसभा में दिए गए जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में निजी क्षेत्र के निवेश के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है.
प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की व्यवस्था
योजना के विभिन्न घटकों के अंतर्गत जल प्रबंधन से जुड़े क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं. इन गतिविधियों का संचालन संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार करते हैं.
हालांकि, सरकार ने यह भी बताया कि प्रशिक्षित किसानों और फील्ड स्तर के कार्यकर्ताओं की राज्यवार समेकित जानकारी केंद्र स्तर पर उपलब्ध नहीं रखी जाती.
लोकसभा में दी गई जानकारी
यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी.
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Source: Ministry of Agriculture & Farmers Welfare


