देश में डेंगू की रोकथाम की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने भारत की पहली डेंगू वैक्सीन Qdenga® को विपणन (Marketing Authorization) की मंजूरी दे दी है. यह वैक्सीन जर्मनी की Takeda GmbH द्वारा विकसित की गई है और भारत में Takeda Biopharmaceuticals India Pvt. Ltd. के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी.
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि यह मंजूरी डेंगू की रोकथाम और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
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किन लोगों को लगेगी यह वैक्सीन?
CDSCO के अनुसार Qdenga® वैक्सीन 4 वर्ष से 60 वर्ष की आयु के लोगों के लिए स्वीकृत की गई है.
टीकाकरण का शेड्यूल:
- कुल 2 डोज
- प्रत्येक डोज 0.5 मिलीलीटर
- पहली और दूसरी डोज के बीच 3 महीने का अंतर
वैक्सीन त्वचा के नीचे (Subcutaneous Injection) दी जाएगी.
क्या है Qdenga वैक्सीन?
Qdenga एक Live Attenuated Tetravalent Dengue Vaccine है, जिसे Recombinant DNA Technology के माध्यम से विकसित किया गया है.
यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों प्रमुख सीरोटाइप (Serotypes) के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई है.
कैसे मिली मंजूरी?
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार CDSCO ने वैक्सीन की:
- गुणवत्ता (Quality)
- सुरक्षा (Safety)
- प्रभावशीलता (Efficacy)
का विस्तृत वैज्ञानिक मूल्यांकन करने के बाद इसे मंजूरी दी है.
यह प्रक्रिया Drugs and Cosmetics Act, 1940 और Drugs Rules, 1945 के प्रावधानों के अनुसार पूरी की गई.
भारत सहित कई देशों में हुए क्लिनिकल ट्रायल
Qdenga के लिए व्यापक वैश्विक क्लिनिकल अध्ययन किए गए.
इनमें शामिल रहे:
- भारत
- ब्राजील
- थाईलैंड
- श्रीलंका
- अन्य कई देश
भारतीय आबादी में भी 4 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों पर Phase-III अध्ययन किया गया, जिसमें वैक्सीन की सुरक्षा और प्रतिरक्षा क्षमता का मूल्यांकन किया गया.
42 देशों में पहले से है मंजूरी
Qdenga को पहले ही दुनिया के 42 देशों में नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है.
इनमें शामिल हैं:
- यूरोपीय संघ (EU)
- यूनाइटेड किंगडम
- स्विट्जरलैंड
- इंडोनेशिया
- मलेशिया
- थाईलैंड
इसके अलावा इस वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की Prequalification भी प्राप्त है.
दुनियाभर में लग चुकी हैं 2.4 करोड़ से अधिक डोज
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक दुनियाभर में 2.4 करोड़ (24 मिलियन) से अधिक डोज वितरित की जा चुकी हैं.
Post-Marketing Surveillance के दौरान भी इस वैक्सीन की सुरक्षा संतोषजनक पाई गई है और अब तक कोई महत्वपूर्ण सुरक्षा संबंधी चिंता सामने नहीं आई है.
डेंगू नियंत्रण अभियान को मिलेगा मजबूती
सरकार का कहना है कि पहली डेंगू वैक्सीन की मंजूरी देश में पहले से चल रहे डेंगू नियंत्रण कार्यक्रम को और मजबूत करेगी.
यह वैक्सीन निम्न प्रयासों के साथ मिलकर काम करेगी:
- मच्छर नियंत्रण (Vector Control)
- निगरानी (Surveillance)
- समय पर जांच
- बेहतर इलाज
- National Vector Borne Disease Control Programme
सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध कराने पर जोर
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि सरकार वैज्ञानिक मानकों पर आधारित मजबूत नियामक व्यवस्था के माध्यम से देशवासियों को सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण वैक्सीन तथा दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
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FAQs
1. भारत की पहली डेंगू वैक्सीन कौन-सी है?
भारत में CDSCO द्वारा मंजूर पहली डेंगू वैक्सीन Qdenga® है.
2. यह वैक्सीन किन लोगों के लिए है?
यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के लिए स्वीकृत की गई है.
3. Qdenga की कितनी डोज लगती हैं?
इस वैक्सीन की दो डोज लगती हैं, जिनके बीच 3 महीने का अंतर रखा जाता है.
4. क्या Qdenga को अंतरराष्ट्रीय मंजूरी भी मिली है?
हाँ. Qdenga को 42 देशों में नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है और इसे WHO Prequalification भी प्राप्त है.
Source: Ministry of Health and Family Welfare


