Madhya Pradesh Weather Update 12 June: मध्य प्रदेश में आगामी दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने वाला है. मौसम केंद्र भोपाल द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 12 जून से 15 जून 2026 तक प्रदेश के अनेक जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है. कुछ जिलों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों, किसानों और पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.
12 जून को इन जिलों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
12 जून सुबह 8:30 बजे से 13 जून सुबह 8:30 बजे तक दतिया, भिंड, मुरैना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात, ओलावृष्टि तथा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है.
प्राइवेट पार्ट्स पर मजाक से भड़का सोशल मीडिया, डॉक्टर सेजल ने कहा- ‘मैं जिम्मेदारी लेती हूं’
इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, अगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, श्योपुरकलां सहित महाकौशल, विंध्य और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है.
13 जून को भी बना रहेगा खराब मौसम
13 जून से 14 जून तक प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम सक्रिय बना रहेगा. भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां सहित कई जिलों में गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों को भी चेतावनी क्षेत्र में शामिल किया गया है.
14 जून को नर्मदापुरम और महाकौशल संभाग पर ज्यादा असर
14 जून से 15 जून के बीच नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर और धार जिलों में गरज-चमक तथा तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है.
इसके साथ ही सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में भी मौसम विभाग ने झोंकेदार हवाओं और वज्रपात की आशंका जताई है.
15 जून को भी जारी रह सकता है असर
मौसम विभाग के अनुसार 15 जून के बाद भी नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं.

लू और गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सलाह
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है. दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए. यात्रा के दौरान पानी साथ रखना जरूरी है.
ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी, मट्ठा और चावल के पानी जैसे पेय पदार्थ शरीर में पानी की कमी को रोकने में मदद कर सकते हैं. हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, सिर को टोपी या कपड़े से ढकने और सीधे धूप के संपर्क से बचने की सलाह दी गई है.
ओलावृष्टि से फसलों और संपत्ति को हो सकता है नुकसान
जिन जिलों में ओलावृष्टि की संभावना है वहां किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. फसलों, फलों और सब्जियों को नुकसान पहुंच सकता है. जहां संभव हो वहां फसल सुरक्षा उपाय अपनाने और समय पर कटाई करने की सलाह दी गई है.
वाहनों को सुरक्षित और ढके हुए स्थानों पर खड़ा करने की सलाह दी गई है. कच्चे मकानों, टिन शेड और कमजोर संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है.
आंधी-तूफान और वज्रपात के दौरान बरतें सावधानी
गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित माना जाता है. मौसम विभाग ने लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहने तथा खुले मैदानों में कार्य न करने की सलाह दी है.
तेज हवाओं के दौरान ढीली वस्तुओं, टिन की चादरों और होर्डिंग्स को सुरक्षित बांधकर रखने की जरूरत है. बिजली गिरने की आशंका के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल देना भी सुरक्षित कदम माना गया है.
किसानों और पशुपालकों के लिए विशेष सलाह
कृषकों को मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए सुबह या शाम के समय हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है. मल्चिंग तकनीक का उपयोग करने और तेज गर्मी के दौरान उर्वरकों तथा कीटनाशकों के छिड़काव से बचने को कहा गया है.
पशुपालकों को पशुओं के लिए पर्याप्त छाया, स्वच्छ पेयजल और हवादार व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है. दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच पशुओं को चराने से बचना चाहिए. गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए पानी का छिड़काव और अन्य शीतलन उपाय भी अपनाए जा सकते हैं.
मौसम केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक-डी (पूर्वानुमान अधिकारी) अरुण शर्मा के अनुसार, आगामी चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा. ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है.
- मुख्य बातें
- 12-15 जून तक मौसम सक्रिय
- कई जिलों में वज्रपात का अलर्ट
- 50-60 किमी/घंटा तक चल सकती हैं हवाएं
- दतिया, भिंड, मुरैना सहित कई जिलों में ओलावृष्टि की संभावना
- किसानों और पशुपालकों के लिए विशेष एडवाइजरी
Source: यह पूर्वानुमान भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम केंद्र भोपाल द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन पर आधारित है.
FAQs
Q1. मध्य प्रदेश में 12 जून को किन जिलों में ओलावृष्टि की संभावना है?
उत्तर: दतिया, भिंड, मुरैना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है.
Q2. किन जिलों में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं?
उत्तर: दतिया, भिंड, मुरैना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है.
Q3. आंधी और वज्रपात के दौरान क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
उत्तर: घर के अंदर रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें, खुले मैदानों में काम करने से बचें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें.
Q4. किसानों के लिए मौसम विभाग की क्या सलाह है?
उत्तर: सुबह या शाम के समय सिंचाई करें, मल्चिंग का उपयोग करें, दोपहर की गर्मी में छिड़काव से बचें और पशुओं के लिए पर्याप्त पानी व छाया की व्यवस्था करें.


