EPF Transfer Process: अगर आपने हाल ही में अपनी नौकरी बदली है और आपका पुराना EPF (Employees’ Provident Fund) खाता अभी भी अलग पड़ा हुआ है, तो उसे तुरंत नए अकाउंट में ट्रांसफर कर लेना चाहिए. कई बार कर्मचारी नया पीएफ अकाउंट बनवाने के बाद पुराने खाते का पैसा वहीं छोड़ देते हैं या उसे निकाल लेते हैं. EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) के अनुसार, ऐसा करने से आपकी ‘कंटीन्यूअस सर्विस’ (लगातार सेवा), टैक्स छूट और भविष्य में मिलने वाले पेंशन के लाभ प्रभावित हो सकते हैं. कर्मचारियों की सुविधा के लिए EPFO ने इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है, जिसे आप घर बैठे पोर्टल या UMANG ऐप से पूरा कर सकते हैं.
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ऑनलाइन PF ट्रांसफर करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
EPFO की आधिकारिक वेबसाइट (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर जाएं और अपने UAN और पासवर्ड से लॉगिन करें.
मेनू में ‘Online Services’ सेक्शन में जाएं और ‘One Member – One EPF Account (Transfer Request)’ विकल्प चुनें.
‘Employee Centric Services’ के तहत “Request for Transfer of Account” पर क्लिक करें.
अपना UAN नंबर डालकर ‘Get Details’ पर क्लिक करें और उस पुराने PF खाते का चयन करें जिसका पैसा ट्रांसफर करना है.
सभी विवरण जांचने के बाद आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए OTP के जरिए अनुरोध को सत्यापित करें और फॉर्म सबमिट कर दें.
आवेदन जमा होने के बाद आप ‘Track Claim Status’ विकल्प में जाकर अपने ट्रांसफर का स्टेटस भी देख सकते हैं.
अगर आपके पास दो UAN हैं तो क्या करें?
2014 से पहले या बाद में कई बार नौकरियां बदलने के कारण कुछ कर्मचारियों के पास दो अलग-अलग Universal Account Number (UAN) बन जाते हैं. ऐसी स्थिति में समाधान के दो रास्ते हैं. आप uanepf@epfindia.gov.in पर दोनों UAN की जानकारी भेज सकते हैं. जांच के बाद EPFO पुराने UAN को डीएक्टिवेट कर देगा और उसकी राशि वर्तमान UAN में जोड़ दी जाएगी. अपने नए एम्प्लॉयर के जरिए ट्रांसफर का अनुरोध दर्ज करें. EPFO का सिस्टम डुप्लीकेट UAN की पहचान कर पुरानी मेंबर आईडी को नए UAN से लिंक कर देता है.
EPF ब्याज दर, टैक्स और निकासी के नियम
EPFO की ओर से EPF पर 8.25% वार्षिक दर से ब्याज दिया जा रहा है. पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत कर्मचारी धारा 80C में 1.5 लाख रुपये तक के EPF योगदान पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं. इसके अलावा एम्प्लॉयर का 12% तक का योगदान भी तय सीमा में टैक्स-फ्री होता है.
आपात स्थिति में EPF से पैसा निकालते समय खाते में कम से कम 25% राशि बनाए रखना अनिवार्य है. यानी सदस्य अधिकतम 75% तक की राशि ही निकाल सकते हैं (उदाहरण: ₹2 लाख के बैलेंस पर अधिकतम ₹1.5 लाख की निकासी संभव है). रिटायरमेंट फंड को सुरक्षित रखने और पेंशन के लाभ को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए नौकरी बदलते ही EPF ट्रांसफर का क्लेम दर्ज करें.


