असम में बाढ़ की स्थिति में हल्का सुधार देखने को मिला है, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में संकट अभी भी बना हुआ है. बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है. पिछले 24 घंटों के दौरान चार और लोगों की जान गई, जिनमें शिवसागर जिले में तीन और चराइदेव जिले में एक व्यक्ति शामिल है.
राज्य में फिलहाल 10 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और 6 लाख 54 हजार से अधिक लोग इस आपदा का सामना कर रहे हैं.
शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट सबसे अधिक प्रभावित
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में देखा जा रहा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 810 गांव जलमग्न हैं, जबकि करीब 35 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ के पानी में डूबी हुई है.
स्थिति को और गंभीर बनाते हुए दिखौ और धनसिरी नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.
राहत और बचाव अभियान जारी
प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता के लिए लगातार राहत और बचाव कार्य चला रहा है. अब तक 90 राहत शिविर और 184 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं.
इन राहत शिविरों में करीब 18 हजार लोग शरण लिए हुए हैं, जहां उन्हें भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने लिया हालात का जायजा
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शिवसागर के राहत शिविरों का दौरा कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का निरीक्षण किया.
उन्होंने कहा कि असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और केंद्र तथा राज्य सरकार मिलकर प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही हैं.
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उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान में लगातार जुटे हुए हैं.


