जींद (हरियाणा): देश के परिवहन इतिहास में आज एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद जंक्शन से सोनीपत के लिए देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. बिना डीजल और बिजली के तारों के दौड़ने वाली यह इको-फ्रेंडली ट्रेन भारत के ‘नेट जीरो उत्सर्जन’ (Net Zero Emission) के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है.
इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उपस्थित रहे. इसके साथ ही, भारत दुनिया का छठा ऐसा देश बन गया है जिसके पास अपनी हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक है. इससे पहले केवल जर्मनी, चीन, जापान, फ्रांस और अमेरिका के पास ही यह तकनीक मौजूद थी.
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89 किलोमीटर का सफर, 12 स्टेशनों पर ठहराव
यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर की दूरी को करीब 2 घंटे में तय करेगी. यह ट्रेन प्रतिदिन दो राउंड ट्रिप (आने-जाने के दो फेरे) लगाएगी, यानी रोजाना लगभग 356 किलोमीटर का सफर तय करेगी. जींद और सोनीपत के बीच यह ट्रेन कुल 12 स्टेशनों पर रुकेगी, जिनमें जींद सिटी, पांडु पिंडारा, लिलित खेड़ा, भांभेवा, इसापुर खेड़ी, बुटाना, खंडराई, गोहाना, राबरा, लाथ, और मोहाना शामिल हैं. ट्रेन की अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. 10 डिब्बों वाली इस पैसेंजर ट्रेन में एक बार में 2,600 यात्री सफर कर सकेंगे.
धुएं की जगह निकलेगी सिर्फ ‘भाप’
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस ट्रेन का इंजन दिखने में पारंपरिक इंजनों जैसा ही है, लेकिन इसकी कार्यप्रणाली पूरी तरह से अलग और प्रदूषण मुक्त है. इस ट्रेन में डीजल या बाहरी बिजली का उपयोग नहीं होता. इसके बजाय, ट्रेन के भीतर ही हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया (Chemical Reaction) से बिजली पैदा की जाती है. इस प्रक्रिया के उप-उत्पाद (byproduct) के रूप में केवल जलवाष्प (भाप) उत्सर्जित होती है, जिससे शून्य प्रदूषण होता है. इस ट्रेन की कुल पावर 2400 किलोवाट है और एक बार हाइड्रोजन रीफिल होने पर यह 250 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है.
किराया बेहद किफायती, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
आम जनता की जेब का ख्याल रखते हुए इस आधुनिक ट्रेन का किराया बेहद कम रखा गया है.
न्यूनतम किराया: ₹5
अधिकतम किराया: ₹25
सुरक्षा के आधुनिक ‘मल्टी-लेयर’ इंतजाम:
चूंकि हाइड्रोजन अत्यधिक ज्वलनशील होती है, इसलिए ट्रेन में सुरक्षा के वैश्विक मानकों का पालन किया गया है. ट्रेन में मल्टी-लेयर सेफ्टी सिस्टम लगाया गया है. यदि किसी भी परिस्थिति में हाइड्रोजन गैस लीक होती है, तो ट्रेन में लगे सेंसर उसे तुरंत डिटेक्ट कर लेंगे और ट्रेन अपने आप रुक जाएगी. इसके अलावा, ट्रेन में अत्याधुनिक फायर डिटेक्टर और मॉनिटरिंग सिस्टम भी इंस्टॉल किए गए हैं.
जालंधर में भी परियोजनाओं का शिलान्यास
हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज करीब 26,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर रहे हैं. इन परियोजनाओं में रेलवे, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और हरित परिवहन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं. इसके बाद, प्रधानमंत्री आज शाम पंजाब के जालंधर पहुंचेंगे, जहां वे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दोआबा क्षेत्र के लिए 5,470 करोड़ रुपये से अधिक की रेल और सड़क अवसंरचना (Infrastructure) परियोजनाओं की सौगात देश को सौंपेंगे. बीते साढ़े पांच महीनों में पीएम मोदी का जालंधर का यह दूसरा दौरा है.


