Ayodhya News: अयोध्या स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर स्थित स्वच्छता एवं बागवानी प्रकोष्ठ के तत्वाधान में पिछले एक महीने से चल रही 30 दिवसीय स्वच्छता उत्प्रेरक कार्यशाला का आज (11 जुलाई 2026 को) समापन हो गया. कार्यशाला के अंतिम दिन ईडीपी भवन एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल प्रशासनिक भवन में वृहद साफ-सफाई अभियान चलाकर इस प्रथम चरण को सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया.
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कार्यस्थल को स्वच्छ रखना हमारा दायित्व: वित्त अधिकारी
वृहद स्वच्छता कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी पुर्णेन्दु शुक्ल ने स्वच्छता कर्मियों, छात्र-छात्राओं और उपस्थित सुधिजनों का उत्साहवर्धन किया. उन्होंने कहा कि हमें अपने कार्यस्थल और उसके आस-पास के परिसर को पूरी तरह स्वच्छ रखना चाहिए. इससे परिसर में आने वाले आगंतुकों को न सिर्फ एक सकारात्मक और स्वच्छ वातावरण की अनुभूति होगी, बल्कि वे यहां से स्वच्छता की प्रेरणा लेकर भी जाएंगे.
स्वच्छ वातावरण में ही स्वस्थ मन का वास: कुलसचिव
कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सफाई के प्रति एक-एक व्यक्ति का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है. हर व्यक्ति के छोटे-छोटे प्रयासों से ही हम ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की संकल्पना को धरातल पर साकार कर सकते हैं. उन्होंने याद दिलाया कि एक स्वच्छ वातावरण में ही स्वस्थ मन विकसित होता है, और इसे बनाए रखना हम सबका परम दायित्व है.
5 जून से अनवरत चल रहा था अभियान
स्वच्छता एवं बागवानी प्रकोष्ठ के प्रभारी प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव ने कार्यशाला की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि कुलपति की प्रेरणा और अपेक्षाओं के अनुरूप इस अभियान की शुरुआत 05 जून 2026 (विश्व पर्यावरण दिवस) को हुई थी. विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर को स्वच्छ, सुन्दर, स्वस्थ और भव्य बनाना. एक महीने तक अनवरत चली इस कार्यशाला का आज प्रथम चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है.
प्रमुख जनों की रही उपस्थिति
समापन के इस विशेष अवसर पर प्रो. शैलेन्द्र कुमार, विधिसंकाय के प्रो. ए.के. राय, डॉ. राजेश सिंह और सहायक कुलसचिव एस.पी. सावंत सहित बड़ी संख्या में स्वच्छताकर्मियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की.


