देश में कौशल विकास (Skill Development) को नई गति देने के लिए केंद्र सरकार Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs (PM-SETU) योजना पर तेजी से काम कर रही है. इस योजना के तहत देशभर के 1,000 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक सुविधाओं और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा.
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2014 में देश में 9,642 ITI थे, जो 2026 तक बढ़कर 13,856 हो गए हैं. वहीं ITI में नामांकन भी 9.51 लाख से बढ़कर 14.70 लाख तक पहुंच गया है.
ITI की संख्या और नामांकन में बड़ा इजाफा
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में ITI नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है.
मुख्य आंकड़े:
- वर्ष 2014 में ITI की संख्या – 9,642
- वर्ष 2026 में ITI की संख्या – 13,856
- वर्ष 2014-15 में नामांकन – 9,51,168
- वर्ष 2025-26 में नामांकन – 14,70,277
यह वृद्धि देश में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा की बढ़ती मांग को दर्शाती है.
क्या है PM-SETU योजना?
PM-SETU का उद्देश्य देश में व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training) की गुणवत्ता और उद्योगों के अनुरूप कौशल विकास को मजबूत करना है.
इस योजना का कुल बजट ₹60,000 करोड़ है, जिसमें:
- केंद्र सरकार का हिस्सा – ₹30,000 करोड़
- राज्य सरकारों का हिस्सा – ₹20,000 करोड़
- उद्योग जगत का योगदान – ₹10,000 करोड़
रखा गया है.
1,000 सरकारी ITI होंगे हाईटेक
योजना के पहले चरण में:
- 200 Hub ITI
- 800 Spoke ITI
को आधुनिक बनाया जाएगा.
इन संस्थानों में:
- स्मार्ट क्लासरूम
- आधुनिक प्रयोगशालाएं
- डिजिटल कंटेंट
- उद्योग आधारित नए ट्रेड
- अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं
विकसित की जाएंगी ताकि छात्रों को रोजगार बाजार के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके.
पांच राष्ट्रीय संस्थानों की क्षमता भी बढ़ेगी
PM-SETU के दूसरे चरण में पांच National Skill Training Institutes (NSTIs) को भी मजबूत किया जाएगा.
ये संस्थान स्थित हैं:
- भुवनेश्वर
- चेन्नई
- हैदराबाद
- कानपुर
- लुधियाना
यहां प्रशिक्षकों के उन्नत प्रशिक्षण, वैश्विक साझेदारी और नए पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे.
राज्यों और उद्योगों की साझेदारी से होगा विकास
योजना के तहत ITI के चयन की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों की होगी.
राज्य सरकारें:
- उद्योगों के साथ मिलकर प्रस्ताव तैयार करेंगी.
- स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम विकसित करेंगी.
- Strategic Investment Plan (SIP) प्रस्तुत करेंगी.
इससे प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा.
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी तेजी से काम
सरकार के अनुसार:
- छत्तीसगढ़ में 6 क्लस्टर बनाए गए हैं, जिनमें 6 Hub और 24 Spoke ITI शामिल हैं.
- ओडिशा में 2 क्लस्टर बनाए गए हैं, जिनमें 2 Hub और 8 Spoke ITI शामिल हैं.
- ओडिशा के केओंझार-बारबिल क्लस्टर के Strategic Investment Plan को मंजूरी मिल चुकी है.
इसके अलावा ओडिशा सरकार को परियोजना प्रबंधन सलाहकार (PMC) और उद्योग संपर्क गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता भी जारी की गई है.
32 नए जमाने के कोर्स होंगे शुरू
कौशल विकास महानिदेशालय (DGT) ने ITI के लिए 32 नए युग (New Age) के ट्रेड तैयार किए हैं.
इनमें शामिल हैं:
- Artificial Intelligence Programming Assistant
- Cyber Security Assistant
- Drone Pilot
- Drone Technician
- Data Annotation Assistant
- Green Hydrogen Production Technician
- Industrial Robotics
- Internet of Things (IoT)
- Mechanic Electric Vehicle
- Semiconductor Technician
- Software Testing Assistant
- 5G Network Technician
- Nuclear Power Plant Technician
जैसे कई आधुनिक और भविष्य की जरूरतों वाले कोर्स.
रोजगार और उद्योग की जरूरतों पर रहेगा फोकस
सरकार का मानना है कि PM-SETU योजना से ITI केवल प्रशिक्षण संस्थान नहीं रहेंगे, बल्कि उद्योगों के साथ मिलकर कौशल आधारित रोजगार तैयार करने वाले आधुनिक केंद्र बनेंगे.
नई तकनीकों और उद्योग आधारित पाठ्यक्रमों के जरिए युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार किया जाएगा.
FAQs
1. PM-SETU योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत 1,000 सरकारी ITI को आधुनिक सुविधाओं और उद्योग आधारित प्रशिक्षण के साथ अपग्रेड किया जाएगा.
2. PM-SETU योजना का कुल बजट कितना है?
इस योजना का कुल परिव्यय ₹60,000 करोड़ है.
3. देश में वर्तमान में कितने ITI हैं?
सरकार के अनुसार वर्ष 2026 तक देश में 13,856 ITI संचालित हो रहे हैं.
4. ITI में कौन-कौन से नए कोर्स शुरू किए जाएंगे?
Artificial Intelligence, Cyber Security, Drone Technology, Green Hydrogen, Electric Vehicle, Semiconductor, 5G और अन्य आधुनिक तकनीकों से जुड़े कुल 32 नए ट्रेड शुरू किए जाएंगे.
Source: Ministry of Skill Development and Entrepreneurship


