Tamilnadu News: तमिलनाडु सरकार ने राज्य की पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अगले पांच वर्षों में 29,108 नए पुलिस पदों पर भर्ती करने का बड़ा फैसला किया है. मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में गृह विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान यह घोषणा की. सरकार के मुताबिक, इस साल ही 10,000 पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाएगी. इनमें 5,000 पद महिलाओं के लिए होंगे. इस कदम का उद्देश्य पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाना है.
पांच साल में 29,108 नए पुलिस पद
तमिलनाडु में पुलिस विभाग लंबे समय से कर्मचारियों की कमी जैसी चुनौती का सामना कर रहा है. इसे दूर करने के लिए सरकार ने आने वाले पांच वर्षों में कुल 29,108 नए पद सृजित करने का फैसला किया है. इनमें से 10,000 पदों पर नियुक्तियां इसी साल की जाएंगी.
सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने को भी प्राथमिकता दी है. इस साल नियुक्त किए जाने वाले 10,000 पुलिसकर्मियों में आधे यानी 5,000 महिलाएं होंगी. सरकार का लक्ष्य पुलिस बल में महिला कर्मियों की हिस्सेदारी को मौजूदा 22 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी करना है.
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर फोकस
पुलिस भर्ती के साथ सरकार ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कार्रवाई को भी प्राथमिकता दी है. इसके लिए सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स में आवश्यक पदों को भरने की योजना है. यह बल महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम और उनसे जुड़े मामलों पर काम करता है.
इसके अलावा नशीले पदार्थों की तस्करी और इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए एंटी-नारकोटिक्स फोर्स को भी मजबूत किया जाएगा. सरकार का जोर कानून-व्यवस्था के साथ महिलाओं, बच्चों और युवाओं की सुरक्षा पर है.
ड्यूटी में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवार को ज्यादा मदद
सरकार ने ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाने की भी घोषणा की है. एक्स-ग्रेशिया राशि को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये किया जाएगा.
वहीं, बहादुरी के साथ ड्यूटी निभाते हुए जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की सहायता देने का ऐलान किया गया है. सरकार के इस फैसले से ड्यूटी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है.
पुलिस आधुनिकीकरण पर 212 करोड़ रुपये खर्च
तमिलनाडु पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए सरकार 212 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इस राशि से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिजिटल फोरेंसिक, रियल टाइम सर्विलांस, आधुनिक संचार प्रणाली और कमांड सेंटर जैसी सुविधाओं को विकसित किया जाएगा.
इन तकनीकी संसाधनों का उद्देश्य पुलिस की जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना और अपराध से जुड़े मामलों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना है.
थानों के आकस्मिक खर्च का बजट बढ़ेगा
सरकार ने पुलिस थानों के रोजमर्रा के आकस्मिक खर्च के लिए मिलने वाली राशि में भी बढ़ोतरी की है. अलग-अलग श्रेणी के पुलिस स्टेशनों को अब 30,000, 40,000 और 50,000 रुपये मिलेंगे. पहले यह राशि क्रमशः 3,750, 6,000 और 8,250 रुपये थी.
इस बढ़ोतरी से थानों को जरूरी छोटे-मोटे खर्चों और दैनिक आवश्यकताओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय सुविधा मिल सकेगी.
ड्रग फ्री गांवों को मिलेगा 10 लाख का पुरस्कार
नशे के खिलाफ अभियान में ग्राम पंचायतों को भी सक्रिय रूप से जोड़ने की योजना बनाई गई है. हर साल ऐसी 50 ग्राम पंचायतों को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा, जो अपने क्षेत्र में नशीली दवाओं के इस्तेमाल पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सफल रहेंगी.
‘धर्म पूछा, फिर पीटा’… दो महिला पत्रकारों का दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप, सामने आए चोट के वीडियो
तमिलनाडु सरकार के इन फैसलों में पुलिस बल बढ़ाने के साथ तकनीकी आधुनिकीकरण, महिला भागीदारी, पुलिसकर्मियों के परिवारों की आर्थिक सुरक्षा और नशे के खिलाफ अभियान पर विशेष जोर दिया गया है. अगले पांच वर्षों में 29,108 नए पदों की भर्ती से पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है.


