भारतीय रेलवे ने रेल विद्युतीकरण (Railway Electrification) के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. रेलवे मंत्रालय के अनुसार, देश का 99.6 प्रतिशत ब्रॉड गेज (Broad Gauge) रेल नेटवर्क अब विद्युतीकृत हो चुका है. इस उपलब्धि के साथ भारत दुनिया के सबसे अधिक विद्युतीकृत बड़े रेल नेटवर्क वाले देशों में शामिल हो गया है और स्विट्जरलैंड (100%) के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है.
रेल मंत्रालय ने बताया कि शेष रेल मार्गों पर भी तेजी से विद्युतीकरण का कार्य जारी है, जबकि सभी नई रेल लाइनों और मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं का निर्माण शुरू से ही विद्युतीकरण के साथ किया जा रहा है.
2014 के बाद रिकॉर्ड गति से हुआ विद्युतीकरण
रेल मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2014 से 2026 के बीच भारतीय रेलवे ने 48,072 रूट किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण किया. इसके मुकाबले वर्ष 2014 से पहले लगभग 60 वर्षों में 21,801 रूट किलोमीटर रेल मार्ग का ही विद्युतीकरण हुआ था.
रेल मंत्रालय का कहना है कि यह दुनिया के सबसे तेज रेलवे विद्युतीकरण अभियानों में से एक है.
दुनिया के प्रमुख देशों में भारत दूसरे स्थान पर
अंतरराष्ट्रीय रेलवे संघ (UIC) की जून 2025 की रिपोर्ट के अनुसार प्रमुख देशों में रेलवे विद्युतीकरण की स्थिति इस प्रकार है:
- स्विट्जरलैंड – 100%
- भारत – 99.6%
- चीन – 82%
- स्पेन – 67%
- जापान – 64%
- फ्रांस – 60%
- यूनाइटेड किंगडम – 39%
इन आंकड़ों के आधार पर भारत अब दुनिया के सबसे व्यापक रूप से विद्युतीकृत बड़े रेलवे नेटवर्क वाले देशों में शामिल है.
डीजल की खपत में भारी कमी
रेलवे के विद्युतीकरण का असर ईंधन की खपत पर भी दिखाई दिया है.
- 2015-16 में ट्रैक्शन के लिए डीजल की खपत: 293 करोड़ लीटर
- 2024-25 में ट्रैक्शन के लिए डीजल की खपत: 108 करोड़ लीटर
इस तरह भारतीय रेलवे ने 185 करोड़ लीटर डीजल की बचत की है. इससे ईंधन आयात पर होने वाला विदेशी मुद्रा खर्च भी कम हुआ है.
सड़क परिवहन की तुलना में 89% कम कार्बन उत्सर्जन
रेल मंत्रालय ने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि रेल परिवहन पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल है.
- सड़क मार्ग: 1 टन माल को 1 किलोमीटर ले जाने पर लगभग 101 ग्राम CO₂ उत्सर्जन.
- रेल मार्ग: केवल 11.5 ग्राम CO₂ उत्सर्जन.
यानी रेल परिवहन से सड़क की तुलना में लगभग 89 प्रतिशत कम कार्बन उत्सर्जन होता है.
नवीकरणीय ऊर्जा पर बढ़ रहा रेलवे का फोकस
भारतीय रेलवे अपने परिचालन को और अधिक हरित (Green) बनाने के लिए सौर और पवन ऊर्जा का भी उपयोग बढ़ा रहा है.
जून 2026 तक रेलवे ने:
- 1,161 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की.
- 103 मेगावाट पवन ऊर्जा क्षमता चालू की.
कुल मिलाकर रेलवे के पास 1,264 मेगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता उपलब्ध है, जिसका उपयोग कम-कार्बन परिचालन को बढ़ावा देने में किया जा रहा है.
अधिकांश रेलवे जोन और कई राज्यों में 100% विद्युतीकरण
रेल मंत्रालय के अनुसार, सेंट्रल, ईस्टर्न, नॉर्दर्न, वेस्टर्न, साउथ सेंट्रल, ईस्ट कोस्ट, नॉर्थ सेंट्रल समेत अधिकांश रेलवे जोन में 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है.
वहीं आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा सहित कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में रेलवे नेटवर्क पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुका है.
Source: Ministry of Railways


