Multani Mitti Benefits: गर्मियों और तेज धूप में लंबे समय तक रहने से त्वचा पर टैनिंग होना आम बात है. चेहरे, हाथ, गर्दन और पैरों की त्वचा का रंग गहरा पड़ जाता है, जिससे स्किन बेजान और असमान दिखने लगती है. ऐसे में कई लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की बजाय घरेलू उपाय अपनाना पसंद करते हैं. इन्हीं में से एक है मुल्तानी मिट्टी, जिसका इस्तेमाल वर्षों से त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता रहा है.
मुल्तानी मिट्टी त्वचा से अतिरिक्त तेल, गंदगी और मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करती है. हालांकि यह टैनिंग को रातों रात खत्म नहीं करती, लेकिन नियमित और सही तरीके से उपयोग करने पर त्वचा साफ, ताजा और निखरी हुई दिख सकती है. अगर टैनिंग लंबे समय से बनी हुई है या त्वचा में कोई समस्या है, तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है.
टैनिंग कम करने में कैसे मदद करती है मुल्तानी मिट्टी?
मुल्तानी मिट्टी त्वचा को ठंडक पहुंचाती है और अतिरिक्त ऑयल को सोखने में मदद करती है. जब इसे दही, एलोवेरा जेल, गुलाब जल या टमाटर के रस जैसी सामान्य घरेलू चीजों के साथ मिलाकर लगाया जाता है, तो त्वचा की सफाई बेहतर होती है और टैन हुई त्वचा धीरे धीरे सामान्य रंगत की ओर लौट सकती है. नियमित स्किन केयर और धूप से बचाव के साथ इसका असर अधिक बेहतर दिखाई देता है.
मुल्तानी मिट्टी लगाने के 5 आसान तरीके
मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल
दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी में जरूरत अनुसार गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें. इसे चेहरे या टैन हुई त्वचा पर 15 मिनट तक लगाएं. सूखने के बाद सामान्य पानी से धो लें.
मुल्तानी मिट्टी और दही
दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी में एक चम्मच दही मिलाएं. यह मिश्रण टैनिंग के साथ त्वचा को नमी देने में भी मदद कर सकता है. इसे 15 से 20 मिनट तक लगाकर धो लें.
मुल्तानी मिट्टी और एलोवेरा जेल
एक चम्मच एलोवेरा जेल और दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी मिलाकर पेस्ट तैयार करें. संवेदनशील त्वचा वाले लोग भी पैच टेस्ट के बाद इसका उपयोग कर सकते हैं.
मुल्तानी मिट्टी और टमाटर का रस
टमाटर के रस में मुल्तानी मिट्टी मिलाकर पेस्ट बनाएं और 10 से 15 मिनट तक लगाएं. यदि जलन महसूस हो तो तुरंत धो दें.
मुल्तानी मिट्टी, शहद और गुलाब जल
रूखी त्वचा वालों के लिए दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी में एक चम्मच शहद और थोड़ा गुलाब जल मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इससे त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है.
सप्ताह में कितनी बार करें इस्तेमाल?
सामान्य या तैलीय त्वचा वाले लोग सप्ताह में 2 बार मुल्तानी मिट्टी का उपयोग कर सकते हैं. यदि आपकी त्वचा रूखी है, तो सप्ताह में 1 बार पर्याप्त माना जाता है. जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने पर त्वचा में रूखापन आ सकता है.
मुल्तानी मिट्टी लगाने के बाद क्या करें?
फेस पैक धोने के बाद हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं. दिन के समय बाहर निकलने से पहले कम से कम SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन लगाएं. यही आदत दोबारा टैनिंग होने से बचाने में सबसे अधिक मदद करती है.
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
यदि आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है, किसी प्रकार की एलर्जी, एक्जिमा, घाव या त्वचा संक्रमण है, तो मुल्तानी मिट्टी लगाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें. पहली बार उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट करना भी अच्छा विकल्प है.
मुल्तानी मिट्टी त्वचा की सफाई और अतिरिक्त तेल हटाने में मदद करने वाला एक पारंपरिक घरेलू उपाय है. सही तरीके से और नियमित उपयोग के साथ यह टैनिंग की वजह से बेजान दिखने वाली त्वचा की रंगत बेहतर करने में सहायक हो सकती है. हालांकि इसका असर व्यक्ति की त्वचा, धूप के संपर्क और स्किन केयर रूटीन पर भी निर्भर करता है. स्वस्थ त्वचा के लिए सनस्क्रीन, पर्याप्त पानी और संतुलित आहार भी उतने ही जरूरी हैं.
सोर्स: American Academy of Dermatology (AAD), Mayo Clinic, Cleveland Clinic. (घरेलू उपायों के परिणाम व्यक्ति की त्वचा के अनुसार अलग हो सकते हैं.)


