Crocs Footwear Safety: क्रॉक्स बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय फुटवियर हैं. इन्हें पहनना आसान होता है, वजन हल्का होता है और साफ करना भी सुविधाजनक रहता है. यही वजह है कि माता-पिता अक्सर छोटे बच्चों के लिए भी क्रॉक्स खरीद लेते हैं. लेकिन छोटे बच्चों के मामले में सिर्फ आराम और सुविधा देखकर जूते चुनना सही नहीं माना जाता. बच्चे के पैरों का विकास जारी रहता है और इस उम्र में जूते का सही फिट, पकड़ और स्थिरता काफी महत्वपूर्ण होती है.
इसका मतलब यह नहीं है कि क्रॉक्स हर बच्चे के लिए खतरनाक हैं या उन्हें पूरी तरह पहनाना बंद कर देना चाहिए. असली बात यह है कि किस उम्र के बच्चे को, किस जगह और कितनी देर के लिए क्रॉक्स पहनाए जा रहे हैं.
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ढीले क्रॉक्स से बढ़ सकता है फिसलने का खतरा
छोटे बच्चों के पैरों का आकार तेजी से बदलता है. अगर क्रॉक्स बच्चे के पैर से ढीले हैं या पैर के आगे-पीछे ज्यादा जगह बच रही है, तो चलते और दौड़ते समय जूता पैर के साथ सही तरह से नहीं रह सकता. इससे बच्चा ठोकर खा सकता है या असंतुलित होकर गिर सकता है.
खासकर खेलते समय यह समस्या ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है. छोटे बच्चे अचानक दौड़ते हैं, दिशा बदलते हैं और सीढ़ियों पर चढ़ते-उतरते हैं. ऐसे समय में पैर को अच्छी तरह पकड़ने वाला फुटवियर ज्यादा उपयोगी हो सकता है.
दौड़ने और खेलने के दौरान बरतें ज्यादा सावधानी
क्रॉक्स का डिजाइन मुख्य रूप से सुविधा और आराम को ध्यान में रखता है. लेकिन हर गतिविधि के लिए एक ही तरह का जूता उपयुक्त नहीं होता. अगर बच्चा पार्क में दौड़ रहा है, खेलकूद कर रहा है या ऐसी जगह है जहां उसे तेजी से चलना-भागना है, तो अच्छी फिटिंग और पर्याप्त सपोर्ट वाले जूते बेहतर विकल्प हो सकते हैं.
माता-पिता को यह भी देखना चाहिए कि जूते का तलवा घिसा हुआ तो नहीं है. पुराना या घिसा हुआ सोल सतह पर पकड़ कम कर सकता है.
सीढ़ियों और एस्केलेटर पर खास ध्यान
छोटे बच्चों के साथ सीढ़ियों या एस्केलेटर पर किसी भी ढीले फुटवियर को लेकर सावधानी जरूरी है. क्रॉक्स का अपेक्षाकृत ढीला फिट और नरम निर्माण कुछ परिस्थितियों में बच्चे के पैर की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है.
एस्केलेटर पर बच्चों को हमेशा माता-पिता की निगरानी में रखना चाहिए. जूते या पैर का किनारा चलती सीढ़ियों के किनारे के बहुत करीब नहीं जाना चाहिए.
बढ़ते पैरों के लिए सही फिट जरूरी
बच्चों के पैरों के विकास के दौरान जूते न तो बहुत तंग होने चाहिए और न ही जरूरत से ज्यादा ढीले. बहुत तंग फुटवियर उंगलियों पर दबाव डाल सकता है, जबकि बहुत ढीले जूते चलते समय पैर को पर्याप्त स्थिरता नहीं दे पाते.
इसलिए सिर्फ जूते का नंबर देखकर खरीदने के बजाय बच्चे को पहनाकर उसका फिट देखना बेहतर है. बच्चे के पैर की लंबाई, चौड़ाई और जूते के अंदर पैर की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए.
क्या क्रॉक्स पूरी तरह बंद कर देने चाहिए?
ऐसा कहना सही नहीं होगा. अगर क्रॉक्स बच्चे के पैर में सही फिट हैं, बच्चा आराम से चल पा रहा है और उनका इस्तेमाल सुरक्षित परिस्थितियों में किया जा रहा है, तो कभी-कभार इन्हें पहना जा सकता है. समस्या तब हो सकती है जब बच्चे को हर गतिविधि, खासकर दौड़ने और सक्रिय खेलों के दौरान, सिर्फ क्रॉक्स ही पहनाए जाएं.
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छोटे बच्चों के लिए फुटवियर चुनते समय सही फिट, पैर की स्थिरता, तलवे की पकड़ और गतिविधि के अनुसार जूते का चुनाव सबसे महत्वपूर्ण है. माता-पिता को बच्चे के जूते समय-समय पर जांचते रहना चाहिए, क्योंकि बढ़ते पैरों के साथ पुराना आकार जल्दी छोटा या अनुपयुक्त हो सकता है.
क्रॉक्स को लेकर डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन छोटे बच्चों के लिए इन्हें हर समय पहनाना भी जरूरी नहीं. रोजमर्रा के इस्तेमाल, खेलकूद और अलग-अलग परिस्थितियों के लिए बच्चे की उम्र और गतिविधि के अनुसार सही फुटवियर चुनना ज्यादा समझदारी है.


