Lubricants for physical intimacy: फिजिकल रिलेशन के दौरान अगर पर्याप्त प्राकृतिक नमी नहीं है, तो घर्षण की वजह से असहजता या दर्द हो सकता है. ऐसी स्थिति में लुब्रिकेंट मददगार हो सकता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि घर में मौजूद कोई भी चिकनी या फिसलन वाली चीज लुब्रिकेंट की तरह इस्तेमाल की जा सकती है. कुछ चीजें संवेदनशील त्वचा में जलन पैदा कर सकती हैं और कुछ कंडोम की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं.
लार को लुब्रिकेंट की तरह इस्तेमाल न करें
लुब्रिकेंट उपलब्ध न होने पर कुछ लोग लार का इस्तेमाल करते हैं. यह सुविधाजनक लग सकता है, लेकिन यह लंबे समय तक चिकनाई बनाए रखने वाला विकल्प नहीं है. लार जल्दी सूख सकती है और इससे दोबारा घर्षण बढ़ सकता है.
इसके अलावा मुंह और जननांगों के माइक्रोबायोम अलग होते हैं. इसलिए लार को खास तौर पर बनाए गए इंटिमेट लुब्रिकेंट का विकल्प मानना उचित नहीं है.
नारियल तेल से भी बचें, खासकर लेटेक्स कंडोम के साथ
नारियल तेल त्वचा और बालों की देखभाल में इस्तेमाल होता है, इसलिए कई लोगों को यह लुब्रिकेंट का आसान विकल्प लगता है. लेकिन अगर लेटेक्स कंडोम इस्तेमाल किया जा रहा है, तो नारियल तेल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
तेल आधारित पदार्थ लेटेक्स को कमजोर कर सकते हैं, जिससे कंडोम के फटने की संभावना बढ़ सकती है. Planned Parenthood भी नारियल तेल समेत तेल आधारित चीजों को लेटेक्स कंडोम के साथ इस्तेमाल न करने की सलाह देता है.
पेट्रोलियम जेली यानी वैसलीन न लगाएं
पेट्रोलियम जेली त्वचा की रूखापन दूर करने के लिए उपयोगी हो सकती है, लेकिन इसे सेक्स के दौरान लुब्रिकेंट का विकल्प नहीं मानना चाहिए. खासकर लेटेक्स कंडोम के साथ इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
पेट्रोलियम जेली तेल आधारित होती है और लेटेक्स को नुकसान पहुंचा सकती है. इससे कंडोम के टूटने का जोखिम बढ़ सकता है.
बॉडी क्रीम और लोशन से भी दूरी रखें
घर में मौजूद बॉडी लोशन या क्रीम को भी लुब्रिकेंट की जगह इस्तेमाल करना सही नहीं है. इनमें परफ्यूम, प्रिजर्वेटिव या दूसरे ऐसे ingredients हो सकते हैं जो जननांगों की संवेदनशील त्वचा को परेशान कर सकते हैं.
इनके इस्तेमाल के बाद कुछ लोगों को जलन, खुजली या लालिमा जैसी समस्या हो सकती है. इसलिए ऐसी चीजों की जगह विशेष रूप से सेक्स के लिए बनाए गए लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है.
फिर कौन सा लुब्रिकेंट इस्तेमाल करें?
अगर लुब्रिकेंट की जरूरत महसूस होती है, तो water-based या silicone-based lubricant इस्तेमाल किया जा सकता है. लेटेक्स या polyisoprene कंडोम के साथ ये विकल्प उपयुक्त माने जाते हैं. कंडोम के पैकेट और लुब्रिकेंट की पैकेजिंग पर दिए निर्देश जरूर पढ़ें.
लुब्रिकेंट का उद्देश्य घर्षण कम करना है. जरूरत के अनुसार थोड़ी मात्रा से शुरुआत की जा सकती है और आवश्यकता होने पर अधिक लगाया जा सकता है. अगर किसी उत्पाद से जलन, खुजली, दर्द या लालिमा महसूस हो, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें.
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एक जरूरी बात
सिर्फ यह देखकर कि कोई चीज चिकनी है, उसे लुब्रिकेंट के तौर पर इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं माना जा सकता. खासकर कंडोम इस्तेमाल करते समय lubricant और condom की compatibility जांचना जरूरी है. अगर सेक्स के बाद लगातार दर्द, जलन, खुजली, असामान्य डिस्चार्ज या अन्य परेशानी बनी रहती है, तो डॉक्टर या यौन स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है.


