नौकरी, पढ़ाई या किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए जब लोग दूसरे शहर जाते हैं, तो रहने के लिए PG यानी Paying Guest एक आसान विकल्प नजर आता है. PG में घर की तुलना में कम खर्च में कमरा, खाना और कई दूसरी सुविधाएं मिल सकती हैं. लेकिन बिना जांच-पड़ताल के PG लेना बाद में परेशानी का कारण भी बन सकता है. किराया, सिक्योरिटी मनी, सुविधाओं और नियमों को लेकर विवाद से बचने के लिए कुछ जरूरी बातों की पहले ही जांच कर लेना बेहतर है.
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PG लेने से पहले इलाके की करें जांच
सबसे पहले यह देखें कि PG किस इलाके में है. अगर आप नौकरी या पढ़ाई के लिए PG ले रहे हैं तो वहां से ऑफिस, कॉलेज या कोचिंग की दूरी जरूर देखें. आने-जाने के साधन आसानी से मिलते हैं या नहीं, यह भी जांच लें.
इलाके की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है. दिन के साथ शाम के समय भी आसपास का माहौल देखकर फैसला करें. नजदीक में मेडिकल स्टोर, अस्पताल, किराना दुकान और सार्वजनिक परिवहन की सुविधा है या नहीं, इसकी जानकारी लेना भी फायदेमंद रहेगा.
कमरे को देखकर ही करें बुकिंग
सिर्फ ऑनलाइन फोटो देखकर PG बुक करने से बचें. संभव हो तो कमरे को खुद जाकर देखें. कमरे में पर्याप्त रोशनी और हवा आती है या नहीं, खिड़की-दरवाजे ठीक हैं या नहीं और कमरे की साफ-सफाई कैसी है, इन बातों पर ध्यान दें.
बाथरूम की स्थिति भी जरूर देखें. पानी की सप्लाई, गर्म पानी, बिजली और पंखे या AC जैसी सुविधाएं वास्तव में उपलब्ध हैं या नहीं, इसकी पुष्टि पहले कर लें.
किराया और सिक्योरिटी मनी साफ समझें
PG लेते समय सबसे जरूरी बातों में से एक किराया है. मालिक या PG संचालक से साफ पूछें कि हर महीने कितना किराया देना होगा और इसमें कौन-कौन सी सुविधाएं शामिल हैं.
बिजली, पानी, इंटरनेट, खाना, सफाई या दूसरे चार्ज अलग से लिए जाएंगे या किराए में शामिल हैं, यह पहले ही स्पष्ट कर लें. सिक्योरिटी मनी कितनी है और कमरा छोड़ते समय इसे किन शर्तों पर वापस किया जाएगा, इसकी जानकारी भी लिखित रूप में लेना बेहतर है.
खाने और सुविधाओं की पहले जानकारी लें
अगर PG में खाना मिलता है तो खाने का समय, मेन्यू और क्वालिटी के बारे में पहले पूछें. कई जगह नाश्ता या डिनर किराए में शामिल होता है, जबकि कुछ PG में इसके लिए अलग शुल्क लिया जाता है.
Wi-Fi, बिजली बैकअप, कपड़े धोने की सुविधा, हाउसकीपिंग और पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं तो उनकी शर्तें भी समझ लें. केवल विज्ञापन में लिखी सुविधा को देखकर भरोसा न करें.
PG के नियम जरूर पढ़ें
हर PG के अपने नियम हो सकते हैं. इसलिए कमरा लेने से पहले पूछें कि बाहर आने-जाने का समय क्या है, मेहमानों को बुलाने की अनुमति है या नहीं और कमरे में खाना बनाने जैसी कोई पाबंदी है या नहीं.
कुछ PG में नोटिस पीरियड भी होता है. यानी कमरा खाली करने से पहले संचालक को कुछ दिन या महीने पहले सूचना देनी पड़ सकती है. इस नियम को पहले समझना जरूरी है.
एग्रीमेंट और रसीद लेना न भूलें
PG में रहने से पहले किराए और सिक्योरिटी से जुड़ी शर्तों को लिखित रूप में लेना सुरक्षित रहता है. भुगतान करने पर रसीद या डिजिटल भुगतान का रिकॉर्ड जरूर रखें.
एग्रीमेंट या लिखित शर्तों में किराया, सिक्योरिटी मनी, नोटिस पीरियड, सुविधाएं और अन्य शुल्क जैसी जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए. इससे भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में आपके पास रिकॉर्ड रहेगा.
दूसरे लोगों से भी लें फीडबैक
PG में रहने वाले मौजूदा या पुराने लोगों से बात करने पर आपको वास्तविक स्थिति का पता चल सकता है. उनसे पूछें कि खाना कैसा है, पानी और बिजली की समस्या तो नहीं होती, मालिक का व्यवहार कैसा है और सिक्योरिटी मनी वापस करने में कोई परेशानी तो नहीं होती.
किसी भी PG को सिर्फ कम किराए की वजह से तुरंत फाइनल न करें. सुरक्षित जगह, साफ कमरा, पारदर्शी नियम और सुविधाएं भी उतनी ही जरूरी हैं.
PG लेते समय जल्दबाजी करने के बजाय किराया, सिक्योरिटी मनी, सुविधाएं, सुरक्षा, नियम और एग्रीमेंट की अच्छी तरह जांच करें. कमरे को खुद देखकर और आसपास रहने वाले लोगों से जानकारी लेकर फैसला करना ज्यादा सुरक्षित तरीका है. छोटी-छोटी बातों की पहले जांच कर लेने से बाद में होने वाली कई परेशानियों से बचा जा सकता है.
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