Rajasthan Weather Update 4 September 2026: राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की स्थिति में है. मौसम केंद्र जयपुर की ओर से जारी दैनिक मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार 4 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. वहीं कोटा संभाग और आसपास के कुछ जिलों में भारी बारिश का खतरा जताया गया है. पश्चिमी राजस्थान के भी कुछ इलाकों में बारिश और मेघगर्जन की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
4 सितंबर को कहां-कहां बारिश की संभावना
मौसम केंद्र के अनुसार 4 से 7 सितंबर के दौरान भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 4 और 5 सितंबर को कोटा संभाग और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान में भी 4 से 6 सितंबर के दौरान बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, नागौर और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं.
इन जिलों में मौसम विभाग की चेतावनी
4 सितंबर के लिए मौसम केंद्र जयपुर ने कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 KMPH की झोंकेदार तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है. वहीं कुछ जिलों में इसके साथ भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है.
| चेतावनी | 4 सितंबर के जिले |
|---|---|
| भारी बारिश + मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 KMPH तेज हवाएं | बारां, बूंदी, धौलपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, सवाई माधोपुर, टोंक |
| मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 KMPH तेज हवाएं | अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, जयपुर, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सीकर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर, श्रीगंगानगर |
डूंगरपुर, सलूम्बर, सिरोही, उदयपुर, बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, पाली और फलौदी के लिए 4 सितंबर को कोई चेतावनी दर्ज नहीं है.
बारिश के पीछे क्या है वजह
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना Well Marked Low Pressure Area 3 सितंबर को भी इसी क्षेत्र में मौजूद था. इससे जुड़ा cyclonic circulation समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है और अगले 24 घंटे में इसके दक्षिण उत्तर प्रदेश तथा आसपास के उत्तर मध्य प्रदेश से होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है. इसके अलावा मानसून ट्रफ भी श्रीगंगानगर समेत कई क्षेत्रों से होकर गुजर रही है.
राजस्थान में बारिश का असर
भारी बारिश वाले जिलों में स्थानीय स्तर पर जलभराव, निचले इलाकों में पानी जमा होने और आवाजाही प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं. तेज हवाओं के दौरान पेड़ या कमजोर संरचनाएं प्रभावित हो सकती हैं. वज्रपात के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास रहना जोखिम भरा हो सकता है.
किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की चेतावनी पर नजर रखनी चाहिए. वाहन चालकों को तेज बारिश और कम दृश्यता की स्थिति में गति नियंत्रित रखने की जरूरत होगी.
किन बातों का रखें ध्यान
मेघगर्जन या बिजली चमकने के दौरान खुले स्थान पर खड़े होने से बचें. खेत या खुले मैदान में हों तो सुरक्षित पक्के स्थान की ओर जाएं. तेज हवाओं के समय पेड़, होर्डिंग और कमजोर निर्माण वाली जगहों से दूरी रखें. भारी बारिश वाले जिलों में जलभराव वाले रास्तों से निकलने से बचना बेहतर रहेगा. स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनी को प्राथमिकता दें.
आगामी दिनों में कैसा रहेगा मौसम
मौसम केंद्र के मुताबिक 3 से 7 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान में मानसून के फिर सक्रिय होने की प्रबल संभावना है. 4 से 7 सितंबर के दौरान कई संभागों में बारिश जारी रह सकती है. 8 सितंबर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में फिर कमी आने की प्रबल संभावना जताई गई है.
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम केंद्र जयपुर
FAQ
1. 4 सितंबर को राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
4 सितंबर को कोटा संभाग और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है. बारां, बूंदी, धौलपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, सवाई माधोपुर और टोंक में भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 KMPH की तेज झोंकेदार हवाओं की चेतावनी है.
2. क्या जयपुर में 4 सितंबर को बारिश होगी?
हां. जयपुर जिले के लिए 4 सितंबर को मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 KMPH की झोंकेदार तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
3. क्या पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश का असर रहेगा?
हां. 4 सितंबर को चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 KMPH की तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है.
4. बिजली चमकने के दौरान सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें और संभव हो तो सुरक्षित पक्के स्थान पर रहें.
5. राजस्थान में बारिश कब कम होने की संभावना है?
मौसम केंद्र के अनुसार 8 सितंबर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की प्रबल संभावना है.


