Weather Update 4 September 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के फोरकास्ट बुलेटिन के मुताबिक, 4 सितंबर से मध्य भारत, उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है. कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, गरज-चमक और तेज हवाओं के कारण लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी. खास बात यह है कि IMD ने 4 सितंबर के लिए कुछ जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान लो से मॉडरेट फ्लैश फ्लड रिस्क भी बताया है.
4 सितंबर को कहां-कहां भारी बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार 4 सितंबर यानी शुक्रवार को मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
इस दौरान बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तेलंगाना तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में कुछ जगहों पर 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ गरज और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है. आंध्र प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में हवा की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है.
इन जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
IMD के फ्लैश फ्लड रिस्क बुलेटिन के अनुसार, 4 सितंबर को कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में लो से मॉडरेट फ्लैश फ्लड रिस्क की संभावना है. इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महोबा, हमीरपुर और ललितपुर जिले, पूर्वी मध्य प्रदेश के छतरपुर, पन्ना, सतना, टीकमगढ़, दमोह और सागर जिले, पश्चिमी मध्य प्रदेश के गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा और रायसेन जिले तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के बांदा और चित्रकूट जिले शामिल हैं.
इन क्षेत्रों में भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने, स्थानीय बाढ़ और आवागमन प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं. इसलिए इन जिलों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी है.
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा मौसम गतिविधि
मध्य प्रदेश 4 सितंबर के मौसम में खास तौर पर महत्वपूर्ण रहेगा. IMD ने पूरे मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. मौसम विभाग के विश्लेषण के मुताबिक 3 सितंबर को पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना Well Marked Low Pressure Area उसी क्षेत्र में कायम था और इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला था. इसके अगले दो दिनों तक लगभग एक ही क्षेत्र में बने रहने की संभावना जताई गई है.
इसी सिस्टम के कारण मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां आगे भी बनी रह सकती हैं. 4 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश दोनों क्षेत्रों में बारिश की संभावना है और आगे भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है.
उत्तर भारत में भी बारिश का असर
उत्तर भारत में 4 सितंबर को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है. IMD ने 4 सितंबर को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना बताई है. उत्तराखंड में 3 से 9 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की गतिविधि जारी रह सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना भी दर्ज की गई है.
बिहार में 4 और 5 सितंबर को बारिश का जोर
बिहार में 4 और 5 सितंबर को काफी व्यापक बारिश की संभावना है. IMD ने 4 सितंबर को बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है. साथ ही गरज, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है. 5 सितंबर को भी बिहार में भारी बारिश के साथ गरज और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी.
पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में भी सक्रिय रहेगा मानसून
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 सितंबर को बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी मौसम सक्रिय रह सकता है.
4 सितंबर का मौसम एक नजर में
| क्षेत्र | 4 सितंबर का पूर्वानुमान |
|---|---|
| मध्य प्रदेश | भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना |
| बिहार | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश, गरज और तेज हवाएं |
| उत्तर प्रदेश | भारी बारिश, खासकर पश्चिमी हिस्सों में |
| राजस्थान | पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश और गरज-चमक |
| उत्तराखंड | भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना |
| पंजाब, हरियाणा, दिल्ली | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| हिमाचल प्रदेश | भारी बारिश |
| जम्मू-कश्मीर-लद्दाख | भारी बारिश |
| पूर्वोत्तर भारत | कई हिस्सों में बारिश, कुछ जगह भारी बारिश |
| पश्चिम बंगाल-सिक्किम | बारिश का दौर जारी |
बारिश का आम लोगों और यातायात पर क्या असर पड़ सकता है
मौसम विभाग के अनुसार भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं. कमजोर मकानों, झोपड़ियों, दीवारों और सड़कों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है. निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़, भूस्खलन और मिट्टी खिसकने जैसी स्थिति बन सकती है. तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है और भारी बारिश तथा तेज हवाओं का असर रेल यातायात पर भी पड़ सकता है.
लोगों को किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए
बारिश या आंधी के दौरान खुले मैदान, जलाशय और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें. बिजली गिरने की आशंका हो तो सुरक्षित इमारत में शरण लें. IMD ने बिजली की स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक और बिजली के उपकरणों को unplug करने, पानी से बाहर निकलने और बिजली प्रवाहित करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है. मौसम बिगड़ने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहें.
फ्लैश फ्लड रिस्क वाले जिलों में लोग नदी, नाले, पुलिया और जलभराव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश न करें. खासकर महोबा, हमीरपुर, ललितपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, टीकमगढ़, दमोह, सागर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, बांदा और चित्रकूट में स्थानीय जलभराव संबंधी स्थिति पर नजर रखना जरूरी है. इन जिलों के लिए IMD ने अगले 24 घंटे में लो से मॉडरेट फ्लैश फ्लड रिस्क की संभावना जताई है.
किसानों के लिए भी जरूरी सलाह
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है. बिहार के लिए IMD ने खड़ी फसलों में उचित जलनिकासी रखने और अत्यधिक गीली स्थिति में खेत संबंधी काम से बचने की सलाह दी है. उत्तर प्रदेश में भी खेतों में जलनिकासी सुनिश्चित करने तथा बारिश के दौरान सिंचाई, खाद और पौध संरक्षण संबंधी गतिविधियां टालने की सलाह दी गई है. मध्य प्रदेश में सोयाबीन, कपास, मक्का और गन्ने के खेतों में जलभराव रोकने के लिए निकासी व्यवस्था बनाए रखने की सलाह है.
5 सितंबर तक भी बारिश से राहत के संकेत कम
IMD के सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 5 सितंबर को भी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. बिहार, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है. इसके बाद 6 और 7 सितंबर को भी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है.
FAQ
1. क्या 4 सितंबर को पूरे देश में बारिश होगी?
नहीं. IMD के पूर्वानुमान में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए बारिश की अलग-अलग तीव्रता बताई गई है और देश के सभी हिस्सों में समान मौसम रहने की बात नहीं कही गई है.
2. 4 सितंबर को सबसे ज्यादा चिंता किन क्षेत्रों में है?
मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा कई उत्तर भारतीय, पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
3. किन जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा बताया गया है?
महोबा, हमीरपुर, ललितपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, टीकमगढ़, दमोह, सागर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, बांदा और चित्रकूट में लो से मॉडरेट फ्लैश फ्लड रिस्क बताया गया है.
4. क्या बारिश के साथ तेज हवा भी चल सकती है?
हां. बिहार समेत कई जगहों पर 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज और बिजली की संभावना है, जबकि आंध्र प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाओं की संभावना बताई गई है.
5. बारिश और बिजली से बचने के लिए सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
बिजली चमकने के दौरान खुले स्थान, पानी और पेड़ों से दूर रहें तथा सुरक्षित भवन में शरण लें. मौसम खराब होने पर स्थानीय प्रशासन और IMD के अपडेट को प्राथमिकता दें.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD).


