Aaj ka Mausam 1 October 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की वापसी का दौर जारी है, लेकिन दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के 30 सितंबर 2026 को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक 1 अक्टूबर, गुरुवार को कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है. कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है.
IMD के मुताबिक 1 अक्टूबर को Coastal Karnataka, Kerala & Mahe, Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura, South Interior Karnataka तथा Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
दक्षिण भारत में बारिश का ज्यादा असर
1 अक्टूबर को दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है. Coastal Karnataka और South Interior Karnataka में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. Kerala & Mahe में 1 से 6 अक्टूबर के दौरान काफी व्यापक से व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि Coastal Karnataka में 1 और 2 अक्टूबर को fairly widespread to widespread rainfall हो सकती है.
Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal में 1 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. Kerala & Mahe में भी 1 और 2 अक्टूबर को गरज, बिजली और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है.
इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी
IMD ने 1 अक्टूबर के लिए अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना इन क्षेत्रों में जताई है:
- Coastal Karnataka
- Kerala & Mahe
- Nagaland
- Manipur
- Mizoram & Tripura
- South Interior Karnataka
- Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal
इन इलाकों में स्थानीय स्तर पर जलभराव और आवागमन में परेशानी जैसी स्थितियां बन सकती हैं, खासकर उन जगहों पर जहां कम समय में ज्यादा बारिश होती है. IMD ने भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है.
पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश और बिजली का असर
पूर्वोत्तर भारत में 1 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. Arunachal Pradesh और Assam & Meghalaya में 30 सितंबर से 6 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का अनुमान है. Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura में 1 से 6 अक्टूबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है.
1 अक्टूबर को Arunachal Pradesh, Assam & Meghalaya तथा Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura में अलग-अलग स्थानों पर गरज और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है. Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura में 1 अक्टूबर को भारी बारिश भी हो सकती है.
आंधी और तेज हवाओं का भी अलर्ट
1 अक्टूबर को Coastal Andhra Pradesh, Interior Karnataka और Odisha में अलग-अलग स्थानों पर गरज, बिजली और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. Kerala & Mahe, Rayalaseema तथा Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ आंधी की संभावना है. Andhra Pradesh में अलग-अलग स्थानों पर तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं.
ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर रहने, पेड़ के नीचे खड़े होने और बिजली के उपकरणों के संपर्क में रहने से बचना जरूरी है. IMD ने भी बिजली गिरने की आशंका में सुरक्षित स्थान पर जाने और पानी के स्रोतों से दूर रहने की सलाह दी है.
बिहार से लेकर झारखंड तक क्या रहेगा मौसम का हाल
बिहार में 1 अक्टूबर को बारिश की संभावना सीमित रहेगी. IMD के 7 दिन के बारिश पूर्वानुमान में 1 और 2 अक्टूबर को बिहार के लिए isolated rainfall दर्ज की गई है, जबकि 3 से 6 अक्टूबर के दौरान फिर अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है. 4 से 6 अक्टूबर के बीच बिहार में गरज, बिजली और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना भी जताई गई है.
झारखंड में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है. इसके बाद 3 से 6 अक्टूबर तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है.
उत्तर भारत में मानसून की वापसी का दौर
उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी जारी है. IMD के अनुसार मानसून की वापसी रेखा 30 सितंबर को Gurdaspur, Chandigarh, Muzaffarnagar, Aligarh, Dholpur, Udaipur, Deesa और Naliya होते हुए आगे तक बनी हुई थी. अगले 2-3 दिनों में Punjab, Haryana, Rajasthan और Uttar Pradesh के शेष हिस्सों के साथ Gujarat, Madhya Pradesh, Jammu & Kashmir, Himachal Pradesh और Uttarakhand के अधिकांश हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है.
1 अक्टूबर को Haryana-Chandigarh-Delhi, Punjab, Himachal Pradesh, West Rajasthan और East Rajasthan के लिए 7 दिन के बारिश पूर्वानुमान में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. West Uttar Pradesh में भी 1 से 6 अक्टूबर तक बारिश नहीं होने का पूर्वानुमान है.
उत्तराखंड में बारिश की संभावना
Uttarakhand में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है. इसके बाद 3 और 4 अक्टूबर को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, जबकि 5 और 6 अक्टूबर को फिर अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है.
मध्य भारत में कहां होगी बारिश
East Madhya Pradesh में 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है. इसके बाद 4 अक्टूबर से मौसम में कमी आने का अनुमान है. Chhattisgarh में 2 से 6 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है. Vidarbha में 30 सितंबर और 5-6 अक्टूबर को बारिश की संभावना है.
महाराष्ट्र और गुजरात का मौसम
Konkan & Goa तथा Madhya Maharashtra में 30 सितंबर से 6 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है. Gujarat Region और Saurashtra & Kutch में 30 सितंबर से 1 अक्टूबर तक बारिश की संभावना है. 1 अक्टूबर के बाद इन दोनों क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है.
2 से 6 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम
2 अक्टूबर को Kerala & Mahe में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. Rayalaseema और Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है.
3 अक्टूबर को Arunachal Pradesh में भारी बारिश की संभावना है, जबकि Rayalaseema और Coastal Andhra Pradesh में आंधी-तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है. 4 अक्टूबर को Arunachal Pradesh और Kerala & Mahe में भारी बारिश की संभावना है. इसी दिन Bihar, Coastal Andhra Pradesh और Telangana में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है. 5 अक्टूबर को Bihar और Telangana तथा 6 अक्टूबर को Bihar में गरज, बिजली और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना है.
मौसम विभाग ने क्या सावधानी बताई
IMD के अनुसार भारी बारिश और तेज हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ उखड़ने, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान होने की स्थिति बन सकती है. कमजोर ढांचों, कच्चे मकानों और सड़कों को भी नुकसान पहुंच सकता है. कुछ निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़ और स्थानीय स्तर पर भूस्खलन जैसी स्थिति बन सकती है. भारी बारिश के दौरान दृश्यता भी कम हो सकती है और सड़क तथा रेल यातायात प्रभावित हो सकता है.
बिजली गिरने की आशंका में पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेनी चाहिए. पानी में मौजूद लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए और बिजली गिरने की स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को unplug करने की सलाह दी गई है.
किसानों के लिए भी जरूरी सलाह
बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है. Coastal Karnataka और South Interior Karnataka में बारिश के दौरान सिंचाई और खेत से जुड़े कुछ कार्यों को टालने तथा तैयार फसल को सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखने की सलाह है. Assam & Meghalaya तथा पूर्वोत्तर के राज्यों में भी अतिरिक्त पानी की निकासी और तैयार फसल को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है.
1 अक्टूबर का देशभर का सार
कुल मिलाकर 1 अक्टूबर को देश का मौसम एक जैसा नहीं रहेगा. उत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में मानसून की वापसी के कारण मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है, जबकि दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी. Coastal Karnataka, Kerala & Mahe, South Interior Karnataka, Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी खास तौर पर महत्वपूर्ण है. आंधी और बिजली वाले क्षेत्रों में स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी रहेगा.
FAQs
1. 1 अक्टूबर को मौसम खराब होने पर सबसे पहले क्या देखना चाहिए?
सबसे पहले अपने इलाके का स्थानीय मौसम अपडेट और चेतावनी देखें. केवल सामान्य राष्ट्रीय पूर्वानुमान के आधार पर यात्रा या बाहर निकलने का फैसला न करें.
2. आंधी के दौरान लोग सबसे ज्यादा कौन सी गलती करते हैं?
कई लोग बारिश रुकने या हल्की होने पर तुरंत बाहर निकल जाते हैं. बिजली और तेज हवाओं का खतरा उस समय भी बना रह सकता है, इसलिए सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर है.
3. भारी बारिश की चेतावनी से घबराने की जरूरत है?
नहीं. चेतावनी का उद्देश्य समय रहते सावधानी बरतने में मदद करना है. अपने इलाके की स्थिति देखते रहें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहें.
4. बिजली चमकने पर पेड़ के नीचे खड़ा होना सुरक्षित क्यों नहीं है?
IMD ने बिजली गिरने की आशंका में पेड़ों के नीचे शरण लेने से साफ तौर पर बचने की सलाह दी है. सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर जाना ज्यादा उचित है.
5. बारिश के दौरान यात्रा करने वालों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
जलभराव वाले रास्तों से बचें, दृश्यता कम होने पर वाहन की गति नियंत्रित रखें और मौसम बिगड़ने पर गैर-जरूरी यात्रा टालने पर विचार करें. भारी बारिश और तेज हवाओं से सड़क व रेल यातायात प्रभावित हो सकता है.


