नई दिल्ली: दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार ने कमर कस ली है. केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ हाईलेवल बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा की. बैठक में सर्दियों से पहले और उसके दौरान उठाए जाने वाले कई बड़े कदमों पर फैसला लिया गया.
बैठक में वाहनों से होने वाले प्रदूषण, सड़क और निर्माण से उड़ने वाली धूल, कचरा और बायोमास जलाने, औद्योगिक प्रदूषण, सार्वजनिक परिवहन और ट्रैफिक हॉटस्पॉट पर विशेष फोकस किया गया.
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37 हॉटस्पॉट पर 10 अक्टूबर तक जनभागीदारी कार्यक्रम
भूपेंद्र यादव ने दिल्ली के चिन्हित 37 प्रदूषण हॉटस्पॉट पर 10 अक्टूबर तक जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए. प्रत्येक हॉटस्पॉट के लिए ठोस एक्शन पॉइंट तैयार किए जाएंगे और उनकी निगरानी की जाएगी.
जनप्रतिनिधि इन इलाकों का दौरा कर प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की जमीनी स्थिति भी देखेंगे. लोगों, RWA, बाजार संगठनों और अन्य हितधारकों को अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया.
‘No PUCC, No Fuel’ होगा लागू
बैठक में ‘No PUCC, No Fuel’ को मिशन मोड में लागू करने का फैसला लिया गया है. इसके तहत दिल्ली के सभी 500 ANPR-enabled पेट्रोल पंपों पर जागरूकता और जांच अभियान चलाया जाएगा. नियमों का पालन नहीं करने वाले पेट्रोल पंपों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
1 नवंबर से पुराने प्रदूषणकारी वाहनों पर रोक
सर्दियों के एक्शन प्लान के तहत 1 नवंबर से दिल्ली में बाहर के राज्यों में रजिस्टर्ड और BS-VI से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है. हालांकि CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को इससे छूट दी जाएगी.
इसके अलावा पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने के लिए प्रोत्साहन बढ़ाने और EV Policy 2026 को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया.
पार्किंग शुल्क होगा दोगुना, WFH पर भी फैसला
सर्दियों के दौरान प्रदूषण बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए कई अतिरिक्त उपाय तय किए गए हैं. इनमें पार्किंग शुल्क दोगुना करना, कार्यालयों के समय में बदलाव और 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम जैसे कदम शामिल हैं.
1 नवंबर से निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध
धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली डिमोलिशन और आउटडोर सिविल कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर रोक रहेगी.
वहीं 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला किया गया है.
कचरा जलाने पर होगी सख्ती
बैठक में कचरा और बायोमास जलाने पर रोक को और मजबूत करने का फैसला हुआ. इसके लिए वार्ड और जिला स्तर पर निगरानी टीमें तैनात की जाएंगी. 15 अक्टूबर तक निगरानी टीमों की तैनाती का लक्ष्य रखा गया है.
दिल्ली सरकार के मुताबिक, मटेरियल रिकवरी एंड सॉर्टिंग सेंटर (MRSM) की संख्या पिछले साल के 76 से बढ़कर 98 हो गई है.
6,840 बसों का बेड़ा, 5,088 ई-बस
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर भी बैठक में जोर दिया गया. दिल्ली की बसों का बेड़ा बढ़कर 6,840 हो गया है, जिसमें 5,088 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं. दिल्ली के सभी 228 मेट्रो स्टेशनों पर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध होने की जानकारी भी बैठक में दी गई.
1 से 10 अक्टूबर तक दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप को अपनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत RWA और जनप्रतिनिधियों के साथ डाउनलोड कैंप भी लगाए जाएंगे.
71 लाख पौधे लगाए गए
दिल्ली सरकार ने बताया कि अब तक 71 लाख पौधारोपण किया जा चुका है. इसके अलावा चिन्हित 434 एकड़ में से 433 एकड़ ब्राउन एरिया को ग्रीन एरिया में बदला जा चुका है.
बैठक में हरित क्षेत्र को बचाने और नए पौधों के सर्वाइवल पर भी जोर दिया गया.
47 से बढ़कर 60 होंगे मॉनिटरिंग स्टेशन
औद्योगिक प्रदूषण पर निगरानी बढ़ाने के लिए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 करने का फैसला किया गया है. प्रदूषण फैलाने वाली गैर-अनुपालन वाली औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई के लिए 334 प्रवर्तन टीमें तैनात की जाएंगी.
इसके अलावा AI आधारित Command and Control Centre को भी ऑपरेशनल किया जाएगा.
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शिकायतों का 72 घंटे में निपटारा
प्रदूषण और उससे जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए SOP के तहत शिकायतों को 72 घंटे के भीतर बंद करने पर जोर दिया गया है. नागरिकों को अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और कूड़ा डंपिंग पॉइंट की जानकारी देने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा.
बैठक में केंद्र और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा CAQM, CPCB, DPCC, MCD, NDMC, DDA, दिल्ली परिवहन विभाग, दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस और PWD के अधिकारी भी मौजूद रहे.


