Hapur Railway Project: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए बड़ी परियोजना प्रस्तावित है. जिले के लालपुर गांव में न्यू हापुड़ रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा. इसके साथ ही गाजियाबाद से हापुड़ होते हुए सीतापुर तक 403 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की योजना है. दो नए रेलवे बाईपास भी बनाए जाएंगे. इन परियोजनाओं पर कुल 14,926 करोड़ रुपये खर्च होने का प्रस्ताव है.
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लालपुर में बनेगा न्यू हापुड़ रेलवे स्टेशन
हापुड़ क्षेत्र के लालपुर गांव में प्रस्तावित न्यू हापुड़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. योजना के तहत स्टेशन पर तीन प्लेटफॉर्म, वेटिंग हॉल, फुट ओवरब्रिज (FOB), पार्किंग एरिया, यात्री शेड और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके अलावा सर्कुलेटिंग एरिया और रेलवे कर्मचारियों के लिए आवास भी बनाए जाएंगे.
नए स्टेशन और अतिरिक्त रेल लाइनों के निर्माण से इस मार्ग की परिचालन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है. इससे यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के संचालन को व्यवस्थित करने के साथ भविष्य में रेल यातायात की बढ़ती मांग को संभालने में भी मदद मिल सकती है.
गाजियाबाद से सीतापुर तक बिछेंगी तीसरी-चौथी रेल लाइन
योजना के तहत गाजियाबाद से हापुड़ होते हुए सीतापुर तक करीब 403 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी. इसके अलावा जिले में दो रेलवे बाईपास प्रस्तावित हैं, जिनकी कुल लंबाई करीब 32 किलोमीटर होगी.
मुरादाबाद रेलवे मंडल के सीनियर डीसीएम महेश यादव के मुताबिक, इन परियोजनाओं के लिए सर्वे कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जा चुकी है. परियोजना के लिए 14,926 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत होने की जानकारी भी दी गई है. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है.
हापुड़ और सिंभावली में बनेंगे दो रेलवे बाईपास
हापुड़ जिले में प्रस्तावित दोनों बाईपास अलग-अलग क्षेत्रों से होकर गुजरेंगे.
पहला बाईपास: हापुड़ क्षेत्र
लंबाई: करीब 19 किलोमीटर
भूमि अधिग्रहण: लगभग 97.53 हेक्टेयर
मार्ग में कस्तला कासमाबाद, अनवरपुर, कांवी, रघुनाथपुर, पूठा हुसैनपुर, सबली, रामपुर, चितौली, अकड़ौली, सादिकपुर, सलाई, गौंदी, सुल्तानपुर, लालपुर, सिमरौली और बाबूगढ़ समेत कई गांव शामिल हैं.
बाईपास शकरपुर तक प्रस्तावित है.
दूसरा बाईपास: सिंभावली क्षेत्र
लंबाई: करीब 13 किलोमीटर
भूमि अधिग्रहण: लगभग 52.83 हेक्टेयर
मार्ग में सिखेड़ा मुरादाबाद, मुरादपुर, वैट, सरूरपुर, अठसैनी, बदरखा, गढ़ बांगर, बढ़ खादर और अल्लाबख्शपुर समेत गांव शामिल हैं.
बाईपास बागड़पुर तक प्रस्तावित है.
दोनों बाईपास के लिए कुल करीब 150.36 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित किए जाने की योजना है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन मार्गों के निर्माण से रेल परिचालन को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिल सकती है.
भूमि अधिग्रहण के बाद आगे बढ़ेगा काम
रेलवे परियोजना के लिए सर्वेक्षण की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजे जाने की जानकारी दी गई है. अब भूमि अधिग्रहण और परियोजना से जुड़ी अगली प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण होंगी.
बाईपास वाले हिस्सों के अलावा अन्य स्थानों पर मौजूदा रेलवे लाइन के किनारे तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की योजना है. हालांकि, निर्माण शुरू होने और पूरा होने की समयसीमा के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है.
यात्रियों और मालगाड़ियों को क्या होगा फायदा?
नई रेल लाइनों, स्टेशन और बाईपास के निर्माण से हापुड़ क्षेत्र में रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है. इससे ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त रेल ढांचा उपलब्ध हो सकता है और भविष्य में यातायात बढ़ने पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है.
न्यू हापुड़ स्टेशन बनने से आसपास के यात्रियों को एक अतिरिक्त रेल सुविधा मिलने की संभावना है. परियोजना का वास्तविक लाभ निर्माण पूरा होने, ट्रेनों के ठहराव और परिचालन योजना पर निर्भर करेगा.
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