Gurugram Global City: हरियाणा के गुरुग्राम में विकसित हो रही ग्लोबल सिटी को विश्वस्तरीय पहचान देने की तैयारी तेज हो गई है. हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) यहां एक वर्ल्ड-क्लास आइकॉनिक टावर बनाने की योजना पर काम कर रहा है. इसके लिए जल्द ही सलाहकार नियुक्त कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराई जाएगी. परियोजना को आधुनिक बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां कारोबार के साथ आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और मनोरंजन की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी.
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ग्लोबल सिटी में बनेगा आइकॉनिक टावर
गुरुग्राम की ग्लोबल सिटी को खास पहचान देने के लिए प्रस्तावित आइकॉनिक टावर को लेकर अलग से योजना तैयार की जाएगी. HSIIDC इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकार नियुक्त करेगा, जो परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा. इस टावर का उद्देश्य ग्लोबल सिटी को आधुनिक शहरी विकास और व्यावसायिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है.
योजना के तहत यहां ऑफिस टावर, रेजिडेंशियल ब्लॉक, खुदरा बाजार, होटल, अस्पताल, स्कूल, विवाह महल और सामुदायिक केंद्र विकसित किए जाने हैं. इससे लोगों को एक ही क्षेत्र में रहने, काम करने और जरूरी सुविधाएं हासिल करने का अवसर मिल सकेगा.
1,003 एकड़ में विकसित हो रही ग्लोबल सिटी
ग्लोबल सिटी को द्वारका एक्सप्रेसवे के किनारे गुरुग्राम के सेक्टर-36, 36बी, 37, 37ए और 37बी में करीब 1,003 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है. यह मिश्रित भूमि उपयोग वाली टाउनशिप होगी, जिसमें आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जगह निर्धारित की जाएगी.
परियोजना के पहले चरण पर करीब 940 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस चरण का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. शेष काम दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
तीन महीने में बुनियादी सुविधाओं पर जोर
HSIIDC बिजली, पानी की आपूर्ति और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को गति देने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर रहा है. इन कार्यों को तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि भूखंडों की ई-नीलामी के दौरान निवेशकों को बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशानी न हो.
परियोजना में सड़क, बिजली, जलापूर्ति और सीवेज सिस्टम जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. पहले चरण का काम पूरा होने के बाद अलग-अलग आकार के भूखंड ई-नीलामी के माध्यम से निजी डेवलपर्स को दिए जाएंगे. व्यावसायिक भूखंडों को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी भी सामने आई है.
दुबई और सिंगापुर की तर्ज पर आधुनिक विकास की तैयारी
HSIIDC के डीजीएम अरुण गर्ग के अनुसार, उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह परियोजना की हर महीने समीक्षा करते हैं. ग्लोबल सिटी को विश्वस्तरीय बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित करना लक्ष्य है.
योजना में दुबई जैसे आधुनिक शहरी विकास मॉडल से सीख लेने और पुरानी शहरी बस्तियों में सामने आने वाली बुनियादी ढांचे की समस्याओं से बचने पर जोर दिया जा रहा है. इसके लिए ग्लोबल सिटी की योजना नए सिरे से तैयार की जा रही है, ताकि सड़क, बिजली, पानी और सीवेज जैसी सुविधाओं को शुरुआत से ही बेहतर ढंग से व्यवस्थित किया जा सके.
एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना
ग्लोबल सिटी परियोजना में करीब एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही पांच लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है. हालांकि, निवेश और रोजगार के ये आंकड़े परियोजना की संभावित क्षमता से जुड़े हैं. वास्तविक परिणाम विकास कार्यों, भूखंडों के आवंटन और निवेशकों की भागीदारी पर निर्भर करेंगे.
अगर परियोजना योजना के अनुसार विकसित होती है, तो गुरुग्राम को एक नए व्यावसायिक और आवासीय केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिल सकती है. आइकॉनिक टावर, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए ग्लोबल सिटी को शहर की नई पहचान बनाने की तैयारी है.
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