Aaj ka Mausam 16 October 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 15 अक्टूबर 2026 को रात 8:30 बजे जारी अखिल भारतीय मौसम बुलेटिन के अनुसार, 16 अक्टूबर से देश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने का अनुमान है. वहीं, उत्तर भारत के कुछ इलाकों में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग के अनुसार, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. दूसरी ओर, पश्चिमी, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव का अनुमान नहीं जताया गया है.
16 अक्टूबर को कहां होगी बारिश?
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 अक्टूबर को दक्षिण भारत में बारिश का असर प्रमुख रूप से देखने को मिल सकता है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. केरल और माहे, तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है.
इसके अलावा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु और उत्तराखंड के कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है.
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
दक्षिण भारत में 21 अक्टूबर तक बारिश के आसार
दक्षिण भारत में अगले कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 15 से 19 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है. 17 से 21 अक्टूबर के दौरान इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान भी है.
केरल और माहे में 15 से 21 अक्टूबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. यहां 16 से 21 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. तटीय कर्नाटक में 16 और 17 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है, जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 17 से 21 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है.
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और यानम में 18 से 20 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है. रायलसीमा में भी 16 से 20 अक्टूबर के बीच बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. तेलंगाना में 15 से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है.
दिल्ली, यूपी और उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर भारत में 16 अक्टूबर को कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. हिमाचल प्रदेश में 16 और 17 अक्टूबर, जबकि उत्तराखंड में 16 से 18 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 15 और 16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है. 16 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. झोंकों के दौरान हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है.
मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, 17 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश और 18 अक्टूबर तक उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बारिश की संभावना बनी रह सकती है. इसके बाद इन क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है.
मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम का हाल
IMD के बुलेटिन में पश्चिमी, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है. हालांकि, अलग-अलग राज्यों के पूर्वानुमान में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना का उल्लेख है.
ओडिशा और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 16 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 16 से 18 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का अनुमान है. बिहार में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि झारखंड में 16 अक्टूबर से मौसम शुष्क रहने की संभावना है.
देश के कई हिस्सों में वापस लौट चुका है मानसून
मौसम विभाग के 15 अक्टूबर के बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्टूबर को पूरे देश से वापस लौट चुका है. इसी दिन तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश की गतिविधियां शुरू हुईं.
दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियों के पीछे समुद्र से आने वाली हवाओं और मौसम प्रणालियों की भूमिका बताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण तटीय तमिलनाडु के ऊपर निचले वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है.
बारिश और तेज हवाओं के दौरान सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने, पेड़ों की शाखाएं टूटने और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याओं की आशंका जताई है. तेज हवाओं से कमजोर मकानों, फसलों और बागवानी को भी नुकसान पहुंच सकता है.
लोगों को सलाह दी जाती है कि बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों. खुले मैदानों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें. मौसम खराब होने पर सुरक्षित पक्के स्थान पर शरण लें और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें.
देश में 16 अक्टूबर से मौसम का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रहने वाला है. दक्षिण भारत में बारिश का दौर अधिक समय तक जारी रह सकता है, जबकि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. अपने क्षेत्र के लिए सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट पर ताजा पूर्वानुमान देखें.
FAQ
1. 16 अक्टूबर 2026 को देश में कहां भारी बारिश हो सकती है?
IMD के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और केरल के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश का अनुमान है.
2. क्या 16 अक्टूबर को दिल्ली और उत्तर प्रदेश में बारिश होगी?
दिल्ली, हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं.
3. दक्षिण भारत में बारिश कब तक जारी रह सकती है?
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 19 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है. केरल और माहे में 21 अक्टूबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है.
4. क्या दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे भारत से वापस लौट चुका है?
हां. IMD के 15 अक्टूबर 2026 के बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्टूबर को पूरे देश से वापस लौट चुका है. इसी दिन दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश शुरू हुई.


