Author: Anusa

अनुषा पिछले 3 वर्षों से Readmeloud.com में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. हेल्थ, यूटिलिटी, टेक और ट्रैवल जैसे विषयों पर रिसर्च-बेस्ड और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करना उनकी विशेषज्ञता है. अनुषा को मीडिया इंडस्ट्री में 5 साल का अनुभव है. उन्होंने करियर की शुरुआत रिपोर्टिंग से की और लोकल प्रिंट मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कदम रखा. ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ काम कर चुकी अनुषा को डिजिटल न्यूज़ और स्टोरीटेलिंग में मजबूत पकड़ हासिल है.

भारतीय समाज में कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं. यहां हर मान्यता के पीछे कोई न कोई तथ्य भी दिया गया है. ये मान्यताएं सदियों से हमारे घर-परिवार में बाकायदा मानी जाती हैं. वहीं, अक्सर आपने देखा होगा कि हमारी दादियां-नानियां और माएं कड़ाही में खाना खाने से मना करती हैं. दादी-नानी और मां के मना करने पर हम लोग कड़ाही में खाना खाने से तो मना कर देते हैं लेकिन क्या कभी इसके पीछे की असल वजह जानने की कोशिश करते हैं? नहीं न… क्यों हमारे भारतीय समाज में कड़ाही में खाना खाने से मना किया जाता है, इसके…

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26 सितंबर यानी की सोमवार से शारदीय नवरात्रि शुरू हो गई है. इसे पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है. इस दौरान मां के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा – अर्चना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नौ दिन अलग-अलग रंग के कपड़े पहनने पर मां प्रसन्न होती हैं. मान्यता है कि इन नौ दिनों में भक्त अगर माता की पसंद के रंग के कपड़े पहनते हैं, तो देवी मां बेहद प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. नवरात्रि के पहले दिन 26 सितंबर को कलश स्थापना कर नौ दिन देवी की आराधना शुरू कर…

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किन अल्फाज़ों से मांगें ऐ बेटी हम तुमसे माफी,कुछ कहने से डर आज मेरी रूह भी.कहने को इस मुल्क में हर धर्म के इंसान रहते हैं,पर हकीकत में जिस्म के भूखे हैवान रहते हैं. फर्क नहीं पड़ता है कि किस जाति-धर्म या कौम की थी,पर किसी की आंखों में खटकती हुई मुस्कुराती हुई जान थी.जब दरिंदों ने तुम्हें बेरहमी से नोंचा होगा,क्या एक बार भी उनका दिल नहीं शर्म से कचोटा होगा. कैसे भूल गए होंगे वे अपनी मां-बहन-बेटी को,तब भी क्या यही करते, इनमें से वहां कोई होती तो.घिन आती है खुद को उस समाज का हिस्सा कहते हुए,जी…

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हिंदुओं में शक्ति की पूजा के साल में चार पर्व नवरात्रि के रूप में मनाए जाते हैं. नवरात्रि के नौ दिनों में भक्तों द्वारा मां दुर्गा की उपासना, आराधना की जाती है. साथ ही उन्हें हर रोज अलग-अलग स्वरूप के तहत अलग-अलग तरह के पुष्प और नैवेद्य अर्पित किया जाता है.ऐसे में आज हम आपको नवरात्रि की नौ देवियों के स्वरूप के बारें में बताते हैं कि नौ दिन में कौन-से पुष्प अर्पित करें? कौन सा भोग किस माता रानी को अर्पित करें, ताकि माता रानी की कृपा आप पर बरसे. देवी शैलपुत्री का प्रिय पुष्प : गुड़हल,देवी शैलपुत्री नैवेद्य…

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सुनो, जब दुनिया आंखें चार कर रही है,मैं अपनी तन्हाई संग तुम्हारा इंतजार कर रही हूं, महफिलों में सब उड़ाते हैं मजाक मेरा,कहते – इंतजार में न पड़ जाएं काले घेरा. मुस्कुरा देती हूं लोगों के सुनकर ताने,तुम भी मुझे ढूंढ रहे होगे बनकर दीवाने. जानती हूं कि ज़रा फिल्मी मेरी ख्वाहिशें हैं,सबको साबित करना गलत, ये तुमसे गुजारिशें हैं. मिलने को तो हर कोई किसी को मिल जाता है,उम्र भर साथ निभाए, ऐसा कहां हो पाता है. मैं तितली बनकर आऊं, तुम फूल बन जाना,मेरी नादानियों को तुम दिल से न लगाना. मेरी मोहब्बत पर तुम्हें बेहद नाज़ होगा,हमारी…

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भूतों के बारे में तो आपने सुना ही होगा. भूत ऐसी चीज हैं, जिनको देखते ही लोगों के छक्के छूट जाते हैं, तो वहीं कई बार उनके बारे में डरावनी कहानियां सुनकर लोगों की हवा टाइट हो जाती है.वैसे तो आपने भूतों के बारे में सुना ही होगा, लेकिन अगर बड़े-बुजुर्गों से पूछेंगे तो वो तो कहो आपको उनके दिखने के भी सबूत ही दे दें लेकिन आज का वीडियो ऐसा है कि आपका भूतों पर से विश्वास ही उठ जाएगा.सोशल मीडिया से भरी इस दुनिया में हर दिन कुछ न कुछ ऐसा वायरल होता है, जिसे देखकर किसी को…

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जिंदगी… जानती हूं कि आजकल की भागदौड़ की दुनिया में, आगे निकलने और पैसे कमाने की रेस में आपके पास कुछ पढ़ने का एक मिनट का भी समय नहीं है… या यूं कहें कि कई बार समय होकर भी आप पढ़ना नहीं चाहते…या चकाचौंध भरी दुनिया में अपनी आंखों को तकलीफ नहीं देना चाहते… खैर छोड़िए… जिंदगी आपकी…तो फैसले भी आपके ही होंगे न…पर कभी ये नहीं लगता कि आपको भी 2 पल सुकूं के चाहिए…कितना यार …और कितना दूसरों के लिए आप जियेंगे…हां हां… जानती हूं कि आप सिर्फ अकेले नहीं हैं…आपके पास परिवार है…जिम्मेदारियां हैं…और तो और…मैं यह…

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क्या आपको भी अपने स्कूल के दिन याद है. हाथ में कॉपी-पेन और ब्लैक बोर्ड पर पढ़ाते मास्टरजी तो सबको याद ही होंगे लेकिन उन दिनों की शरारतें और मस्तियां उससे भी ज्यादा लोगों को याद आती हैं लेकिन उससे ज्यादा याद क्लास के शैतान दोस्तों की आती है. वो ऐसे दिन थे जब लोग असल जिंदगी जीते थे. उस समय लोगों के पास न तो फोन होते थे और ही टैबलेट्स. लेकिन आजकल के बच्चों को देखिए तो आप हैरान रह जाएंगे. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक इतना मजेदार वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आपका…

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Mongoose Snake Fight: सांप और नेवले की लड़ाई के बारे में आप बचपन से ही सुनते आ रहे होंगे पर क्या कभी आपने हकीकत में सांप (Snake) और नेवले की ढिशुम-ढिशुम वाली लड़ाई देखी है? नहीं ना, कोई बात नहीं सांप और नेवले की दिलचस्प लड़ाई आपको यहां देखने को मिलेगी. सांप और नेवले (Mongoose) की खतरनाक दुश्मनी तो जग जाहिर है. दोनों एक जगह पर एक-दूसरे की मौजूदगी जरा भी बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं, अगर किसी जगह पर सांप है तो नेवला नहीं होगा और अगर नेवला है तो सांप नहीं होगा. और अगर समय ठीक न हो…

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वैसे तो आप हर रोज सोशल मीडिया पर तमाम वायरल वीडियो देखते ही रहते हो लेकिन कई बार कुछ वीडियोज ऐसे भी होते हैं, जिन्हें एक बार देखने के बाद आपकी हंसी रुकती ही नहीं है. आप जब भी उन्हें याद करते हो, एक लंबी-चौड़ी से स्माइल आपके चेहरे पर तैर ही जाती है.आप तो जानते ही हैं कि आजकल इंटरनेट का जमाना है. जिसे देखो, हाथ में मोबाइल लिए घूम रहा है. वहीं, टिक-टॉक के बंद होने के बाद जब से इंस्टाग्राम ने रील्स शुरु की हैं, जब से लोग फेमस होने के लिए इस प्लेटफॉर्म पर आ गए…

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एक समय था, जब लोगों को आपने कुत्ता पालते सुना होगा लेकिन अब ऐसा समय आ गया है कि लोग घरों में केवल कुत्ता या गाय ही नहीं कई तरह के जानवर पालने लगे हैं. अब लोगों के घरों में कुत्तों के अलावा बिल्ली, अजगर, बत्तख और विदेशों में तो लोग मगरमच्छ तक को पालने लगे हैं. नए-नए जानवरों को पालने का शौक भारतीयों को भी अब लगने लगा है लेकिन जानवर से जुड़े नियमों के चलते अभी अपने यहां यह चलन कम है. जानवरों को पालने में दिक्कत नहीं है लेकिन कई बार उनकी वजह से कुछ ऐसा हो…

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अम्मा…अम्मा… आटे की चिरैया बना दो,वो उड़े न तो वही कागज के पंख लगा दो,मैं हाथों में लेकर पूरे घर में दौड़ जाउंगी,आटे की चिरैया में थोड़ा रंग लगा दो,बस एक बार मेरा बचपन लौटा दो…. दादा मेरा हाथ थाम लो,ले चलो मुझे उन्हीं खेतों-बागों में,जहां दिन भर भगाते थे बंदर-गाय,जहां शाम को चाचू लाते थे गरम चाय,कुल्हड़ वाली वही चाय पिलवा दो,बस एक बार मेरा बचपन लौटा दो…. पापा….जब काम से वापस आते थे,हम दौड़कर उनको लिपट जाते थे,कुछ न कुछ जरूर लाए होंगे खाने के लिए,इसी आस में उनका पूरा झोला खंगाल जाते थे,शक्करपाले, पेठा और जलेबी खिलवा…

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मेरा सपना, मेरा बचपनआज भी वो बचपन याद आता है. वो तेरी-मेरी पेंसिल बड़ी-छोटी करना,वो छोटा-छोटी बातों पर शिकायत करना,वो फिर एक मिनट का रोना और एकमिनट का हंसना बहुता याद आता है. वो मम्मी के सोने पर जोर से शोर मचाना,और न चुप होने पर मार खाना,आज भी बहुत याद आता है. वो तेरा-मेरा घर-घर खेलना,वो एक साइकिल पर तेरा-मेरा घूमना,बहुत याद आता है. वो स्कूल न जाने के लिए पेट दर्दका बहाना बनाना और फिर एकचॉकलेट की बात सुनकर पेट दर्द भूल जानाआज भी बहुत याद आता है. -तुम्हारी…

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मां का नाम सुनते ही न जाने कितने ही लोगों के चेहरे उनके प्यार में झुक जाते हैं. मां वह शख्स है, जो खुद भूखी रहकर बच्चों का पेट भरती है. खुद धूप में रहकर बच्चे के लिए आंचल से छांव करती है. इंसान की मां हो या किसी जीव-जंतु की, उसका दिल कभी नहीं बदलता. इंटरनेट की दुनिया में आजकल सोशल मीडिया पर एक से बढ़कर एक अलग-अलग तरह के वीडियो देखने को मिलते हैं. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ, जिसको देखकर लोग मिसालें देने लगे. मां अपने बच्चे के लिए किस तरह…

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हां, तुम्हारी फिक्र करना,रोज तुम्हें परेशान करना,तुम्हारी खुशियों में खुश हो जाना,रात को सबसे छुपकर तुमसे बात करना,अपनी यादों में बस तुम्हें याद करना.मुझे ये सब अच्छा लगने लगा है,हां, मुझे तुमसे प्यार होने लगा है….यूं तेरी छोटी-छोटी बातों पर हंसना,यूं तुझसे रूठना,मुझे ये सब अच्छा लगने लगा है,हां, मुझे तुमसे प्यार होने लगा है….वो तेरी मुस्कान को देखकर दिल को सुकून मिलना,वो पल-पल तेरी बातों को याद करना,मुझे ये सब अच्छा लगने लगा है,हां, मुझे तुमसे प्यार होने लगा है….वो तेरा डांटना, वो मेरा रोना,वो तेरा मनाना, वो मेरा न मानना,वो तेरा मुझे हंसाना, मनाना,मुझे ये सब अच्छा लगने…

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भागदौड़ भरी इस जिंदगी में आजकल लोगों को अपना ध्यान रखने का समय नहीं मिलता है. कामकाज में इंसान इतना ज्यादा व्यस्त हो गया है कि उसे अपने खाने-पीने तक का ध्यान रखने का समय नहीं है. इसका खामियाजा उसे तरह-तरह की शारीरिक बीमारियों को झेलकर चुकाना पड़ता है. खानपान और पानी की कमी का शरीर में सबसे ज्यादा असर इंसान के बालों पर पड़ता है. जरा सा मौसम बदला तो बाल झड़ना शुरू. जरा सा पानी की कमी हुई तो भी बाल गिरने शुरू हो जाते हैं. अब तो बॉलीवुड में गंजेपन को लेकर कई तरह की फिल्में भी…

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