Bihar State Player Welfare Fund: खेल के क्षेत्र में जुड़े खिलाड़ियों को कई बार छोटी या बड़ी दुर्घटनाओं के कारण खेल से दूर होना पड़ता है. ऐसी स्थिति में न सिर्फ उनका करियर प्रभावित होता है, बल्कि इलाज और पुनर्वास पर भारी आर्थिक खर्च भी उठाना पड़ता है. हालांकि, बिहार सरकार ऐसे खिलाड़ियों की मदद के लिए एक विशेष योजना चला रही है.
लखीसराय के जिला खेल पदाधिकारी मृणाल रंजन ने बताया कि बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा राज्य के खिलाड़ियों के सामाजिक और आर्थिक संरक्षण के उद्देश्य से “बिहार राज्य खिलाड़ी कल्याण कोष योजना” संचालित की जा रही है. इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर, प्रतिभावान, उत्कृष्ट और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न परिस्थितियों में सहायता दी जाती है.
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण, प्रतियोगिता, दुर्घटना, चोट, विकलांगता और इलाज जैसी जरूरतों के लिए खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता या खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं.
योजना के तहत मिलेगी एकमुश्त आर्थिक सहायता
जिला खेल पदाधिकारी मृणाल रंजन के अनुसार, इस योजना के तहत खिलाड़ियों को एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. खेल किट और उपकरण की खरीद के लिए अधिकतम 25 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा सकता है.
प्रशिक्षण अवधि या राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान यदि किसी खिलाड़ी के साथ गंभीर दुर्घटना होती है, तो उसे अधिकतम 50 हजार रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है.
सामान्य चोट की स्थिति में खिलाड़ियों को 10 हजार से 20 हजार रुपये तक की मदद का प्रावधान है.
यदि कोई खिलाड़ी दुर्घटना के कारण स्थायी या अस्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो उसे भी अधिकतम 50 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा सकता है.
इसके अलावा इलाज के लिए 10 हजार से 50 हजार रुपये तक की चिकित्सा सहायता भी दी जाती है, जो खिलाड़ी की स्थिति और आवश्यकता के आधार पर तय की जाती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई खिलाड़ी किसी अन्य सरकारी योजना या बीमा योजना का लाभ ले रहा है, तो मेडिकल सहायता को लेकर अंतिम निर्णय विभाग द्वारा लिया जाता है.
ऐसे कर सकते हैं खिलाड़ी आवेदन
जिला खेल पदाधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत आवेदन जिला खेल पदाधिकारी, उपाधीक्षक या शारीरिक शिक्षा विभाग के माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं. प्राप्त आवेदनों पर एक गठित समिति द्वारा विचार किया जाता है और समिति का निर्णय अंतिम माना जाता है.
इस समिति में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी, बिहार राज्य ओलंपिक संघ के प्रतिनिधि, अनुभवी खिलाड़ी, प्रशिक्षक, और स्वास्थ्य विभाग द्वारा नामित चिकित्सक शामिल होते हैं. समिति की बैठक आवश्यकता के अनुसार आयोजित की जाती है, लेकिन वर्ष में कम से कम एक बैठक अनिवार्य रूप से होती है.
किन खिलाड़ियों को मिल सकता है योजना का लाभ?
जिला खेल पदाधिकारी के अनुसार, बिहार राज्य खिलाड़ी कल्याण कोष योजना का लाभ बिहार के उन खिलाड़ियों को दिया जाता है-
जिन्होंने राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य या देश का प्रतिनिधित्व किया हो या करने की तैयारी में हों.
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जो उत्कृष्ट और प्रतिभावान खिलाड़ी हों.
जो प्रशिक्षण या प्रतियोगिता के दौरान चोटिल या दुर्घटनाग्रस्त हुए हों.
जो दुर्घटना के कारण अस्थायी या स्थायी रूप से खेल से दूर हो गए हों.
जिन्हें इलाज या पुनर्वास की आवश्यकता हो.
जो बेरोजगार या आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हों और खेल के कारण नियमित रोजगार नहीं कर पा रहे हों.
योजना का उद्देश्य ऐसे खिलाड़ियों को आर्थिक और मानसिक संबल देना है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद खेल के क्षेत्र में राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं या करने की क्षमता रखते हैं.


