Weather Update 16 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की जानकारी के अनुसार, 16 अगस्त को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. खासतौर पर अरुणाचल प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात रीजन, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-मुजफ्फराबाद, झारखंड, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है.
16 अगस्त को कहां सबसे ज्यादा बारिश का खतरा
IMD के मुताबिक 16 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है. इसका मतलब यह है कि पूरे राज्य में एक जैसी बारिश जरूरी नहीं होगी, बल्कि कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता काफी अधिक हो सकती है. इसी दिन असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात रीजन, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र, झारखंड, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश संभव है.
मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान में भी 16 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश में व्यापक बारिश, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में व्यापक बारिश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में व्यापक बारिश तथा पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की मजबूत संभावना दिखाई गई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 16 अगस्त को बारिश का दायरा व्यापक रहने का अनुमान है.
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब का मौसम
उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की गतिविधियां बनी हुई हैं. IMD के अनुसार 15 अगस्त के बाद हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पंजाब में 18 अगस्त को भी काफी व्यापक से व्यापक बारिश की संभावना है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16-17 अगस्त और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16-21 अगस्त तक काफी व्यापक से व्यापक बारिश का अनुमान है. 16 अगस्त को उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है.
दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में बारिश के दौरान जलभराव, यातायात की रफ्तार प्रभावित होने और कम दृश्यता जैसी स्थानीय परेशानियां सामने आ सकती हैं. IMD ने भारी बारिश की स्थिति में सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने, निचले इलाकों में पानी भरने और दृश्यता कम होने जैसी परिस्थितियों की संभावना बताई है.
मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी
मध्य भारत में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है. IMD ने 15 से 21 अगस्त के दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में काफी व्यापक से व्यापक बारिश की संभावना जताई है. 16 अगस्त को मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. इसके साथ ही राज्य के कुछ हिस्सों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है.
पिछले 24 घंटे में भी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई. पूर्वी मध्य प्रदेश के रामनगर में 11 सेमी, सीधी के सिहावल और चुरहट में 10-10 सेमी बारिश दर्ज हुई. पश्चिमी मध्य प्रदेश के दतिया और बदरवास में 8-8 सेमी तथा मुरैना के अलीपुर में 7 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई.
पूर्वी भारत में भारी बारिश से बढ़ेगी परेशानी
गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 16 अगस्त को मौसम खास तौर पर सक्रिय रह सकता है. IMD ने गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. आगे 17 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की भी संभावना है. उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में 17 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश की संभावना विशेष रूप से दर्ज की गई है.
ओडिशा में 15 अगस्त को और बिहार में 17 अगस्त को मध्यम से गंभीर बिजली गतिविधि की संभावना भी बताई गई है. ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर रहने से बचना जरूरी है.
दक्षिण भारत में आंधी और तेज हवाओं का असर
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी कई हिस्सों में बारिश का अनुमान है. तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा तेलंगाना में 15 से 21 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है. तटीय कर्नाटक और केरल में इस अवधि में काफी व्यापक से व्यापक बारिश का अनुमान है.
16 अगस्त को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं.
बारिश का कारण क्या है
IMD के मौसम विश्लेषण के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी झारखंड और आसपास के क्षेत्र में बना निम्न दबाव क्षेत्र 15 अगस्त को भी इसी क्षेत्र में बना हुआ था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है और अगले 12 घंटों में इसके कमजोर पड़ने की संभावना है. मानसून ट्रफ फिरोजपुर, रोहतक, औराई, सीधी, दक्षिण-पूर्वी झारखंड के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई थी.
इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है. इसके प्रभाव से अगले 48 घंटों में उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है.
भारी बारिश का आम लोगों पर क्या असर पड़ सकता है
मौसम विभाग के अनुसार बहुत भारी बारिश के दौरान पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और केले, पपीता तथा अन्य छोटे पेड़ तेज हवा और बारिश से उखड़ सकते हैं. बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. कमजोर मकानों, दीवारों, झोपड़ियों और कच्ची सड़कों को भी नुकसान की आशंका रहती है. निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़, भूस्खलन और मिट्टी खिसकने जैसी स्थिति बन सकती है. भारी बारिश के दौरान दृश्यता घटने से सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है.
16 अगस्त को क्या सावधानी रखें
बारिश और आंधी के दौरान मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखना सबसे जरूरी है. तेज बारिश या बिजली चमकने की स्थिति में खुले स्थानों से निकलकर सुरक्षित जगह पर रहें. पेड़ के नीचे खड़े होकर बारिश से बचने की कोशिश न करें, क्योंकि बिजली गिरने का खतरा रहता है. बिजली की आशंका होने पर इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकालने की सलाह IMD ने दी है. पानी के स्रोतों से दूर रहें और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखें.
भारी बारिश वाले इलाकों में निचले रास्तों, जलभराव वाली सड़कों और कमजोर संरचनाओं से बचना बेहतर होगा. पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान स्थानीय भूस्खलन या सड़क बाधित होने की स्थिति को देखते हुए यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा.
किसानों के लिए भी जरूरी सलाह
मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में किसानों को खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है. मध्य प्रदेश में सोयाबीन, मक्का, अरहर, उड़द, मूंग, तिल, ज्वार और सब्जियों के खेतों में जलभराव रोकने के लिए उचित जल निकासी सुनिश्चित करने को कहा गया है.
तेज हवा और बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में तैयार उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने या तिरपाल से ढकने, बागवानी फसलों और सब्जियों को सहारा देने तथा कमजोर पौधों को तेज हवा से बचाने की सलाह भी दी गई है. पशुओं को भारी बारिश के दौरान शेड के अंदर रखने और चारा सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है.
समुद्र में जाने वालों के लिए चेतावनी
16 अगस्त को अरब सागर में गुजरात तट के आसपास और कई अन्य हिस्सों में तेज हवा की स्थिति रह सकती है. गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास तथा अरब सागर के कई हिस्सों में 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके की संभावना बताई गई है. बंगाल की खाड़ी में भी कई तटीय हिस्सों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके की संभावना है.
17 अगस्त को भी सतर्क रहने की जरूरत
बारिश का असर 16 अगस्त के बाद भी कई क्षेत्रों में बना रह सकता है. 17 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. मध्य प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है.
FAQ
1. 16 अगस्त 2026 को सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
अरुणाचल प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
2. क्या मध्य प्रदेश में 16 अगस्त को भारी बारिश होगी?
हां. IMD ने 16 अगस्त को मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. कुछ हिस्सों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी हो सकती है.
3. बारिश के दौरान सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
बिजली चमकने पर खुले स्थान, पेड़ और पानी वाले इलाकों से दूर रहें और सुरक्षित जगह पर शरण लें. इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करने की भी सलाह दी गई है.
4. क्या 16 अगस्त के बाद भी बारिश जारी रह सकती है?
हां. कई राज्यों में 17 अगस्त और उसके बाद भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान है. गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बारिश का दौर आगे भी बना रह सकता है.


