केंद्र सरकार की कोयर उद्यमी योजना (Coir Udyami Yojana – CUY) का उद्देश्य देश में कॉयर (नारियल रेशा) आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना और नए उद्यमियों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है. यह एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जिसके तहत कॉयर इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है.
यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो कोयर उत्पाद निर्माण, प्रसंस्करण या संबंधित उद्योग शुरू करना चाहते हैं. योजना का संचालन Coir Board के माध्यम से किया जाता है.
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क्या है Coir Udyami Yojana?
कोयर उद्यमी योजना के तहत नए कोयर उद्योगों की स्थापना के लिए बैंक ऋण के साथ सब्सिडी सहायता उपलब्ध कराई जाती है. योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, उद्यमिता को बढ़ावा देना और कोयर उद्योग के आधुनिकीकरण को प्रोत्साहित करना है.
कितनी मिलेगी वित्तीय सहायता?
योजना के तहत अधिकतम ₹10 लाख तक की परियोजना लागत (साथ में एक कार्यशील पूंजी चक्र) के लिए सहायता उपलब्ध है. यह एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जिसमें पात्र लाभार्थियों को बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी का लाभ दिया जाता है.
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ व्यक्तिगत उद्यमी, स्वयं सहायता समूह (SHGs), गैर-सरकारी संगठन (NGOs), सहकारी समितियां तथा अन्य पात्र संस्थाएं उठा सकती हैं जो कोयर आधारित उद्योग स्थापित करना चाहती हैं.
योजना के प्रमुख उद्देश्य
- कोयर उद्योग में नए उद्यमों की स्थापना को बढ़ावा देना.
- ग्रामीण और तटीय क्षेत्रों में रोजगार सृजन करना.
- नारियल रेशा आधारित उत्पादों के उत्पादन को बढ़ाना.
- सूक्ष्म और लघु उद्यमों को प्रोत्साहित करना.
- स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से आय बढ़ाना.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
कोयर उद्योग भारत के कई राज्यों में ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण स्रोत है. विशेषज्ञों का मानना है कि Coir Udyami Yojana जैसे कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने, महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और छोटे व्यवसायों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
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योजना के माध्यम से कोयर क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, बेहतर उत्पादन क्षमता और नए बाजार अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
स्रोत: Government of India


