Jal Jeevan Mission (JJM) ने ग्रामीण भारत में घरेलू नल जल कनेक्शन के विस्तार में बड़ा बदलाव दर्ज किया है. 15 अगस्त 2019 को शुरू हुए इस मिशन के सात साल पूरे होने के साथ सरकार के अनुसार अब देश के 15.91 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों में नल से पानी पहुंच रहा है. यह कुल ग्रामीण परिवारों का 82.24% है.
मिशन की शुरुआत के समय केवल 3.23 करोड़ ग्रामीण परिवारों यानी करीब 16.72% घरों में नल जल कनेक्शन था. इसके बाद अब तक 12.68 करोड़ से अधिक अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है.
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7 साल में ग्रामीण नल जल कवरेज में बड़ा बदलाव
Jal Jeevan Mission का लक्ष्य ग्रामीण परिवारों को नियमित और लंबे समय तक सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है. इसके लिए Functional Household Tap Connection यानी FHTC के जरिए घर तक नल से पानी पहुंचाने पर जोर दिया गया.
16.72% से बढ़कर 82.24% हुआ कवरेज
मिशन की शुरुआत में 3.23 करोड़ ग्रामीण परिवारों के पास नल जल कनेक्शन था. उस समय कवरेज 16.72% था.
अब 15.91 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल जल पहुंच चुका है, जो कुल ग्रामीण परिवारों का 82.24% है.
सरकार के अनुसार, मिशन शुरू होने के बाद 12.68 करोड़ से अधिक अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन मिला है.
2.04 लाख गांव हुए Har Ghar Jal Certified
Jal Jeevan Mission के तहत Har Ghar Jal certification भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आई है.
जिलों से लेकर ग्राम पंचायतों तक बड़ी संख्या में प्रमाणन
अब तक कुल:
- 188 जिले Har Ghar Jal certified हैं.
- 1,090 ब्लॉक certified हैं.
- 1.01 लाख Gram Panchayats certified हैं.
- 2.04 लाख गांव Har Ghar Jal certified हैं.
इनका राज्यवार विवरण Jal Jeevan Mission के तहत उपलब्ध कराया गया है.
स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों तक भी पहुंचा नल जल
JJM का विस्तार केवल ग्रामीण घरों तक सीमित नहीं है. स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में भी drinking water tap connections उपलब्ध कराए गए हैं.
9.34 लाख स्कूलों में नल जल कनेक्शन
सरकार के अनुसार, 9.34 लाख स्कूलों यानी 90.86% स्कूलों में drinking water tap connections हैं.
इसी तरह 9.73 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों यानी 86.21% में भी drinking water tap connections उपलब्ध हैं.
इन आंकड़ों को Jal Jeevan Mission के Integrated Management Information System यानी JJM-IMIS portal पर real-time देखा जा सकता है.
JJM से पहले भी चलती रही ग्रामीण जल आपूर्ति की योजनाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में drinking water supply को आजादी के बाद से राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकता माना गया है. समय के साथ कई योजनाओं के जरिए ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित पेयजल की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया गया.
कई पुरानी योजनाओं की नींव पर आगे बढ़ा मिशन
इन पहलों में National Water Supply Programme (1954), Accelerated Rural Water Supply Programme (1972-73), National Drinking Water Mission (1986), Swajaldhara (2002) और National Rural Drinking Water Programme (NRDWP) शामिल रहे.
Jal Jeevan Mission ने habitation-level coverage के बजाय household-level service delivery पर ज्यादा जोर दिया. इसके तहत Functional Household Tap Connections के जरिए घर तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई.
मिशन में पर्याप्त मात्रा में पानी यानी 55 litres per capita per day (lpcd) और निर्धारित गुणवत्ता BIS:10500 के अनुसार नियमित और लंबे समय तक पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.
महिलाओं और लड़कियों को भी मिला फायदा
घर के भीतर नल से पानी पहुंचने का असर ग्रामीण परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ा है.
पानी लाने में लगने वाला समय कम हुआ
सरकार के अनुसार, घरों तक नल का पानी पहुंचने से लाखों महिलाओं और लड़कियों को दूर के जल स्रोतों से पानी लाने की जरूरत कम हुई है.
इससे उन्हें शिक्षा, आजीविका और दूसरी productive activities के लिए ज्यादा समय मिल सका है.
घर में नल जल की उपलब्धता से स्वास्थ्य, स्वच्छता, सम्मान और ग्रामीण परिवारों के overall quality of life में भी सुधार में योगदान मिला है.
JJM 2028 तक बढ़ाया गया
सरकार ने Jal Jeevan Mission को दिसंबर 2028 तक बढ़ाया है. मिशन के अगले चरण में केवल infrastructure बनाने के बजाय पानी की सेवा को लंबे समय तक बनाए रखने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है.
JJM 2.0 में Service Delivery और Sustainability पर फोकस
JJM 2.0 के तहत focus अब service delivery, source sustainability, community ownership और long-term functionality पर है.
इसके लिए groundwater recharge, rainwater harvesting, greywater management, water conservation और village-level water security planning जैसे उपायों को बढ़ावा दिया जा रहा है.
गांवों की पानी व्यवस्था में समुदाय की भूमिका बढ़ेगी
Jal Jeevan Mission के तहत ग्रामीण जल आपूर्ति व्यवस्था के संचालन और रखरखाव में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना गया है.
Gram Panchayat और VWSC की जिम्मेदारी
Gram Panchayats, Village Water & Sanitation Committees यानी VWSCs, Self-Help Groups और स्थानीय समुदायों को rural water supply assets के management और sustainability में केंद्रीय भूमिका देने पर जोर दिया जा रहा है.
इससे गांवों में तैयार किए गए water supply infrastructure की long-term functionality बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है.
Jal Sanchay Jan Bhagidari से Rainwater Harvesting पर जोर
JJM 2.0 के तहत source sustainability के लिए Jal Sanchay Jan Bhagidari (JSJB) पर भी जोर दिया गया है.
1 जून 2026 को शुरू हुआ JSJB: Catch the Rain 2026
Jal Sanchay Jan Bhagidari: Catch the Rain (JSJB: CTR) – 2026 को 1 जून 2026 को शुरू किया गया.
इस initiative का उद्देश्य कम लागत वाले rainwater harvesting structures के निर्माण के लिए community action और mobilisation को बढ़ाना है.
इसके तहत Gram Panchayats, VWSCs, Self-Help Groups, schools, colleges और community institutions की भागीदारी के जरिए rainwater harvesting, groundwater recharge और long-term water security को बढ़ावा देने पर जोर है.
Drinking Water की Quality पर भी निगरानी
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में drinking water quality monitoring और surveillance को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है.
Laboratories और Field-Testing Kits से जांच
देशभर में water quality testing laboratories का network, trained community members और Field-Testing Kits यानी FTKs के जरिए पानी की गुणवत्ता की निगरानी की जा रही है.
इसमें ग्रामीण समुदायों की भागीदारी बढ़ाने का उद्देश्य drinking water quality को लेकर accountability मजबूत करना और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करना है.
JJM अब आठवें साल में प्रवेश कर रहा है
Jal Jeevan Mission अपने आठवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. सरकार के अनुसार, मिशन अब केवल rural water infrastructure बनाने की योजना नहीं रह गया है, बल्कि sustainable water security और community-led water management पर भी जोर दिया जा रहा है.
JJM 2.0 के तहत राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, जिला प्रशासन, Gram Panchayats, VWSCs, frontline workers और ग्रामीण समुदायों की भागीदारी के जरिए Har Ghar Jal और लंबे समय तक water security के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.


