केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव की Dikri Development Scheme बेटियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा देने और बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण सरकारी योजना है. इस योजना के तहत पात्र परिवार की पहली दो जीवित बेटियों के नाम पर भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की Single Premium Endowment Plan (Plan No. 917) खरीदी जाती है.
सरकार प्रत्येक पात्र बालिका के नाम पर ₹42,372 की राशि जमा करती है, जिसे बालिका 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर अपनी शिक्षा, भविष्य या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उपयोग कर सकती है. योजना का एक प्रमुख उद्देश्य जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना भी है.
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योजना के प्रमुख उद्देश्य
Dikri Development Scheme केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई सामाजिक उद्देश्यों को भी पूरा करती है.
- बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना.
- जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार लाना.
- संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना.
- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना.
- बाल विवाह और किशोरावस्था में गर्भधारण को हतोत्साहित करना.
- परिवार नियोजन को बढ़ावा देना.
- बालिका की उच्च शिक्षा और भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना.
प्रशासन के अनुसार योजना शुरू होने के बाद संस्थागत प्रसव का प्रतिशत लगभग 80 प्रतिशत से बढ़कर 99 प्रतिशत तक पहुंच चुका है और लिंगानुपात में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है.
क्या मिलता है लाभ
योजना के तहत पात्र बालिका के नाम पर LIC की Single Premium Endowment Plan खरीदी जाती है.
मुख्य लाभ इस प्रकार हैं.
- प्रत्येक पात्र बालिका के लिए ₹42,372 का निवेश.
- लाभ केवल परिवार की पहली दो जीवित बेटियों को मिलेगा.
- बालिका 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर राशि का उपयोग कर सकती है.
- यदि बालिका गंभीर जीवन-रक्षक चिकित्सा स्थिति में हो तो मेडिकल बोर्ड की अनुमति के बाद राशि पहले भी निकाली जा सकती है.
- राशि सीधे PFMS के माध्यम से LIC को भेजी जाती है.
कौन ले सकता है योजना का लाभ
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्न पात्रता आवश्यक है.
- माता या पिता में से कोई एक दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव का मूल निवासी होना चाहिए.
- विवाह के समय मां की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए.
- प्रसव केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी या पंजीकृत निजी अस्पताल में हुआ हो.
- गर्भावस्था के दौरान कम से कम तीन एंटीनेटल जांच कराई गई हों.
- मां का पंजीकरण Mother and Child Tracking System में होना चाहिए.
- केवल पहली दो जीवित बेटियां ही योजना के लिए पात्र होंगी.
किन मामलों में लाभ नहीं मिलेगा
यदि बालिका की मृत्यु 10 वर्ष की आयु से पहले हो जाती है तो परिपक्वता राशि माता-पिता या अभिभावक को नहीं दी जाएगी.
यदि बालिका की मृत्यु 10 वर्ष की आयु के बाद होती है तो परिपक्वता राशि उसके कानूनी माता-पिता या अभिभावक को प्रदान की जाएगी.
आवेदन कैसे करें
इस योजना के लिए आवेदन ऑफलाइन किया जाता है.
आवेदक को निर्धारित आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित Primary Health Centre, Community Health Centre या Urban Primary Health Centre में प्रसव की तिथि से तीन महीने के भीतर जमा करना होगा.
इसके बाद विभाग दस्तावेजों का सत्यापन करता है और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद LIC में प्रीमियम जमा कराया जाता है.
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज जमा करने होंगे.
- मूल Institutional Delivery Certificate.
- नवजात का जन्म प्रमाण पत्र.
- माता का जन्म प्रमाण पत्र.
- डोमिसाइल प्रमाण पत्र.
- विवाह प्रमाण.
- आधार कार्ड (यदि उपलब्ध हो).
- माता-पिता का स्वघोषणा पत्र.
- माता के बैंक खाते की जानकारी.
- सभी दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतियां.
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योजना क्यों है महत्वपूर्ण
Dikri Development Scheme आर्थिक सहायता के साथ-साथ सामाजिक बदलाव की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है. यह बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने, सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने और परिवारों को बालिका के भविष्य के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने का काम करती है. साथ ही यह बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी मजबूत करती है.
Source: Department of Health and Family Welfare, U.T. Administration of Dadra & Nagar Haveli and Daman & Diu


