सोने की बढ़ती कीमतों के बीच इसकी शुद्धता को लेकर एक नई चिंता सामने आई है. बाजार में सोने में भारी धातुओं का महीन पाउडर मिलाकर उसका वजन बढ़ाने की शिकायतें मिल रही हैं. इस पाउडर को बाजार में गोल्ड पाउडर के नाम से बताया जा रहा है. हैरानी की बात यह है कि मिलावट वाला सोना देखने में असली जैसा नजर आता है और सामान्य एसिड टेस्ट तथा कसौटी पर जांच करने से भी इसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है.
इंदौर सराफा बाजार में गहने बनाने वाले कुछ कारीगरों ने इस तरह की गड़बड़ी की शिकायत व्यापारियों से की है. इसके बाद इंदौर चांदी-सोना-जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन ने आपात बैठक बुलाकर बुलियन व्यापारियों और दलालों को सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
सोने में भारी धातुओं का पाउडर मिलाकर बढ़ाया जा रहा वजन
सराफा कारोबारियों के अनुसार, सोने में रुथेनियम, इरिडियम और आस्मियम जैसी भारी धातुओं का महीन पाउडर मिलाने की शिकायतें सामने आ रही हैं. इन धातुओं का घनत्व सोने से अधिक बताया जा रहा है. ऐसे में थोड़ी मात्रा मिलाने पर भी सोने का कुल वजन बढ़ जाता है.
इस तरह तैयार किए गए सोने को सामान्य तरीके से देखने पर असली सोने से अलग पहचानना मुश्किल हो सकता है. यही वजह है कि यह मिलावट ज्वेलरी कारोबारियों और कारीगरों के लिए चिंता का विषय बन गई है.
एसिड टेस्ट और कसौटी पर भी पकड़ में नहीं आ रही मिलावट
इस नए तरीके की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि सामान्य जांच से मिलावट का पता नहीं चल पा रहा है. एसिड टेस्ट, कसौटी और पुरानी कैरेट जांच मशीनों से भी इसकी पहचान मुश्किल बताई जा रही है.
गहने बनाने के दौरान जब सोने को गलाया और प्रोसेस किया जाता है, तब वास्तविक सोने की मात्रा कम निकलने पर गड़बड़ी सामने आती है. यानी शुरुआती जांच में सोना सही दिखाई दे सकता है, लेकिन आभूषण बनाने की प्रक्रिया के दौरान उसकी शुद्धता को लेकर सवाल खड़े हो जाते हैं.
रुथेनियम, इरिडियम और आस्मियम की मिलावट की शिकायतें
सराफा कारोबारियों का कहना है कि पिछले दो-तीन वर्षों से सोने में रुथेनियम, इरिडियम और आस्मियम जैसी भारी धातुओं की मिलावट की शिकायतें सामने आ रही हैं.
इन धातुओं का घनत्व सोने से ज्यादा होने के कारण कम मात्रा में मिलावट करके भी वजन बढ़ाया जा सकता है. इसी वजह से सामान्य जांच के भरोसे सोने की शुद्धता सुनिश्चित करना मुश्किल हो रहा है.
महाराष्ट्र और बंगाल के रास्ते बाजार तक पहुंच रहा गोल्ड पाउडर
कारोबारियों के अनुसार, इस तरह का गोल्ड पाउडर महाराष्ट्र और बंगाल के रास्ते बाजारों तक पहुंच रहा है. आशंका जताई जा रही है कि इसे चीन में तैयार किया जा रहा है. इसकी लागत सोने की कीमत के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत कम बताई जा रही है.
हालांकि, इसके निर्माण के स्थान और सप्लाई नेटवर्क को लेकर स्रोत में आशंका ही जताई गई है. इसलिए इसे किसी पक्के तौर पर स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
XRF और इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी से हो सकती है पहचान
कारोबारियों के मुताबिक, इस तरह की मिलावट पकड़ने के लिए अब आधुनिक जांच तकनीकों की जरूरत है. इनमें एक्स-रे फ्लोरेसेंस यानी XRF और इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी जैसी तकनीकें शामिल हैं.
पुराने जांच तरीकों से जहां भारी धातुओं की मिलावट पकड़ना मुश्किल बताया जा रहा है, वहीं आधुनिक तकनीकों से सोने में मौजूद धातुओं की जांच करने में मदद मिल सकती है.
इंदौर सराफा एसोसिएशन की आपात बैठक, 99.50% शुद्धता वाले सोने पर जोर
कारीगरों से सोने की गुणवत्ता को लेकर मौखिक शिकायतें मिलने के बाद इंदौर चांदी-सोना-जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन ने सोमवार शाम आपात बैठक बुलाई. बैठक में बुलियन व्यापारी एसोसिएशन और दलाल एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए.
सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अविनाश शास्त्री के मुताबिक, बैठक में फैसला लिया गया कि 99.50 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने के कारोबार को ही मान्यता दी जाएगी. मिलावट की शिकायत मिलने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और व्यापार प्रतिबंध लगाने का निर्णय भी लिया गया है.
सोने में भारी धातुओं की मिलावट की शिकायतों ने ज्वेलरी कारोबार में शुद्धता जांच की चुनौती बढ़ा दी है. ऐसे में कारोबारियों के लिए सोने की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और आधुनिक जांच तकनीकों का इस्तेमाल करना पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है.
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