क्या आपके या आपके परिवार के नाम पर ऐसे शेयर, डिविडेंड या निवेश हैं जिनके बारे में आपको जानकारी नहीं है? ऐसे लाखों निवेशकों तक उनकी हक की राशि पहुंचाने के लिए सरकार ने एक नई पहल को आगे बढ़ाया है.
कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) के तहत काम करने वाली Investor Education and Protection Fund Authority (IEPFA) ने नई दिल्ली में “आपकी पूंजी आपका अधिकार – Learning and Way Forward” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया. इस कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, वित्तीय विशेषज्ञों, नियामक संस्थाओं और निवेशक जागरूकता से जुड़े लोगों ने भाग लिया.
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आखिर क्या होते हैं Unclaimed Financial Assets?
कई बार निवेशक या उनके परिवार के सदस्य पुराने शेयर, डिविडेंड, मैच्योर हो चुकी जमा राशि या अन्य वित्तीय संपत्तियों के बारे में जानकारी नहीं रख पाते.
इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- निवेशक का पता बदल जाना
- परिवार को निवेश की जानकारी न होना
- दस्तावेजों का खो जाना
- लंबे समय तक दावा नहीं किया जाना
- निवेशक की मृत्यु के बाद उत्तराधिकार संबंधी जानकारी का अभाव
ऐसी संपत्तियां समय के साथ “Unclaimed Assets” की श्रेणी में चली जाती हैं.
IEPFA ने जारी की नई पुस्तक
कार्यक्रम के दौरान “Claiming the Unclaimed: Unlocking the Potential of Idle Financial Assets in India” नामक पुस्तक का विमोचन किया गया.
यह पुस्तक निवेशकों, शोधकर्ताओं, वित्तीय संस्थानों और नीति निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री के रूप में तैयार की गई है. इसका उद्देश्य भारत में अनक्लेम्ड वित्तीय संपत्तियों से जुड़ी चुनौतियों और संभावित समाधानों को सामने लाना है.
निवेशकों के अधिकारों पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि निवेशकों को उनकी वैध संपत्ति तक आसानी से पहुंच मिलनी चाहिए.
विशेषज्ञों ने जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की, उनमें शामिल हैं:
| प्रमुख विषय | उद्देश्य |
|---|---|
| निवेशक जागरूकता | लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी देना |
| दावा प्रक्रिया | प्रक्रिया को आसान बनाना |
| डिजिटल समाधान | ऑनलाइन सिस्टम को मजबूत करना |
| संस्थागत सहयोग | विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना |
| पारदर्शिता | निवेशकों का भरोसा मजबूत करना |
दावे की प्रक्रिया को और आसान बनाने की तैयारी
IEPFA की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनीता शाह अकेला ने बताया कि संस्था लगातार ऐसे सुधारों पर काम कर रही है जिससे निवेशकों को अपनी राशि वापस पाने में कम परेशानी हो.
उन्होंने कहा कि:
- डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत किया जा रहा है.
- दावा निपटान प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है.
- देशभर में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं.
- निवेशकों और उनके परिवारों को बेहतर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
वित्तीय समावेशन में निवेशकों की भूमिका महत्वपूर्ण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए IEPFA की अध्यक्ष और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की सचिव दीप्ति गौर मुखर्जी ने कहा कि निवेशकों को सशक्त बनाना आर्थिक विकास और वित्तीय समावेशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
उन्होंने कहा कि यदि लोगों को उनकी भूली हुई या अनक्लेम्ड संपत्तियां आसानी से वापस मिलेंगी, तो इससे वित्तीय व्यवस्था में विश्वास और मजबूत होगा.
IEPFA क्या काम करता है?
IEPFA भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के तहत कार्यरत एक संस्था है.
यह संस्था:
- अनक्लेम्ड शेयरों से जुड़े मामलों को संभालती है.
- अनक्लेम्ड डिविडेंड की वापसी में मदद करती है.
- मैच्योर डिपॉजिट और डिबेंचर से जुड़े दावों का निपटान करती है.
- निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाती है.
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आम निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?
देश में ऐसे कई परिवार हैं जिन्हें यह तक पता नहीं होता कि उनके नाम पर पुराने निवेश या शेयर मौजूद हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता बढ़ने और डिजिटल प्रक्रियाएं आसान होने से लाखों निवेशक अपनी भूली हुई वित्तीय संपत्तियों को वापस प्राप्त कर सकते हैं.
यही कारण है कि “आपकी पूंजी आपका अधिकार” जैसी पहलें निवेशकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.
Source: Ministry of Corporate Affairs


