गांवों तक सरकारी सेवाएं तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचें, इसी उद्देश्य से पंचायती राज मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया. “सेवा से समृद्धि: पंचायत आधारित सेवा वितरण” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में सात राज्यों के पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया.
कार्यक्रम का आयोजन शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (SKICC) में किया गया, जहां पंचायतों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को और बेहतर बनाने पर चर्चा हुई.
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पंचायतें बन रही हैं विकास की मजबूत कड़ी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं अब केवल स्थानीय प्रशासन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर विकास और सुशासन की महत्वपूर्ण इकाई बन चुकी हैं.
उन्होंने कहा कि पंचायतों को वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार मिलने से स्थानीय स्तर पर फैसले लेने की क्षमता बढ़ी है, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है.
डिजिटल सेवाओं में जम्मू-कश्मीर की बड़ी उपलब्धि
कार्यशाला के दौरान बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में डिजिटल सेवा वितरण के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है.
कुछ प्रमुख उपलब्धियां:
| क्षेत्र | उपलब्धि |
|---|---|
| ऑनलाइन सेवाएं | 1100 से अधिक |
| डिजिटल रूप से जुड़े पंचायत | 98% से अधिक |
| नागरिक सेवाएं | तेजी और पारदर्शिता में सुधार |
| शिकायत निवारण | पहले से अधिक प्रभावी |
अधिकारियों के अनुसार डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से लोगों को कई सेवाओं के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ रहे हैं.
तकनीक से बदल रही पंचायतों की कार्यशैली
पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा कि देश की लगभग 2.5 लाख ग्राम पंचायतें अब eGramSwaraj प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही हैं.
इस प्लेटफॉर्म के जरिए:
- विकास योजनाओं की निगरानी
- वित्तीय प्रबंधन
- ऑडिट प्रक्रिया
- पंचायत कार्यों का रिकॉर्ड
डिजिटल तरीके से संचालित किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि eGramSwaraj और PFMS के एकीकरण के माध्यम से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रबंधन किया जा चुका है.
AI तकनीक भी पहुंची पंचायतों तक
कार्यक्रम में SabhaSaar नामक AI आधारित प्लेटफॉर्म की भी चर्चा हुई.
यह प्रणाली ग्राम सभा की कार्यवाही को 23 भारतीय भाषाओं में तैयार करने की क्षमता रखती है. वर्तमान में करीब 1.5 लाख पंचायतें इस तकनीक का उपयोग कर रही हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रिकॉर्ड रखने और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिल रही है.
इन पंचायतों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों और Village Level Entrepreneurs (VLEs) को सम्मानित किया गया.
सेवा वितरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए:
- पंडितपोरा ग्राम पंचायत, कुपवाड़ा (जम्मू-कश्मीर)
- हुडिकेरी ग्राम पंचायत, कोडागु (कर्नाटक)
को सम्मानित किया गया.
इसके अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई Village Level Entrepreneurs को भी सम्मान मिला.
राज्यों के बीच अनुभव साझा करने पर जोर
कार्यशाला में यह बात सामने आई कि अलग-अलग राज्यों में पंचायतों द्वारा किए जा रहे सफल प्रयोगों को साझा करने से पूरे देश को लाभ मिल सकता है.
विशेषज्ञों ने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचा, डिजिटल तकनीक और स्थानीय स्तर पर नवाचार के जरिए पंचायतों को और अधिक सक्षम बनाया जा सकता है.
गांवों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को केवल प्रशासनिक इकाई नहीं बल्कि नागरिक सेवाओं के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करना है.
सरकार का मानना है कि तकनीक, पारदर्शिता और स्थानीय भागीदारी के माध्यम से पंचायतें गांवों में विकास की गति को और तेज कर सकती हैं. श्रीनगर में आयोजित यह कार्यशाला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है.
Source: Ministry of Panchayati Raj


