नई दिल्ली, 25 जून 2026. भारत के कृषि निर्यात क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने पहली बार प्रीमियम बंगनपल्ली (Banganapalle) आमों की व्यावसायिक समुद्री खेप सफलतापूर्वक सिंगापुर भेजी है. इस पहल से न केवल भारतीय आमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिली है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है.
यह निर्यात APEDA ने ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture (CISH), लखनऊ के सहयोग से पूरा कराया.
5 मीट्रिक टन आम समुद्री मार्ग से पहुंचे सिंगापुर
इस पहली व्यावसायिक खेप में 5 मीट्रिक टन बंगनपल्ली आम शामिल थे. इन्हें 11 जून 2026 को भारत से समुद्री मार्ग के जरिए भेजा गया और 24 जून 2026 को यह खेप सुरक्षित रूप से सिंगापुर पहुंच गई.
इस निर्यात का संचालन Osum Food Solutions LLP ने किया, जबकि सिंगापुर में इसे EC-Links Pte Ltd ने प्राप्त किया.
आयातक ने आमों की गुणवत्ता, मिठास, समान रूप से पकने की क्षमता, लंबी शेल्फ लाइफ और स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप गुणवत्ता की सराहना की.
किसानों को मिला लगभग दोगुना मूल्य
इस निर्यात का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिला.
जहां घरेलू बाजार में बंगनपल्ली आम की कीमत लगभग 25 से 26 रुपये प्रति किलोग्राम थी, वहीं निर्यात की गई खेप के लिए किसानों को लगभग 50 रुपये प्रति किलोग्राम का मूल्य प्राप्त हुआ.
इससे किसानों की आमदनी लगभग दोगुनी हो गई और उच्च गुणवत्ता वाले फल उत्पादन के लिए उन्हें बेहतर आर्थिक प्रोत्साहन मिला.
आंध्र प्रदेश के बागानों से चुने गए आम
निर्यात के लिए चुने गए आम आंध्र प्रदेश के GAP (Good Agricultural Practices) प्रमाणित बागानों से लिए गए.
इसके बाद इन्हें कर्नाटक स्थित APEDA द्वारा मान्यता प्राप्त पैकहाउस में वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस और पैक किया गया.
पूरी खेप को सिंगापुर के गुणवत्ता और फाइटोसैनिटरी (Phytosanitary) मानकों के अनुसार तैयार किया गया, जिससे आयात प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हुई.
समुद्री मार्ग से निर्यात क्यों है खास?
अब तक ताजे फलों का निर्यात अधिकतर हवाई मार्ग से किया जाता रहा है, जिससे लागत काफी बढ़ जाती है.
APEDA का मानना है कि समुद्री मार्ग से निर्यात करने पर परिवहन लागत कम होती है, बड़े पैमाने पर माल भेजा जा सकता है और यह पर्यावरण के लिए भी अपेक्षाकृत अधिक अनुकूल विकल्प है.
बेहतर कोल्ड-चेन, वैज्ञानिक पैकेजिंग और आधुनिक लॉजिस्टिक्स के कारण अब समुद्री परिवहन के जरिए भी फलों की गुणवत्ता बनाए रखना संभव हो गया है.
बंगनपल्ली आम की बढ़ रही वैश्विक मांग
बंगनपल्ली भारत की सबसे लोकप्रिय आम की किस्मों में से एक है. इसका सुनहरा पीला रंग, रेशारहित गूदा, प्राकृतिक मिठास और सुगंध इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी खास बनाती है.
इसी वजह से सिंगापुर सहित कई देशों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में भारतीय आमों के निर्यात में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है.
कृषि निर्यात को मिलेगा नया बढ़ावा
APEDA लंबे समय से ताजे फल और सब्जियों के समुद्री निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निर्यातकों को प्रशिक्षण, आधुनिक बुनियादी ढांचा और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन करने में सहायता प्रदान कर रहा है.
सरकार का मानना है कि इस सफल पहल से भारतीय बागवानी उत्पादों का वैश्विक बाजार और मजबूत होगा, किसानों की आय बढ़ेगी तथा भारत की कृषि निर्यात क्षमता को नई गति मिलेगी.
Source: Ministry of Commerce & Industry.


