नई दिल्ली, 25 जून 2026. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice & Empowerment) ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए SHATAYU Dashboard को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. मंत्रालय ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म पूरे देश में प्रशिक्षित जेरियाट्रिक (Geriatric) केयरगिवर्स को वरिष्ठ नागरिकों से जोड़ने का काम कर रहा है. साथ ही मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ भ्रामक दावों से लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी है.
सरकार का कहना है कि पोर्टल पर सामने आई शुरुआती तकनीकी समस्याओं को लगातार दूर किया जा रहा है और सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए तकनीकी टीम नियमित रूप से काम कर रही है.
क्या है SHATAYU Dashboard?
SHATAYU का पूरा नाम Senior Holistic Care Assistance and Training for Your Utility है.
इस डैशबोर्ड को 22 मई 2026 को लॉन्च किया गया था. इसका उद्देश्य देशभर के प्रशिक्षित जेरियाट्रिक केयरगिवर्स को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है, ताकि जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिक आसानी से उनकी सेवाओं का लाभ उठा सकें.
इस प्लेटफॉर्म का संचालन National Institute of Social Defence (NISD) द्वारा किया जा रहा है, जो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है.
पुराने प्रशिक्षित केयरगिवर्स को भी मिला मौका
मंत्रालय के अनुसार, केवल नए प्रशिक्षित केयरगिवर्स ही नहीं बल्कि वर्ष 2023-24 और उससे पहले प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लोगों को भी SHATAYU Dashboard पर स्वयं पंजीकरण (Self Registration) करने का अवसर दिया गया है.
इसका उद्देश्य देशभर के अधिक से अधिक प्रशिक्षित केयरगिवर्स का डेटाबेस तैयार करना है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को अपने क्षेत्र में आसानी से सहायता मिल सके.
क्यों एक ही जिले के ज्यादा नाम दिखाई दे रहे हैं?
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने यह सवाल उठाया कि कई जिलों में एक ही स्थान के बड़ी संख्या में केयरगिवर्स क्यों दिखाई दे रहे हैं.
इस पर मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण केंद्र जहां स्थापित होते हैं, वहीं आसपास के क्षेत्रों से उम्मीदवार प्रशिक्षण के लिए आते हैं. इसलिए किसी विशेष जिले या शहर के अधिक प्रशिक्षित केयरगिवर्स का डैशबोर्ड पर दिखाई देना पूरी तरह स्वाभाविक है.
तकनीकी समस्याओं को किया जा रहा है दूर
मंत्रालय ने कहा कि SHATAYU Dashboard पर प्राप्त सभी पंजीकरणों की लगातार समीक्षा की जा रही है.
तकनीकी टीम डेटा की जांच, सत्यापन और आवश्यक सुधार कर रही है ताकि प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी अधिक सटीक और उपयोगी बन सके.
सरकार का कहना है कि शुरुआती चरण में आने वाली तकनीकी चुनौतियों का समाधान लगातार किया जा रहा है.
भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट पर न करें भरोसा
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि SHATAYU Dashboard को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक और अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें.
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आधिकारिक जानकारी केवल सरकारी माध्यमों से ही प्राप्त करें और किसी भी अफवाह या गलत दावे से बचें.
वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर देखभाल की दिशा में कदम
सरकार का कहना है कि SHATAYU Dashboard का उद्देश्य केवल एक डिजिटल पोर्टल बनाना नहीं है, बल्कि देशभर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समावेशी और संवेदनशील देखभाल प्रणाली विकसित करना है.
इस पहल से प्रशिक्षित केयरगिवर्स और जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों के बीच संपर्क आसान होगा, जिससे बुजुर्गों को समय पर गुणवत्तापूर्ण सहायता मिल सकेगी.
Source: Ministry of Social Justice & Empowerment.


