नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सांसदों की ‘मंगल मिलन’ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET परीक्षा में हुए पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट किया. बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रीजीजू ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ने दो ट्रूकॉप बातें कही हैं, पहला, पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दूसरा, इस राष्ट्रीय समस्या से निपटने के लिए सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होना पड़ेगा.
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PM मोदी ने नीट मामले में दिए 5 प्रमुख संदेश
- पीएम मोदी ने साफ कहा कि नीट परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए देश के शीर्ष वकीलों को आगे आकर सख्त कानूनी पैरवी करनी चाहिए.
- प्रधानमंत्री ने बताया कि पेपर लीक की खबर सामने आते ही सरकार तुरंत एक्शन में आई और मामले से जुड़े 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.
- छात्रों का करियर और समय प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने NEET की दोबारा परीक्षा (Re-exam) कराने को प्राथमिकता दी और उसे सफलतापूर्वक संपन्न कराया.
- रीजीजू के अनुसार, पीएम ने जोर देकर कहा कि पेपर लीक किसी एक राज्य या सिर्फ केंद्र सरकार का मामला नहीं है. यह पूरे देश से जुड़ा मुद्दा है, जिस पर सभी राजनीतिक दलों को राजनीति छोड़कर एक साथ आना होगा.
- ऐसी घटनाओं पर पूर्ण विराम लगाने के लिए सरकार ने संस्थागत और कड़े कानूनी कदम उठाए हैं.
संसद मार्च और हिंसक प्रदर्शन के बाद सरकार का रुख
यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में हजारों प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर संसद मार्च निकाला था.
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सुरक्षा बलों से झड़प
प्रदर्शन के दौरान भीड़ सुरक्षा घेरा तोड़कर संसद भवन के करीब पहुंच गई, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. जून महीने से जंतर-मंतर पर जारी धरने और सोनम वांगचुक के 23 दिनों के अनशन के बाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने CJP के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. इस बातचीत के बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त किया, हालांकि उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर वे दोबारा अनशन करेंगे.


