राजस्थान में नगरीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में चुनाव का प्रस्तावित कार्यक्रम पेश कर दिया है. इसके अनुसार अगस्त से चुनावी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है. प्रस्तावित कार्यक्रम में पहले नगरीय निकाय चुनाव और उसके बाद पंचायत चुनाव कराने की योजना बनाई गई है.
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अगस्त से शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया
सरकार की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव के मुताबिक 17 अगस्त को नगरीय निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी करने का प्रस्ताव है. इसके बाद 23 सितंबर को पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी.
हालांकि सरकार ने साफ किया है कि यह केवल प्रस्तावित कार्यक्रम है. अंतिम तारीखों की घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद की जाएगी.
पहले होंगे नगरीय निकाय चुनाव
निर्धारित नियमों के अनुसार पहले नगरीय निकाय चुनाव कराए जाएंगे और उसके बाद पंचायत चुनाव होंगे. सरकार के प्रस्ताव के अनुसार निकाय चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे.
- पहला चरण मतदान: 6 सितंबर
- दूसरा चरण मतदान: 9 सितंबर
- मतगणना: 11 सितंबर
इन तिथियों के आधार पर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी की गई है.
पंचायत चुनाव चार चरणों में कराने की तैयारी
सरकार ने पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में कराने का प्रस्ताव रखा है. इसका उद्देश्य चुनाव को व्यवस्थित और सुचारु तरीके से संपन्न कराना है. चार चरणों में मतदान होने से प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा.
अंतिम फैसला राज्य निर्वाचन आयोग करेगा
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट में पेश किया गया कार्यक्रम प्रस्तावित है. चुनाव की अंतिम तिथियां, चरण और अन्य विवरण राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के बाद ही तय माने जाएंगे. यदि आवश्यक हुआ तो कार्यक्रम में बदलाव भी किया जा सकता है.
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राजनीतिक दलों ने बढ़ाई तैयारियां
प्रस्तावित चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है. सभी प्रमुख राजनीतिक दल संगठन स्तर पर तैयारियों में जुट गए हैं. संभावित उम्मीदवारों के चयन, चुनावी रणनीति और संगठनात्मक बैठकों की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है.
अब सभी की नजर राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक अधिसूचना पर है, जिसके बाद चुनावी कार्यक्रम की अंतिम तस्वीर साफ होगी.
स्रोत: राजस्थान सरकार द्वारा हाईकोर्ट में प्रस्तुत प्रस्तावित चुनाव कार्यक्रम.


