Rajasthan Weather: राजस्थान में मौसम ने सोमवार शाम अचानक करवट ले ली, जिससे प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली. बदले मौसम के इस मिजाज के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और जनजीवन भी प्रभावित हुआ है. सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते कई क्षेत्रों में बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए.
खासतौर पर कोटा, टोंक और बूंदी जिलों में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला. हाड़ौती संभाग के कोटा क्षेत्र में बारिश के साथ चने के आकार के ओले गिरे. तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण कई जगह पेड़ गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति और यातायात बाधित हुआ. वहीं टोंक और बूंदी के ग्रामीण इलाकों में भी ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है.
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वहीं, जयपुर मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी खत्म नहीं हुआ है और 31 मार्च को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रहेगा. अलग-अलग क्षेत्रों में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. इसको देखते हुए आम लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
30 मार्च को बने परिसंचरण तंत्र के प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में मौसम में बदलाव जारी है. इसी कारण 31 मार्च को शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. हालांकि यह गतिविधियां सभी जगह नहीं होंगी, बल्कि कुछ स्थानों तक ही सीमित रह सकती हैं.
आने वाले दिनों की बात करें तो 1 और 2 अप्रैल को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है. हालांकि कहीं-कहीं मेघगर्जन और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा. इसके साथ ही तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने के संकेत हैं.
वहीं 3 से 5 अप्रैल के बीच एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताई गई है. इसके प्रभाव से एक बार फिर राज्य के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है. यानी अप्रैल की शुरुआत में भी मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
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इस बदलते मौसम को देखते हुए किसानों के लिए विशेष सलाह जारी की गई है. तैयार फसलों को खुले में न छोड़ें और मंडियों में रखे अनाज को ढककर या सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि बारिश से नुकसान से बचा जा सके.
तेज हवाओं और बारिश की संभावना को देखते हुए आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है. कुल मिलाकर 31 मार्च को राजस्थान में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा और आने वाले दिनों में भी बदलाव जारी रहने के आसार हैं.


