UP Weather Update 16 August 2026: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर से मेहरबान होने की तैयारी कर चुका है. आज 16 अगस्त रविवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश का असर और बढ़ सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम केंद्र लखनऊ ने प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. ऐसे में बारिश के साथ जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है. IMD के 15 अगस्त को जारी बुलेटिन के मुताबिक, 16 अगस्त को दोनों मंडलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
16 अगस्त को इन जिलों में ज्यादा बारिश का खतरा
मौसम केंद्र लखनऊ की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 16 अगस्त को कुछ जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इनमें गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं.
इसके अलावा प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भी भारी बारिश की संभावना बताई गई है.

पूर्वी और पश्चिमी यूपी दोनों में अलर्ट
IMD के उपखंडवार चेतावनी आंकड़ों में 16 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों के लिए बहुत भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है. इसके बाद 17 अगस्त को भी दोनों हिस्सों में बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. 18 अगस्त को भारी बारिश का असर जारी रह सकता है.
| तारीख | पश्चिमी उत्तर प्रदेश | पूर्वी उत्तर प्रदेश |
|---|---|---|
| 16 अगस्त | कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश | कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश |
| 17 अगस्त | कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश | कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश |
| 18 अगस्त | कहीं-कहीं भारी बारिश | कहीं-कहीं भारी बारिश |
| 19 अगस्त | कोई चेतावनी नहीं | कहीं-कहीं भारी बारिश |
बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली का खतरा
IMD बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कहीं-कहीं भारी बारिश भी दर्ज की गई. कुछ इलाकों में मेघगर्जन और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर झोंकेदार हवाएं भी दर्ज हुईं. इस मौसम में बारिश के साथ अचानक गरज-चमक होने की स्थिति को देखते हुए खुले मैदान, पेड़ के नीचे, बिजली के खंभों और जलभराव वाले स्थानों से दूरी रखना जरूरी होगा.
पहले से बारिश ने भी बढ़ाई चिंता
IMD के अनुसार 15 अगस्त को जारी रिपोर्ट में पिछले 24 घंटों में बहेरी में 11 सेमी, राठ में 9 सेमी, कर्वी में 8 सेमी, बबेरू में 7 सेमी और कई अन्य स्थानों पर 4 से 6 सेमी तक बारिश दर्ज की गई. इसका मतलब है कि कई इलाकों में जमीन पहले से ही नम है और दोबारा तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है.
भारी बारिश का जनजीवन पर क्या असर हो सकता है
तेज बारिश के कारण निचले इलाकों, गांवों और शहरों के जलभराव वाले हिस्सों में पानी जमा हो सकता है. सड़कों पर दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है. कच्चे और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ सकता है. लगातार बारिश होने पर नालों और छोटी नदियों में पानी का स्तर अचानक बढ़ सकता है. कृषि क्षेत्र में भी खेतों में अतिरिक्त पानी जमा होने से फसलों पर असर पड़ सकता है. वहीं बिजली आपूर्ति में स्थानीय स्तर पर व्यवधान की स्थिति भी बन सकती है.
आमजन के लिए सलाह
बारिश के दौरान बहुत जरूरी न हो तो जलभराव वाले रास्तों से यात्रा करने से बचें. बिजली गिरने की आशंका में खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम चेतावनी जरूर देख लें. वाहन चलाते समय पानी भरी सड़क पर गति कम रखें और बिना स्थिति जाने किसी जलभराव वाले रास्ते में प्रवेश न करें. नदियों, नालों और पुलों के आसपास अनावश्यक जाने से बचना भी जरूरी है.
स्रोत: IMD मौसम केंद्र लखनऊ
FAQs
1. क्या 16 अगस्त को पूरे उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश होगी?
नहीं. IMD ने पूरे प्रदेश के हर स्थान के लिए एक जैसी बारिश नहीं बताई है. चेतावनी कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना के लिए है, जबकि बारिश की तीव्रता जिले और स्थान के अनुसार अलग हो सकती है.
2. किन लोगों को 16 अगस्त को सबसे ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों, नदी-नालों के आसपास रहने वालों, दोपहिया वाहन चालकों और बारिश के दौरान लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए.
3. अगर मेरे जिले का नाम अलर्ट में नहीं है तो क्या सावधानी जरूरी नहीं है?
ऐसा नहीं है. मौसम तेजी से बदल सकता है और आसपास के जिले में बनी मौसम प्रणाली आपके क्षेत्र को भी प्रभावित कर सकती है. स्थानीय मौसम अपडेट देखते रहना बेहतर है.
4. क्या बारिश के साथ बिजली गिरने का भी खतरा है?
गरज-चमक वाले मौसम में बिजली गिरने का जोखिम रहता है. इसलिए खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए.
5. 16 अगस्त को यात्रा करना सुरक्षित होगा?
यात्रा की स्थिति स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति पर निर्भर करेगी. जिन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है, वहां निकलने से पहले मौसम चेतावनी और स्थानीय प्रशासन की जानकारी देखना समझदारी होगी.


