UP Weather: उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिसका असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिल रहा है. सोमवार को पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, मथुरा, अलीगढ़ समेत कई इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई. इस बदलाव के बाद मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए पश्चिमी यूपी के करीब 20 जिलों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है. साथ ही इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग के अनुसार, इस बदले मौसम का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल सकता है. सोमवार को अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज होने के आसार हैं. वहीं अगले दो दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. इस दौरान तेज हवाएं, वज्रपात और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी.
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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 31 मार्च से 1 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रहेगा. इस दौरान पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है. इसके अलावा हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है.
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, ईरान के आसपास सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है. इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. साथ ही तापमान में गिरावट भी दर्ज की जाएगी. हालांकि 1 अप्रैल के बाद मौसम के धीरे-धीरे शुष्क होने के संकेत हैं.
मौसम विभाग ने जिन जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है, उनमें सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरेया, बिजनौर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं. इन इलाकों में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
31 मार्च तक जारी रहने वाले इस मौसम परिवर्तन के कारण अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है, जिससे महीने के अंत में एक बार फिर हल्की ठंड का एहसास हो सकता है. हालांकि आंधी-तूफान और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को घरों में रहने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
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राहत की बात यह है कि यह मौसम बदलाव स्थायी नहीं है, लेकिन अप्रैल की शुरुआत में फिर से बदलाव देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, 3 अप्रैल से एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे एक बार फिर बारिश के आसार बनेंगे. ऐसे में किसानों और आम लोगों को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है.


