Weather Update 18 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 के लिए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की भी आशंका है. खास तौर पर झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है. बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
18 अगस्त को कहां कैसा रहेगा मौसम
IMD के 17 अगस्त को जारी बुलेटिन के मुताबिक, 18 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा. उत्तर भारत से लेकर मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के साथ दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
| क्षेत्र | 18 अगस्त का प्रमुख पूर्वानुमान |
|---|---|
| झारखंड | अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश |
| बिहार | अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश |
| छत्तीसगढ़ | अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश |
| पूर्वी मध्य प्रदेश | अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश |
| हिमाचल प्रदेश | अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश |
| ओडिशा | अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश |
| पश्चिमी उत्तर प्रदेश | अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| उत्तराखंड | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और बिजली |
| हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| पंजाब | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| पश्चिम बंगाल और सिक्किम | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| केरल | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
झारखंड में सबसे ज्यादा सतर्कता की जरूरत
18 अगस्त को झारखंड के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है. IMD ने इस दिन झारखंड को लेकर विशेष चेतावनी दी है. ऐसे में निचले इलाकों, जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बारिश की स्थिति में प्रभावित होने वाले रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी होगी.
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधि का एक प्रमुख कारण बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के पास बना डिप्रेशन है. 17 अगस्त को यह सिस्टम इसी क्षेत्र में बना हुआ था और अगले 24 घंटों में इसके गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की ओर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना जताई गई थी.
पूर्वी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश का दौर
मध्य प्रदेश के लिए भी 18 अगस्त अहम रहने वाला है. IMD ने पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. 18 अगस्त के लिए मध्य प्रदेश में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है. इसका असर अलग-अलग स्थानों पर हो सकता है.
इसके अलावा IMD के फ्लैश फ्लड रिस्क आउटलुक में 18 अगस्त की सुबह तक पूर्वी मध्य प्रदेश के अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, शहडोल, सीधी और उमरिया जिलों में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है. पूरी तरह संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतही बहाव या जलभराव की स्थिति बन सकती है.
दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में भी बारिश
18 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है. पंजाब में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है. IMD के अनुसार हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 18 अगस्त को fairly widespread rainfall की स्थिति बन सकती है, जबकि पंजाब में भी बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है.
इसका सीधा असर शहरी इलाकों में यातायात पर पड़ सकता है. तेज बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भरने से आवाजाही धीमी हो सकती है और कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है.
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ बिजली का खतरा
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश अलग-अलग स्थानों पर हो सकती है. उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली की गतिविधि की संभावना भी बनी हुई है.
मौसम विभाग ने 18 अगस्त को उत्तराखंड में बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है. पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर भूस्खलन, सड़क बाधित होने और जलभराव जैसी परिस्थितियों का जोखिम बढ़ सकता है.
ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी तेज बारिश
ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं. 18 अगस्त को ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है. झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है.
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 18 अगस्त को झारखंड में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है. ऐसे में जलभराव और निचले इलाकों में पानी बढ़ने की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा.
दक्षिण भारत के इन राज्यों में भी बारिश
18 अगस्त को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. आंध्र प्रदेश, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और गुजरात क्षेत्र में भी अलग-अलग स्थानों पर 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है.
केरल और माहे में भी 18 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है. दक्षिण भारत के कुछ अन्य हिस्सों में तेज सतही हवाओं की स्थिति बन सकती है.
बारिश का आम जनजीवन पर क्या असर पड़ सकता है
भारी बारिश और तेज हवाओं का असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ सकता है. IMD के अनुसार बहुत भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़, सतही बहाव और स्थानीय स्तर पर भूस्खलन या मडस्लाइड की स्थिति बन सकती है. तेज हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है.
भारी बारिश के दौरान दृश्यता घटने से वाहन चलाने में परेशानी हो सकती है. कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है, हालांकि इनका असर स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.
किसानों के लिए जरूरी सावधानियां
मध्य प्रदेश में किसानों को कपास, गन्ना, सोयाबीन, मक्का और सब्जियों के खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है. अतिरिक्त पानी को जल्द निकालना जरूरी है. सब्जियों और ऊंची फसलों को सहारा देने तथा अत्यधिक पानी निकलने तक खरीफ सब्जियों की नई बुवाई टालने की सलाह भी दी गई है.
तेज हवा और बारिश की स्थिति में खेत में रखी कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने या तिरपाल से ढकने की सलाह है. बागवानी फसलों और सब्जियों को तेज हवाओं से बचाने के लिए उचित सहारा देना भी जरूरी है.
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए
मौसम विभाग ने खराब मौसम की स्थिति पर नजर रखने और परिस्थितियां बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है. बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए. बिजली गिरने की आशंका हो तो इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकालने, पानी के स्रोतों से दूर रहने और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है.
भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर रहेगा. जिन इलाकों में पहले से जलभराव है, वहां पैदल या वाहन से जाने से पहले स्थानीय स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए.
18 अगस्त का मौसम एक नजर में
18 अगस्त 2026, मंगलवार को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा. झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी सबसे महत्वपूर्ण है. बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल-सिक्किम और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग
यूपी के कानपुर में 16 रुपए का ऑफर पड़ा भारी, हजारों की भीड़ के बाद मची भगदड़, दो भाई गिरफ्तार
FAQ
1. 18 अगस्त को सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
18 अगस्त को झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है. यही वजह है कि इस क्षेत्र में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है.
2. क्या दिल्ली-NCR में 18 अगस्त को बारिश होगी?
हां. IMD ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 18 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है.
3. क्या मध्य प्रदेश में भारी बारिश का असर रहेगा?
हां. पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. राज्य में कुछ जिलों के लिए फ्लैश फ्लड का कम से मध्यम जोखिम भी बताया गया है.
4. बिजली चमकने के दौरान क्या करना चाहिए?
बिजली की आशंका होने पर पेड़ के नीचे खड़े नहीं होना चाहिए. पानी के स्रोतों से बाहर निकलना, बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी रखना और इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करना सुरक्षित कदम हैं.
5. भारी बारिश में यात्रा करनी हो तो क्या सावधानी रखें?
यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है. जलभराव वाले रास्तों से बचना चाहिए और तेज बारिश या कम दृश्यता के दौरान वाहन की गति नियंत्रित रखनी चाहिए. बहुत खराब परिस्थितियों में यात्रा टालना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है.


