Weather Update 20 June 2026: देश के मौसम में अगले कुछ दिनों के दौरान अलग-अलग तस्वीर देखने को मिलेगी. एक ओर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, वहीं दूसरी ओर कुछ राज्यों में अभी भी उष्ण लहर का प्रभाव बना रहेगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 23 जून 2026 के आसपास महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.
मौसम विभाग ने साथ ही पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से अत्यंत भारी वर्षा तथा उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है.
मॉनसून की रफ्तार बढ़ने के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान परिस्थितियां मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं. अनुमान है कि 23 जून के आसपास महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और क्षेत्रों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी मॉनसून आगे बढ़ सकता है.
यह प्रगति कृषि गतिविधियों और जल संसाधनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. जिन क्षेत्रों में लंबे समय से वर्षा का इंतजार था, वहां अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है.
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश का दौर
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 जून तक कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है. इसके अलावा पूरे सप्ताह इस क्षेत्र तथा पूर्वोत्तर भारत में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है.
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 से 25 जून के बीच व्यापक वर्षा गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है. असम और मेघालय में 20 से 23 जून के दौरान कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है.
गंगीय पश्चिम बंगाल में 20 से 25 जून के दौरान वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी. बिहार और झारखंड में भी 20 से 25 जून के बीच रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. बिहार में 22 से 25 जून के दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है.
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर
उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद क्षेत्र में 19 से 22 जून तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है. हिमाचल प्रदेश में 20 और 21 जून को तथा उत्तराखंड में 20 से 25 जून तक अलग-अलग स्थानों पर वर्षा गतिविधियां जारी रह सकती हैं.
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 20 से 22 जून तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में भी अलग-अलग दिनों में वर्षा और गरज-चमक की गतिविधियां दर्ज हो सकती हैं.
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ मेघगर्जन की संभावना है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है.
राजस्थान में आंधी और धूलभरी हवाओं का अलर्ट
राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है. पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 19 जून को 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ थंडरस्क्वॉल की संभावना जताई गई है, जबकि 20 जून को हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
21 से 23 जून के दौरान पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में मेघगर्जन, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान में 20 जून को धूलभरी आंधी भी चल सकती है.
इसके अलावा 24 और 25 जून को पश्चिमी राजस्थान में व्यापक वर्षा होने का अनुमान है, जबकि पूर्वी राजस्थान में 19 से 25 जून तक कहीं-कहीं वर्षा गतिविधियां जारी रह सकती हैं.
मध्य भारत में भी बदलेगा मौसम
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 20 से 25 जून तक छिटपुट से मध्यम वर्षा की संभावना है. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 19 और 20 जून को तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 जून को थंडरस्क्वॉल की चेतावनी जारी की गई है. छत्तीसगढ़ में 22 और 23 जून को तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
पश्चिम भारत में मॉनसूनी गतिविधियां तेज
कोंकण और गोवा, गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आगामी दिनों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. कोंकण और गोवा में 23 और 24 जून को भारी वर्षा हो सकती है.
गुजरात क्षेत्र में 20 जून को भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और गुजरात क्षेत्र में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी अनुमान है.
दक्षिण भारत में बारिश का सिलसिला जारी
केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तेलंगाना, रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में अगले कई दिनों तक वर्षा गतिविधियां जारी रहने की संभावना है.
केरल में 20 से 23 जून के बीच भारी वर्षा का अनुमान है. तटीय कर्नाटक में 21 से 25 जून तथा कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में 22 और 23 जून को भारी वर्षा हो सकती है.
तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
इन राज्यों में जारी रह सकती है उष्ण लहर
बारिश के बीच कुछ राज्यों में गर्मी का असर भी बना रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 जून तक, बिहार में 22 जून तक तथा महाराष्ट्र और तेलंगाना में 20 जून तक कुछ स्थानों पर उष्ण लहर की स्थिति बनी रह सकती है.
हालांकि पूर्वी भारत में 20 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है. महाराष्ट्र में 20 जून के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज हो सकती है.
कई हिस्सों में तेज हवाएं, मेघगर्जन और बारिश की गतिविधियां
देशभर में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. एक ओर मॉनसून नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है, वहीं पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज हवाएं, मेघगर्जन और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. दूसरी तरफ पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में उष्ण लहर की स्थिति भी बनी रहने की संभावना है. ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों और अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम संबंधी चेतावनी एवं राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन, जारी अवधि 19-25 जून 2026.
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FAQ
1. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून किन राज्यों में आगे बढ़ने की संभावना है?
IMD के अनुसार 23 जून 2026 के आसपास महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.
2. सबसे ज्यादा भारी बारिश की संभावना किन क्षेत्रों में है?
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 जून तक भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा की संभावना है. इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी सप्ताहभर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
3. किन राज्यों में उष्ण लहर का असर जारी रहेगा?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 जून तक, बिहार में 22 जून तक तथा महाराष्ट्र और तेलंगाना में 20 जून तक कुछ स्थानों पर हीटवेव की स्थिति बनी रहने की संभावना है.
4. राजस्थान में मौसम को लेकर क्या चेतावनी जारी की गई है?
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में गरज-चमक, धूलभरी आंधी और तेज हवाओं की संभावना है. कुछ स्थानों पर 50-70 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. पश्चिमी राजस्थान में 24-25 जून को व्यापक वर्षा का भी अनुमान है.


