Weather Update 12 August 2026: देश के कई हिस्सों में 12 अगस्त 2026, बुधवार को भी मानसून की सक्रियता बनी रहने वाली है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी राजस्थान, गंगीय पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, उत्तराखंड, पंजाब, पश्चिम राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, गुजरात, कोंकण-गोवा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना है. कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है.
कबीरधाम में नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश, 12.50 लाख रुपये के नकली नोट बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार
12 अगस्त को देशभर में कैसा रहेगा मौसम
IMD के अनुसार 12 अगस्त को पूर्वी राजस्थान, गंगीय पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. वहीं अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, कोंकण-गोवा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम-त्रिपुरा, पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम, उत्तराखंड, पश्चिम मध्य प्रदेश और पश्चिम राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
यानी बारिश का असर किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा. उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर मध्य भारत, पूर्वी भारत और पश्चिमी तट तक कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है.
राजस्थान में बारिश का जोर, पूर्वी हिस्सों पर ज्यादा नजर
राजस्थान के लिए 12 अगस्त का मौसम खास तौर पर महत्वपूर्ण है. IMD ने पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. पश्चिमी राजस्थान में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग के 7 दिन के पूर्वानुमान में 12 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में काफी व्यापक बारिश और पश्चिमी राजस्थान में भी काफी व्यापक बारिश का संकेत दिया गया है.
इस बारिश के कारण खेतों में जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है.
दिल्ली-NCR और हरियाणा में भी बारिश का दौर
हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 12 अगस्त को भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है. हालांकि 12 अगस्त के लिए इस क्षेत्र में भारी बारिश की अलग से चेतावनी सूची में नहीं है, लेकिन IMD ने 11-12 अगस्त के दौरान इन क्षेत्रों में काफी व्यापक बारिश की संभावना जताई है.
इसका असर स्थानीय यातायात, जलभराव और रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ सकता है. खासकर तेज बारिश के दौरान सड़क पर दृश्यता कम हो सकती है.
उत्तर प्रदेश में मौसम का बदला मिजाज
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 12 अगस्त को छिटपुट बारिश का अनुमान है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत सीमित रह सकती हैं. IMD के 7 दिन के पूर्वानुमान में 12 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में isolated और पूर्वी उत्तर प्रदेश में isolated बारिश की श्रेणी दी गई है.
हालांकि आगे 13 अगस्त से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश बढ़ने की संभावना है और 13-17 अगस्त के दौरान वहां अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी सक्रिय रहेगा मानसून
पश्चिम मध्य प्रदेश में 12 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है. पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर बना रहेगा. छत्तीसगढ़ में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं.
पूर्वी भारत में भारी बारिश की चेतावनी
गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 12 अगस्त को मौसम काफी सक्रिय रहने की संभावना है. दोनों क्षेत्रों में बारिश का दायरा व्यापक रहने के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
IMD ने गंगीय पश्चिम बंगाल में 12 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है, जबकि ओडिशा में भी भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है. ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में बिजली और गरज-चमक की गतिविधियों को लेकर भी सावधानी जरूरी है.
पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का सिलसिला
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 12 अगस्त से बारिश का दायरा बढ़ने का अनुमान है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 11 से 17 अगस्त तक काफी व्यापक बारिश की संभावना बनी हुई है. 12 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम-त्रिपुरा में गरज-चमक और बिजली की गतिविधि भी हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश में 12-14 अगस्त के दौरान भारी बारिश और असम-मेघालय में 11-14 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है.
महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिश
पश्चिमी भारत में कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बारिश का दौर सक्रिय रहेगा. 12 अगस्त को मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. गुजरात क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है. कोंकण-गोवा में 11 से 17 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना है. मध्य महाराष्ट्र में 11-12 अगस्त के दौरान भी व्यापक बारिश का अनुमान है.
दक्षिण भारत में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर
दक्षिण भारत में भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं रहेगा. आंध्र प्रदेश, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं. तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक संभव है.
आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाएं भी चलने का अनुमान है.
पहाड़ी राज्यों में बारिश से बढ़ सकती है परेशानी
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में 12 अगस्त को भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. उत्तराखंड में 11-17 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में भी कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है.
IMD ने 12 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला और किन्नौर तथा उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान कम फ्लैश फ्लड रिस्क की संभावना जताई है. पूरी तरह संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतही बहाव या जलभराव हो सकता है.
मौसम बदलने की बड़ी वजह क्या है
IMD के मौसम विश्लेषण के अनुसार 11 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला था और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ था. मानसून ट्रफ भी बikaner से होते हुए उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के निम्न दबाव क्षेत्र, सीधी, रांची और दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली थी.
इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. IMD के अनुसार इसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास इसी क्षेत्र में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है.
भारी बारिश का आम जनजीवन पर क्या असर होगा
तेज बारिश और हवाओं के कारण पेड़ की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने और बागवानी तथा खड़ी फसलों को नुकसान की स्थिति बन सकती है. कमजोर ढांचों, कच्चे मकानों, दीवारों और सड़कों को भी स्थानीय स्तर पर नुकसान पहुंच सकता है. निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और दृश्यता में कमी जैसी स्थिति बन सकती है. भारी बारिश के दौरान सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हो सकता है. पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से स्थानीय भूस्खलन, मलबा खिसकने और रास्तों पर पानी आने का जोखिम बढ़ सकता है. इसलिए मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर रहेगा.
किसानों के लिए जरूरी सलाह
राजस्थान में पहले से बोई गई बाजरा, मूंग, तिल, मोठ, ग्वार और अन्य खड़ी फसलों तथा सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है.
पश्चिमी मध्य प्रदेश में सोयाबीन, मक्का और अन्य खड़ी फसलों से अतिरिक्त बारिश का पानी निकालना जरूरी है. छत्तीसगढ़ में नर्सरी और निचले खेतों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह है.
12 अगस्त का मौसम एक नजर में
| क्षेत्र | 12 अगस्त का प्रमुख पूर्वानुमान |
|---|---|
| पूर्वी राजस्थान | भारी से बहुत भारी बारिश |
| पश्चिमी राजस्थान | भारी बारिश की संभावना |
| गंगीय पश्चिम बंगाल | भारी से बहुत भारी बारिश |
| ओडिशा | भारी से बहुत भारी बारिश |
| मध्य महाराष्ट्र | भारी से बहुत भारी बारिश |
| हिमाचल प्रदेश | भारी बारिश |
| उत्तराखंड | भारी बारिश |
| जम्मू-कश्मीर-लद्दाख | भारी बारिश |
| पंजाब | भारी बारिश |
| पश्चिम मध्य प्रदेश | भारी बारिश |
| गुजरात क्षेत्र | भारी बारिश |
| कोंकण-गोवा | भारी बारिश |
| पूर्वोत्तर भारत | बारिश और गरज-चमक |
| दक्षिण भारत | बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं |
आगे कैसा रहेगा मौसम
बारिश का यह दौर 12 अगस्त के बाद भी कई क्षेत्रों में जारी रहने वाला है. 13 अगस्त को ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है.
14 अगस्त को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. हरियाणा, चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश का अनुमान है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)
यूपीः संतकबीरनगर में सीएम योगी ने 684 करोड़ की 201 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास
FAQ
1. 12 अगस्त को सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
IMD के अनुसार पूर्वी राजस्थान, गंगीय पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
2. क्या राजस्थान में 12 अगस्त को बारिश तेज होगी?
हां. पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
3. क्या दिल्ली में भी बारिश होगी?
हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 11-12 अगस्त के दौरान काफी व्यापक बारिश की संभावना IMD ने जताई है.
4. पहाड़ी इलाकों में यात्रा करना कितना सुरक्षित है?
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड का कम जोखिम बताया गया है. इसलिए मौसम खराब होने पर गैर-जरूरी यात्रा टालना और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी पर ध्यान देना समझदारी होगी.
5. बिजली चमकने के समय सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
बिजली की आशंका होने पर पेड़ के नीचे शरण नहीं लेनी चाहिए, पानी से बाहर निकलना चाहिए और बिजली से चलने वाले उपकरणों को तुरंत अनप्लग करना चाहिए.


