Weather Update 11 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के 10 अगस्त को जारी ऑल इंडिया वेदर समरी एंड फोरकास्ट बुलेटिन के मुताबिक मंगलवार, 11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है. पश्चिम मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, गुजरात क्षेत्र, ओडिशा, झारखंड समेत कई इलाकों में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी रहेगी.
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11 अगस्त को कहां-कहां भारी बारिश का खतरा
IMD के अनुसार 11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात क्षेत्र, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिम मध्य प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे राज्य में एक समान बारिश होगी. IMD ने कई जगहों पर बारिश को isolated यानी कुछ स्थानों तक सीमित बताया है. इसलिए स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है और एक इलाके में तेज बारिश के दौरान आसपास के दूसरे इलाके में अपेक्षाकृत कम बारिश हो सकती है.
राजस्थान में 11 अगस्त को खास नजर
राजस्थान में 11 अगस्त को पूर्वी हिस्से में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रह सकता है. IMD ने पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. इसके साथ ही पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
इससे निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी और आवागमन में परेशानी जैसी स्थिति बन सकती है. खासकर उन स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी होगी जहां पहले से मिट्टी में नमी अधिक है. IMD के अनुसार 11 अगस्त तक पूर्वी राजस्थान के बारां, बूंदी, झालावाड़ और कोटा जिलों में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में कम से मध्यम स्तर का फ्लैश फ्लड जोखिम बना हुआ है. पूरी तरह संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में बारिश के कारण सतही पानी जमा होने या जलभराव की स्थिति बन सकती है.
मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश की संभावना
मध्य प्रदेश के लिए भी 11 अगस्त का दिन महत्वपूर्ण है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है, जबकि गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. बुलेटिन में 10 अगस्त को पश्चिम मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज होने की जानकारी भी दी गई है.
10 अगस्त की सुबह तक पश्चिम मध्य प्रदेश के श्यामपुर, भोपाल क्षेत्र, सीहोर, राजगढ़, रायसेन और आसपास के कई इलाकों में उल्लेखनीय बारिश दर्ज की गई. श्यामपुर में 21 सेमी और भोपाल के नवाबाग एट में 20 सेमी बारिश दर्ज हुई. पूर्वी मध्य प्रदेश में भी मंडला, जबलपुर, छिंदवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई.
ऐसे में 11 अगस्त को खेतों, ग्रामीण सड़कों और निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा.
दिल्ली-NCR और उत्तर भारत का मौसम
दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा में 11 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. पंजाब में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र और उत्तराखंड में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है. तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने और निचले इलाकों में पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है. इसलिए बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखना बेहतर रहेगा.
पहाड़ी राज्यों में अतिरिक्त सावधानी जरूरी
हिमाचल प्रदेश में 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. उत्तराखंड में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. हिमाचल प्रदेश के मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों तथा उत्तराखंड के अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है.
पहाड़ी इलाकों में लगातार या तेज बारिश के दौरान सड़क पर मलबा आने, स्थानीय जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियों का खतरा बढ़ सकता है. IMD ने भारी बारिश की स्थिति में स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षित स्थान पर जाने और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है.
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
ओडिशा में 11 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं. ओडिशा में 10 से 11 अगस्त को भारी बारिश और आगे 12 से 15 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना भी बुलेटिन में दी गई है.
पूर्वोत्तर राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. 11 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय में भारी बारिश हो सकती है. कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी बनी हुई है.
गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिमी तट पर भी बारिश
गुजरात क्षेत्र में 11 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में भी भारी बारिश हो सकती है. IMD ने गुजरात क्षेत्र में 10 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना बताई थी, जबकि 11 अगस्त को भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी है.
दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का असर कुछ स्थानों पर देखने को मिल सकता है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी 11 अगस्त को गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना जताई गई है.
बारिश का असर किन क्षेत्रों पर पड़ सकता है
भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति में स्थानीय स्तर पर कई तरह की परेशानियां सामने आ सकती हैं. IMD के अनुसार तेज बारिश और हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं और बागवानी तथा खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. कमजोर मकानों, कच्ची दीवारों और झोपड़ियों को भी नुकसान की आशंका रहती है. भारी बारिश के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है. निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति बन सकती है. तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से सड़क दुर्घटना का जोखिम भी बढ़ सकता है.
किसानों के लिए जरूरी सलाह
बारिश के बीच किसानों के लिए खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखना सबसे जरूरी है. मध्य प्रदेश में अतिरिक्त बारिश का पानी जल्द निकालने के लिए खेतों में उचित दूरी पर जलनिकासी नालियां बनाने की सलाह दी गई है. राजस्थान में बाजरा, मूंग, तिल, मोठ, ग्वार और अन्य खड़ी फसलों तथा सब्जियों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने को कहा गया है. हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी फसलों तथा बागों से अतिरिक्त पानी निकालने पर जोर दिया गया है.
तेज हवा की संभावना वाले इलाकों में बागवानी फसलों और सब्जियों को सहारा देना उपयोगी रहेगा. कटी हुई फसल और तैयार उपज को सुरक्षित जगह रखने या तिरपाल से ढकने की सलाह दी गई है. पशुपालकों को भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखने और चारा सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा गया है.
आम लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए
बारिश और बिजली गिरने की संभावना के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और पानी वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें. IMD ने बिजली गिरने की आशंका में पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की सलाह दी है. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली के खतरे के दौरान प्लग से निकाल देना और जलस्रोतों से बाहर निकल जाना भी जरूरी बताया गया है.
बारिश के दौरान वाहन चलाते समय गति कम रखें और जलभराव वाली सड़क पर जाने से बचें. पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा कर रहे हैं तो स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह को प्राथमिकता दें. पर्यटन और मनोरंजक गतिविधियों को भी मौसम की गंभीरता के अनुसार नियंत्रित करने की सलाह दी गई है.
11 से 16 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम
IMD के सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 11 अगस्त के बाद भी कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी. हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में 10 से 16 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना है. पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 10 से 16 अगस्त तक व्यापक बारिश का दौर रह सकता है. ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है.
11 अगस्त के बाद 12 अगस्त को ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. 13 और 14 अगस्त को भी ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. 15 और 16 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
मौसम का आधार क्या है
IMD के अनुसार 10 अगस्त को उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ था. मानसून ट्रफ भी उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत से होते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर सक्रिय थी. इसके अलावा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास उसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है.
यही मौसमी प्रणालियां देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर रही हैं. हालांकि किसी खास शहर या जिले में बारिश की मात्रा स्थानीय परिस्थितियों के कारण अलग हो सकती है, इसलिए यात्रा या खेती से जुड़े फैसले लेते समय स्थानीय अपडेट देखना जरूरी है.
11 अगस्त का मौसम एक नजर में
| क्षेत्र | 11 अगस्त का प्रमुख पूर्वानुमान |
|---|---|
| पूर्वी राजस्थान | भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं |
| हिमाचल प्रदेश | भारी से बहुत भारी बारिश |
| पश्चिम मध्य प्रदेश | भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं |
| दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| पंजाब | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| उत्तराखंड | भारी बारिश और बिजली की संभावना |
| पश्चिमी राजस्थान | भारी बारिश और तेज हवाएं |
| गुजरात | भारी बारिश, गरज-चमक |
| ओडिशा | भारी बारिश और गरज-चमक |
| पूर्वोत्तर भारत | बारिश, गरज-चमक और कुछ जगह भारी बारिश |
| कोंकण-गोवा | भारी बारिश की संभावना |
| मध्य महाराष्ट्र | भारी बारिश की संभावना |
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)
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FAQ
1. 11 अगस्त को सबसे ज्यादा बारिश कहां होने की संभावना है?
IMD के अनुसार पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
2. क्या दिल्ली में 11 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है?
हां. IMD ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है.
3. क्या राजस्थान में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है?
पूर्वी राजस्थान के बारां, बूंदी, झालावाड़ और कोटा जिलों में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है. निचले और पहले से संतृप्त इलाकों में पानी जमा होने की संभावना है.
4. क्या मध्य प्रदेश में बारिश का असर खेती पर पड़ेगा?
भारी बारिश के कारण खेतों में जलभराव हो सकता है. IMD ने मध्य प्रदेश में अतिरिक्त पानी की जल्द निकासी के लिए उचित जलनिकासी व्यवस्था रखने की सलाह दी है.
5. बिजली चमकने के दौरान सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
बिजली गिरने की आशंका में पेड़ के नीचे शरण नहीं लेनी चाहिए. पानी से बाहर निकलना, बिजली के उपकरणों को प्लग से अलग करना और खुले स्थानों से सुरक्षित जगह पर जाना जरूरी है.
6. क्या 11 अगस्त के बाद भी बारिश जारी रहेगी?
हां. IMD के 7 दिन के पूर्वानुमान में 12 से 16 अगस्त तक देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई गई है. खासकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर बना रह सकता है.


