नई दिल्ली, 11 अगस्त 2026. सरकारी अस्पतालों और सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों के जेब से होने वाले खर्च को कम करने के लिए सरकार की ओर से कई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी NHM के तहत Free Drugs Service Initiative (FDSI) लागू किया गया है. इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में जरूरी दवाओं की मुफ्त उपलब्धता के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है.
यह सहायता राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से उनके Programme Implementation Plans में बताई गई जरूरतों के आधार पर, उपलब्ध संसाधनों के दायरे में दी जाती है.
अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों के लिए तय है जरूरी दवाओं की सूची
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अलग-अलग स्तर की सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए Facility Wise Essential Medicines List की सिफारिश की है.
Sub Health Centre Ayushman Arogya Mandir के लिए 113, Primary Health Centre Ayushman Arogya Mandir के लिए 179, Community Health Centre के लिए 301, Sub-District Hospital के लिए 318 और District Hospital के लिए 381 जरूरी दवाओं की सूची निर्धारित की गई है.
इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग स्तर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की जरूरत के अनुसार जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है.
दवा खरीद से लेकर स्टोरेज तक निगरानी
FDSI के तहत केवल दवाओं की खरीद के लिए ही सहायता नहीं दी जाती, बल्कि खरीद व्यवस्था, Quality Assurance, Supply Chain Management और Warehousing जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए भी सहायता उपलब्ध है.
इसके अलावा Prescription Audit, Grievance Redressal और Standard Treatment Guidelines के प्रसार की व्यवस्था भी इसमें शामिल है.
जरूरी दवाओं की खरीद और उपलब्धता की वास्तविक स्थिति की निगरानी के लिए IT-enabled platform DVDMS यानी Drugs & Vaccine Distribution Management System का इस्तेमाल किया जाता है. राष्ट्रीय स्तर पर Supply Chain Management की निगरानी के लिए Central Dashboard भी विकसित किया गया है.
हर साल होती है योजनाओं की समीक्षा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत Common Review Missions यानी CRM का आयोजन हर साल किया जाता है. इनके जरिए FDSI समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन और निगरानी की जाती है.
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह देखना है कि जरूरी दवाओं की खरीद, आपूर्ति और उपलब्धता से जुड़ी व्यवस्थाएं निर्धारित तरीके से काम कर रही हैं या नहीं.
दवाओं की गुणवत्ता के लिए भी नियम
FDSI के तहत खरीदी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए operational guidelines में कई प्रावधान किए गए हैं.
इसके अनुसार सभी दवाओं की खरीद Good Manufacturing Practices यानी GMP का पालन करने वाले निर्माताओं से मजबूत procurement mechanism के जरिए की जानी है.
इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं में दवाओं के वितरण से पहले हर बैच की Post Supply Testing की व्यवस्था भी है. इससे मरीजों तक दवाओं की आपूर्ति से पहले उनकी गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है.
जन औषधि केंद्रों पर भी उपलब्धता की लगातार निगरानी
सरकार ने Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Priyojana यानी PMBJP के तहत जन औषधि केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता की निगरानी के लिए भी व्यवस्था की है.
Pharmaceuticals & Medical Devices Bureau of India यानी PMBI इस योजना की implementing agency है. PMBI देशभर के Jan Aushadhi Kendras पर जरूरी दवाओं समेत विभिन्न दवाओं की उपलब्धता की लगातार निगरानी करता है.
PMBJP के product basket में 2,110 medicines और 315 surgicals, medical consumables और devices शामिल हैं. इनमें cardiovascular, anti-cancer, anti-diabetic, anti-infectives, anti-allergic और gastro-intestinal medicines समेत कई प्रमुख therapeutic groups के उत्पाद शामिल हैं.
National List of Essential Medicines में शामिल लगभग सभी generic medicines, lab reagents और vaccines को छोड़कर, इस product basket का हिस्सा हैं.
200 आम दवाओं का स्टॉक रखने पर प्रोत्साहन
जन औषधि केंद्रों पर आमतौर पर ज्यादा इस्तेमाल होने वाली दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सितंबर 2024 से एक विशेष व्यवस्था लागू है.
इसके तहत Jan Aushadhi Kendras को 200 commonly used medicines का स्टॉक रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. इनमें योजना के product basket की 100 top-selling medicines और बाजार में तेजी से बिकने वाली 100 medicines शामिल हैं.
इन दवाओं का निर्धारित स्टॉक बनाए रखने वाले JAK owners को हर महीने incentive देने की व्यवस्था है.
पांच वेयरहाउस और 42 डिस्ट्रीब्यूटर का नेटवर्क
जन औषधि केंद्रों तक दवाओं की नियमित आपूर्ति के लिए end-to-end IT-enabled supply chain system भी मौजूद है.
इस supply chain में देशभर में पांच warehouses और लगातार बढ़ रहा distributors का नेटवर्क शामिल है. वर्तमान में distributors की संख्या 42 है.
इस व्यवस्था का उद्देश्य जन औषधि केंद्रों तक उत्पादों की आपूर्ति को बेहतर बनाना और किसी भी संभावित supply gap को कम करना है.
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400 fast-moving products पर नजर
PMBI की ओर से 400 fast-moving products की नियमित निगरानी की जाती है. इन उत्पादों की मांग का लगातार अनुमान लगाया जाता है, ताकि जरूरत के अनुसार procurement प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके.
मांग का अनुमान लगाने की प्रक्रिया को digitise करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं. इससे procurement process को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है.
यह जानकारी केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मंगलवार को राज्यसभा में लिखित जवाब में दी.


