Weather Update 24 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) केऑल इंडिया वेदर समरी एंड फोरकास्ट बुलेटिन के अनुसार, 24 अगस्त 2026, सोमवार को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. खास तौर पर छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है.
24 अगस्त को कहां होगी भारी बारिश
IMD के अनुसार 24 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, केरल और माहे, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल, तेलंगाना, उत्तराखंड, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है.
पूर्वी और मध्य भारत में ज्यादा असर
मध्य भारत में 24 अगस्त को मौसम की गतिविधियां विशेष रूप से सक्रिय रहने वाली हैं. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है. IMD के 7 दिन के पूर्वानुमान में पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक व्यापक बारिश की गतिविधियां दिखाई गई हैं.
ओडिशा में भी 24 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. 23 अगस्त को राज्य में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई थी, जबकि 24 से 26 अगस्त के बीच भी बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम
उत्तर भारत में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश का दौर बना रहेगा. IMD ने 24 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 से 27 अगस्त के दौरान भारी बारिश जारी रह सकती है और इस अवधि में बहुत भारी बारिश की संभावना भी बताई गई है.
राजस्थान की बात करें तो 24 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है. 7 दिन के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी राजस्थान में 24 और 25 अगस्त को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 24 अगस्त को बारिश की गतिविधि अलग-अलग स्थानों तक सीमित रहने की संभावना है. दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 24 अगस्त को पिछले दिन की तुलना में बारिश की गतिविधि कम रहने का अनुमान है. हालांकि IMD ने 23 अगस्त को इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज होने और भारी बारिश की चेतावनी दी थी.
बिजली और तेज हवाओं का भी खतरा
24 अगस्त को कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है. आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक, ओडिशा और तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है. बिहार, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल-माहे, लक्षद्वीप, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है.
असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम-त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में भी अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने और गरज-चमक की चेतावनी है.
फ्लैश फ्लड का जोखिम, इन जिलों में सतर्कता जरूरी
IMD ने 24 अगस्त को सुबह 11:30 बजे तक कुछ इलाकों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम की जानकारी दी है. नागालैंड में कोहिमा, किफिरे, मोन, पेरेन, दीमापुर, वोखा, जुन्हेबोटो और तुएनसांग जिले तथा मणिपुर में बिष्णुपुर, इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, चंदेल, चुराचांदपुर, सेनापति, उखरुल और तामेंगलोंग में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में जोखिम बताया गया है.
ओडिशा में बरगढ़, देवगढ़, क्योंझरगढ़, मलकानगिरी, मयूरभंज, नुआपाड़ा, नबरंगपुर, संबलपुर और सुंदरगढ़ जिलों के कुछ वाटरशेड और आसपास के क्षेत्रों में भी कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है. संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में बारिश के बाद सतही बहाव या जलभराव हो सकता है.
बंगाल की खाड़ी और समुद्री इलाकों के लिए चेतावनी
24 अगस्त तक उत्तर-पश्चिम और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के आसपास समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने की संभावना है. 24 अगस्त को भी इन समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ स्क्वॉली मौसम का अनुमान है. ऐसे मौसम में मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को IMD की चेतावनियों का पालन करना जरूरी है. ## बारिश का असर क्या हो सकता है
तेज बारिश और आंधी के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति बन सकती है. सड़कों और रेल यातायात पर असर पड़ सकता है तथा भारी बारिश के दौरान दृश्यता घट सकती है. तेज हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने, कमजोर ढांचों, कच्चे मकानों और दीवारों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है. फसलों और बागवानी वाली फसलों को भी नुकसान हो सकता है.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
बारिश और बिजली की चेतावनी के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें. IMD ने बिजली गिरने की आशंका में पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने और सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी है. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली की आशंका होने पर अनप्लग करना और जलस्रोतों से बाहर निकलना भी जरूरी है.
वाहन चालकों को भारी बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखने और जलभराव वाले रास्तों में जाने से बचने की जरूरत है. स्थानीय प्रशासन की ओर से सड़क बंद करने या सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह मिले तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. किसान निचले खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए जल निकासी व्यवस्था को साफ रखें. IMD ने कई राज्यों में जलभराव की स्थिति में खेतों में निकासी व्यवस्था मजबूत रखने की सलाह दी है.
किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह
भारी बारिश के दौरान खेतों में पानी जमा न होने दें और नालियों तथा जल निकासी मार्गों को साफ रखें. तेज हवा की संभावना वाले क्षेत्रों में केले, पपीते, सब्जियों और युवा पौधों को सहारा देने की सलाह दी गई है. कटाई के बाद तैयार उपज को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखें. पशुओं को भारी बारिश के दौरान शेड के अंदर रखने तथा चारे को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह IMD ने दी है.
मौसम का सिस्टम क्यों सक्रिय है
IMD के मौसम विश्लेषण के अनुसार 23 अगस्त को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ था. इसके अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा और उससे लगे गंगीय पश्चिम बंगाल की ओर जाने की संभावना जताई गई थी. इसके साथ ही मानसून ट्रफ और अलग-अलग ऊपरी वायुमंडलीय परिसंचरण भी सक्रिय हैं, जिससे मध्य, पूर्वी और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों को समर्थन मिल रहा है.
25 से 29 अगस्त तक भी जारी रहेगा बारिश का दौर
24 अगस्त के बाद भी मौसम पूरी तरह शांत होने के संकेत नहीं हैं. 25 अगस्त को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. 26 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. 27 अगस्त को कई पूर्वी और मध्य भारतीय राज्यों में भारी बारिश हो सकती है. 28 और 29 अगस्त को भी ओडिशा तथा पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
मौसम अपडेट पर नजर रखना क्यों जरूरी है
मानसून के दौरान बारिश का वितरण स्थानीय स्तर पर तेजी से बदल सकता है. इसलिए किसी एक शहर के पूर्वानुमान को पूरे जिले या राज्य की स्थिति मानना सही नहीं होगा. IMD ने भी दिन की चेतावनी को सुबह 8:30 बजे IST से अगले दिन सुबह 8:30 बजे IST तक मान्य बताया है. मौसम बिगड़ने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन और IMD के ताजा अपडेट को प्राथमिकता देना सुरक्षित कदम है.
5 सवाल, जो मौसम को लेकर लोगों के मन में आते हैं
1. क्या 24 अगस्त को पूरे देश में भारी बारिश होगी?
नहीं. IMD का पूर्वानुमान अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग है. कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि कई क्षेत्रों में बारिश सीमित या अलग-अलग स्थानों पर हो सकती है.
2. क्या पूर्वी राजस्थान में भी मौसम बिगड़ सकता है?
हां. 24 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बताई गई है.
3. भारी बारिश में सबसे बड़ा खतरा क्या हो सकता है? निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़, सड़क-रेल यातायात में बाधा, कम दृश्यता और तेज हवा से पेड़ या कमजोर ढांचे प्रभावित होने का खतरा रहता है.
4. बिजली चमकने के दौरान क्या करना चाहिए?
खुले स्थानों और पेड़ों से दूर सुरक्षित जगह पर जाएं, पानी से बाहर निकलें और बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें.
5. किसानों को अभी सबसे पहले क्या करना चाहिए? खेतों में जल निकासी की व्यवस्था जांचनी चाहिए और निचले क्षेत्रों से अतिरिक्त पानी निकालने की तैयारी रखनी चाहिए. तेज हवा वाले क्षेत्रों में कमजोर या ऊंची फसलों को सहारा देना भी उपयोगी है.


