Parenting Guide: छोटे बच्चों के नाखून काटना कई माता-पिता के लिए आसान काम नहीं होता. जैसे ही नाखून काटने की बात आती है, बच्चा हाथ खींचने लगता है, रोता है या जिद करने लगता है. कई बार माता-पिता जल्दी में बच्चे को डांटकर या जबरदस्ती नाखून काटने की कोशिश करते हैं, जिससे बच्चे के मन में डर और बढ़ सकता है. ऐसे में जरूरत है कि नाखून काटने की प्रक्रिया को बच्चे के लिए सहज और सामान्य बनाया जाए.
पहले समझें कि बच्चा नाखून कटवाने से क्यों डरता है
बच्चे के नाखून काटने से मना करने के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं. कुछ बच्चों को नेल कटर की आवाज डरावनी लगती है, जबकि कुछ बच्चों को उंगलियों के पास किसी चीज के आने से असहजता महसूस होती है. छोटे बच्चे यह भी सोच सकते हैं कि नाखून काटने से उन्हें चोट लग सकती है.
इसलिए सबसे पहले बच्चे की परेशानी समझना जरूरी है. उसे डांटने के बजाय प्यार से बताएं कि नाखून काटने से हाथ साफ रहेंगे और गंदगी जमा नहीं होगी.
बच्चे को अचानक न पकड़ें
बच्चे के खेलने या सोने के दौरान अचानक उसका हाथ पकड़कर नाखून काटना हर बार सही तरीका नहीं है. इससे बच्चा चौंक सकता है और अगली बार नाखून काटने के नाम पर ज्यादा विरोध कर सकता है.
इसके बजाय पहले उसे बताएं कि अब नाखून काटने हैं. उसे नेल कटर दिखाएं और कुछ देर उसके साथ सामान्य तरीके से बात करें. अगर बच्चा बहुत छोटा है तो खेल-खेल में पहले खिलौने या गुड़िया के नाखून काटने का नाटक किया जा सकता है.
बच्चे को ऑप्शन देने से कम होगी जिद
बच्चे को पूरी तरह नियंत्रण देने के बजाय छोटे-छोटे ऑप्शन दें. जैसे पूछें कि पहले दाएं हाथ के नाखून काटें या बाएं हाथ के. इसी तरह बच्चा तय कर सकता है कि नाखून सुबह काटने हैं या नहाने के बाद.
इससे बच्चे को महसूस होता है कि उसकी बात भी सुनी जा रही है. हालांकि नेल कटर जैसी चीज बच्चे को अकेले इस्तेमाल करने के लिए नहीं देनी चाहिए.
नाखून काटने का सही समय चुनें
जब बच्चा थका हुआ, भूखा या बहुत चिड़चिड़ा हो, उस समय नाखून काटने की कोशिश करने से परेशानी बढ़ सकती है. ऐसा समय चुनें जब बच्चा शांत हो.
कुछ बच्चों के लिए नहाने के बाद नाखून काटना आसान रहता है, क्योंकि उस समय नाखून अपेक्षाकृत नरम होते हैं. फिर भी नाखून काटते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए.
जबरदस्ती करने के बजाय बीच में रुक जाएं
अगर बच्चा लगातार रो रहा है या हाथ खींच रहा है तो उसे जबरदस्ती पकड़कर नाखून काटने से बचें. इससे चोट लगने का जोखिम बढ़ सकता है. जरूरत हो तो एक बार में सभी नाखून काटने के बजाय कुछ नाखून काटें और बाकी बाद में काटें.
बच्चे की तारीफ भी करें. उदाहरण के लिए कह सकते हैं, “तुमने बहुत अच्छे से हाथ रखा.” इससे अगली बार उसका डर कम हो सकता है.
नाखून छोटे और साफ रखना क्यों जरूरी है
बच्चों के नाखूनों के नीचे मिट्टी और दूसरी गंदगी जमा हो सकती है. लंबे नाखूनों से बच्चे खुद को या दूसरे बच्चों को खरोंच भी सकते हैं. इसलिए नियमित रूप से नाखूनों की सफाई और कटिंग जरूरी है.
नाखून काटते समय साफ और बच्चे के लिए उपयुक्त नेल कटर का इस्तेमाल करें. उंगली की त्वचा के बहुत पास से न काटें और अगर गलती से चोट लग जाए तो प्रक्रिया रोक दें.
प्यार और धैर्य से बदल सकती है आदत
बच्चे का नाखून न कटवाना अक्सर जिद से ज्यादा डर या असहजता का मामला होता है. इसलिए डांटने और डराने के बजाय उसे धीरे-धीरे इस प्रक्रिया का आदी बनाना बेहतर है. खेल, बातचीत, ऑप्शन और तारीफ जैसे छोटे उपाय काफी मददगार हो सकते हैं.
अगर बच्चा हर बार नाखून काटने पर अत्यधिक घबरा जाता है या हाथ-पैर छूने तक से बहुत परेशान होता है, तो माता-पिता को बच्चे के व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए. सबसे जरूरी बात यह है कि नाखून काटते समय बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और केवल जल्दी काम पूरा करने के लिए उसे जबरदस्ती न पकड़ें.


