Rajasthan Weather: राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली, जिससे पूरे प्रदेश में व्यापक बदलाव देखने को मिला. सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई थी और दोपहर तक कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया. इस अचानक बदले मौसम ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं किसानों के लिए यह स्थिति काफी नुकसानदेह साबित हुई.
उत्तर राजस्थान के जिलों में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला. श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर और बीकानेर में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई, जिससे खड़ी और कटी हुई फसलों को नुकसान पहुंचा. वहीं सीकर और नागौर सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई. चूरू जिले के सरदारशहर में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चली, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और आसमान धुंधला नजर आया. राजधानी जयपुर में पूरे दिन बादल छाए रहे और मौसम सुहावना लेकिन अनिश्चित बना रहा.
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मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ समय तक मौसम अस्थिर बना रह सकता है. बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभागों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं. विभाग ने कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की है, जो किसानों के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है.
जयपुर मौसम केंद्र ने 4 अप्रैल को प्रदेश के कई हिस्सों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है. इसके तहत उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में तेज आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना जताई गई है. हालांकि 5 और 6 अप्रैल को मौसम में कुछ हद तक सुधार हो सकता है और गतिविधियां कम हो सकती हैं, लेकिन 7 अप्रैल से एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है. इसके चलते राज्य में एक बार फिर तेज आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है.
इस मौसम परिवर्तन का सबसे अधिक असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है. कई जगहों पर तैयार फसलें खेतों में ही खराब हो रही हैं, जबकि मंडियों में खुले में रखा अनाज भी बारिश और ओलावृष्टि की चपेट में आ सकता है. इसे देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. किसानों से कहा गया है कि वे कटाई की गई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थान पर रखें, खुले में रखे अनाज को ढंककर रखें और जहां संभव हो, उसे भंडारण स्थलों तक पहुंचाएं.
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विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि इस तरह के अस्थिर मौसम में खुले में रखी फसलें सबसे ज्यादा जोखिम में रहती हैं. इसलिए समय रहते जरूरी कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि नुकसान को कम किया जा सके. कुल मिलाकर, आने वाले कुछ दिन राजस्थान के लिए मौसम की दृष्टि से संवेदनशील रहने वाले हैं और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है.


