Noida International Airport update: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है, जिसमें फेज-2 और आगामी स्टेज-3 के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज कर दी गई है. उद्घाटन के बाद अब एयरपोर्ट को और बड़ा और आधुनिक बनाने की दिशा में काम शुरू हो चुका है, जिससे क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की उम्मीद है.
14 गांवों की जमीन अधिग्रहण शुरू
इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी मेधा रूपम द्वारा की जा रही है, जिनकी अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर मुआवजा वितरण और अधिग्रहण की रणनीति तय की गई. प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाए और पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए. एयरपोर्ट विस्तार के लिए जेवर तहसील के कुल 14 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी. इसमें लगभग 1838.4176 हेक्टेयर भूमि शामिल है, जो हजारों बीघे में फैली हुई है. यह अधिग्रहण क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और भविष्य की हवाई सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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किसानों को मिलेगा मोटा मुआवजा
प्रभावित किसानों को सरकार की निर्धारित नीति के तहत उचित मुआवजा दिया जाएगा, जिसे “मोटा मुआवजा” बताया जा रहा है. प्रशासन का दावा है कि किसानों को उनकी जमीन के बदले उचित और संतोषजनक प्रतिकर मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े और वे इस विकास परियोजना में सहयोग कर सकें. किसानों की सुविधा के लिए 3 अप्रैल से हर गांव में विशेष कैंप आयोजित करने का फैसला लिया गया है. इन कैंपों में किसानों को प्रतिकर से जुड़े फॉर्म दिए जाएंगे, दस्तावेजों की जांच होगी और वहीं पर पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और काम आसानी से पूरा हो सकेगा.
किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो
इन कैंपों के माध्यम से प्रतिकर पत्रावली तैयार करने के साथ-साथ भूमि अधिग्रहण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं मौके पर ही पूरी कराई जाएंगी. प्रशासन का उद्देश्य है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया सरल, तेज और बिना किसी बाधा के संपन्न हो, ताकि समय पर मुआवजा वितरण सुनिश्चित किया जा सके. प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रत्येक गांव में राजस्व निरीक्षक, लेखपाल और अमीन की तैनाती की गई है. साथ ही तहसीलदार जेवर को सभी कैंपों का प्रभारी बनाया गया है, जिन्हें रोजाना निरीक्षण और दस्तावेजों के सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या देरी न हो.
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प्रशासन ने की किसानों से अपील
प्रशासन ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे अपने गांवों में आयोजित कैंपों में समय से पहुंचें और जरूरी दस्तावेजों के साथ सभी औपचारिकताएं पूरी करें. सरकार का लक्ष्य है कि पूरी अधिग्रहण प्रक्रिया किसान हित में पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो, जिससे विकास और स्थानीय लोगों के हितों के बीच संतुलन बना रहे.


