Rajasthan Weather: राजस्थान में मौसम का मिजाज इन दिनों लगातार बदल रहा है. तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब 6 अप्रैल को प्रदेशवासियों को कुछ हद तक राहत मिलने के संकेत हैं, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है. मौसम विभाग ने साफ किया है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ फिर से सक्रिय होने जा रहा है, जिससे हालात दोबारा बिगड़ सकते हैं.
6 अप्रैल को कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 6 अप्रैल 2026 को राजस्थान में मौसम अपेक्षाकृत शांत रह सकता है. अधिकांश जिलों में आंशिक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है. पिछले दिनों की तुलना में आंधी और ओलावृष्टि की घटनाओं में कमी आएगी. तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन यह सामान्य स्तर से नीचे ही रहने की उम्मीद है. कुल मिलाकर, यह दिन राहत भरा जरूर रहेगा, लेकिन पूरी तरह साफ मौसम की संभावना नहीं है.
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इन जिलों में जारी किया गया अलर्ट
हाल ही में जारी अलर्ट के मुताबिक पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के कई जिलों में पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है. जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं और सीकर जैसे जिलों में तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया था. इसके अलावा जयपुर, अजमेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग में भी गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है.
फिर बिगड़ेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 6 अप्रैल की शाम से एक नया और अधिक प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. इसके प्रभाव से 7 और 8 अप्रैल को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
किसानों पर सबसे ज्यादा असर
बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है. राज्य के कई हिस्सों में पकी हुई गेहूं, जीरा और इसबगोल की फसलें खराब हो चुकी हैं. ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं भी सामने आई हैं.
प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. साथ ही किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है.
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राजस्थान में 6 अप्रैल को भले ही थोड़ी राहत मिले, लेकिन यह अस्थायी होगी. 7 अप्रैल से मौसम फिर से खतरनाक रूप ले सकता है. ऐसे में प्रदेश के लोगों को अगले कुछ दिनों तक विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके.


