Varanasi News: धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध वाराणसी अब तेजी से आधुनिक विकास की ओर कदम बढ़ा रहा है. शहर के बढ़ते विस्तार और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने मढ़नी, गंजारी और कल्लीपुर में तीन नई टाउनशिप विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है. इन परियोजनाओं के लिए लगभग 1,700 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जो शहर को एक नए रूप में ढालने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
प्रयागराज में दौड़ेगी मेट्रो, 60 KM नेटवर्क, 45 स्टेशन, एयरपोर्ट-रोपवे से जुड़ेगा शहर
कितना होगा खर्च?
वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए वीडीए ने 2,866.20 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट पारित कर शासन की मंजूरी के लिए भेज दिया है. इस बजट में खास तौर पर आधुनिक आवासीय योजनाओं, मजबूत बुनियादी ढांचे और बेहतर जनसुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी गई है. यह प्रयास वाराणसी को सिर्फ धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा.
वीडीए के उपाध्यक्ष ने क्या कहा?
वीडीए के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा के अनुसार, प्राधिकरण को इस वर्ष परिचालन से 2,070.61 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 448 प्रतिशत अधिक है. वहीं 2,069.07 करोड़ रुपये के व्यय का प्रावधान विकास कार्यों में तेजी और ठोस क्रियान्वयन का संकेत देता है.
इतिहास पर नजर डालें तो वाराणसी विकास प्राधिकरण की स्थापना 19 अगस्त 1974 को सुनियोजित शहरी विकास के उद्देश्य से की गई थी. शुरुआत में 793 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस प्राधिकरण ने अब अपने दायरे को और व्यापक बना लिया है. वर्ष 2024 में नगर विस्तार के बाद 215 नए राजस्व गांव इसमें जोड़े गए, जिससे इसका कुल क्षेत्रफल बढ़कर 1,073 वर्ग किलोमीटर हो गया है.
शहर की बदलेंगी तस्वीर
गंगा नदी के दोनों किनारों पर फैला यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से भले दो हिस्सों में बंटा हो, लेकिन विकास की सोच एक ही है,संतुलित, सतत और समावेशी प्रगति. नई टाउनशिप, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं न केवल शहर की तस्वीर बदलेंगी, बल्कि यहां के लोगों के जीवन स्तर को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी.
बदायूं में बनेगा बड़ा औद्योगिक हब: गंगा एक्सप्रेसवे किनारे 269 एकड़ में IMLC, 149 करोड़ की मंजूरी
मील का पत्थर साबित होंगी
वाराणसी अब परंपरा और प्रगति के संगम पर खड़ा है, जहां एक ओर आध्यात्मिक विरासत है, वहीं दूसरी ओर आधुनिक विकास की नई कहानी लिखी जा रही है. आने वाले वर्षों में यह योजनाएं शहर को एक स्मार्ट, सशक्त और समृद्ध महानगर के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होंगी.


