Noida International Airport: दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों का इंतजार अब खत्म होने की कगार पर है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपने संचालन की दिशा में सबसे अहम पड़ाव पार कर लिया है. सुरक्षा एजेंसी ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी से मिली अंतिम मंजूरी के बाद अब एयरपोर्ट पर उड़ानों की गूंज सुनाई देने में ज्यादा वक्त नहीं बचा.
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार
अगले 7 दिनों के भीतर प्रमुख एयरलाइंस के साथ बैठक कर टिकट किराए तय किए जाएंगे. किराया निर्धारण के बाद तुरंत टिकट बुकिंग प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है. यह कदम यात्रियों के लिए बेहद अहम होगा, क्योंकि इससे उन्हें अपनी यात्रा की योजना बनाने और नए एयरपोर्ट से उड़ान का लाभ उठाने का अवसर जल्द ही मिल सकेगा.
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30 दिन में आसमान छुएगा नोएडा एयरपोर्ट
टिकट बुकिंग शुरू होने के लगभग 30 दिनों के भीतर पहली कमर्शल फ्लाइट उड़ान भर सकती है. यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को बहुत जल्द नए एयरपोर्ट से यात्रा करने का विकल्प मिलेगा. इससे मौजूदा एयरपोर्ट्स पर दबाव भी कम होगा और क्षेत्र में हवाई यात्रा का अनुभव अधिक सुविधाजनक और तेज हो जाएगा.
एयरपोर्ट परिसर के भीतर बुनियादी ढांचा, यात्री सुविधाएं और तकनीकी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं. यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के अनुसार, सभी सिस्टम, सुरक्षा प्रोटोकॉल और संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि उड़ान सेवाएं शुरू होते ही यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी
शुरुआती चरण में इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी प्रमुख एयरलाइंस यहां से अपनी सेवाएं शुरू कर सकती हैं. इन एयरलाइंस की मौजूदगी से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रियों को अधिक विकल्प और प्रतिस्पर्धी किराए मिलने की संभावना भी बढ़ेगी.
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला
एयरपोर्ट विस्तार से जुड़े भूमि अधिग्रहण मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने परियोजना के पक्ष में फैसला सुनाया है. कोर्ट ने माना कि आवश्यक 70 प्रतिशत के मुकाबले 73.02 प्रतिशत प्रभावित परिवारों की सहमति प्राप्त हो चुकी है, जिससे अधिग्रहण प्रक्रिया वैध ठहरती है और परियोजना के विस्तार का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया है.
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इन सभी सकारात्मक घटनाक्रमों के बाद स्पष्ट हो गया है कि जेवर का यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट अब जल्द ही हकीकत बनने जा रहा है. सिक्योरिटी मंजूरी, किराया निर्धारण, एयरलाइंस की भागीदारी और कानूनी बाधाओं के खत्म होने से यह परियोजना अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, जिससे दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों को भविष्य में बेहतर, सस्ता और सुविधाजनक हवाई सफर मिल सकेगा.


