पश्चिमी दिल्ली में रोज घंटों ट्रैफिक में फंसने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. पंखा रोड और डाबरी फ्लाईओवर को जोड़ने के लिए नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. माना जा रहा है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद जनकपुरी, द्वारका, डाबरी और आसपास के कई इलाकों में ट्रैफिक दबाव काफी कम हो सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह नया कॉरिडोर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा हो सकता है और इसका उद्देश्य उन जगहों पर जाम कम करना है जहां रोज हजारों वाहन धीरे-धीरे रेंगते हुए निकलते हैं.
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आखिर समस्या कहां है?
पश्चिमी दिल्ली का पंखा रोड लंबे समय से भारी ट्रैफिक दबाव झेल रहा है. खासकर:
- जनकपुरी
- डाबरी मोड़
- द्वारका लिंक रोड
- और पालम की तरफ जाने वाले हिस्सों
में सुबह और शाम के समय लंबा जाम लगना आम बात बन चुका है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में ही 30 से 45 मिनट तक लग जाते हैं.
क्या बनने वाला है?
दिल्ली सरकार और लोक निर्माण विभाग (PWD) की योजना के मुताबिक:
- पंखा रोड फ्लाईओवर
- और डाबरी फ्लाईओवर
को जोड़ने के लिए नया एलिवेटेड लिंक तैयार किया जाएगा. इससे:
- बीच के सिग्नलों पर रुकावट कम होगी
- वाहनों की आवाजाही तेज होगी
- और लंबी दूरी का ट्रैफिक नीचे की सड़कों से हट सकेगा.
किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?
अगर यह परियोजना समय पर पूरी होती है तो फायदा सबसे ज्यादा इन इलाकों के लोगों को मिल सकता है:
- जनकपुरी
- द्वारका
- पालम
- सागरपुर
- डाबरी
- महावीर एन्क्लेव
और एयरपोर्ट की तरफ आने-जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिल सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी दिल्ली में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए ऐसे कॉरिडोर अब जरूरी होते जा रहे हैं.
पहले भी शुरू हो चुका है पंखा रोड पर काम
दिल्ली में पंखा रोड को लेकर पहले भी कई विकास योजनाएं शुरू की जा चुकी हैं. हाल के महीनों में:
- सड़क सौंदर्यीकरण
- नई ड्रेन
- फुटपाथ
- स्ट्रीट लाइट
- और हरियाली
से जुड़े कामों की घोषणा हुई थी. इसके अलावा जनकपुरी पंखा रोड क्रॉसिंग पर जाम कम करने के लिए अलग फ्लाईओवर प्रस्ताव पर भी काम चल रहा है.
दिल्ली में क्यों बढ़ रही हैं ऐसी सड़क परियोजनाएं?
दिल्ली सरकार फिलहाल राजधानी के कई हिस्सों में:
- सिग्नल-फ्री सड़कें
- एलिवेटेड रोड
- फ्लाईओवर
- और अंडरपास
बनाने की दिशा में काम कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए 18 से ज्यादा बड़ी परियोजनाओं पर विचार चल रहा है.
क्या सच में कम होगा जाम?
ट्रैफिक विशेषज्ञों के मुताबिक सिर्फ फ्लाईओवर बना देने से हर समस्या खत्म नहीं होती. लेकिन:
- ट्रैफिक सिग्नल कम होने
- मुख्य मार्गों के जुड़ने
- और वैकल्पिक रास्ते बनने
से दबाव जरूर कम हो सकता है. हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि:
- सार्वजनिक परिवहन
- बेहतर बस नेटवर्क
- और पार्किंग प्रबंधन
पर भी साथ में काम करना जरूरी है.
स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद क्या है?
इस इलाके में रहने वाले लोग लंबे समय से:
- रोज के ट्रैफिक जाम
- धुएं
- हॉर्न
- और समय की बर्बादी
से परेशान हैं. कई लोगों का मानना है कि अगर यह कॉरिडोर सही तरीके से डिजाइन हुआ तो ऑफिस जाने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है.
परियोजना कब तक पूरी हो सकती है?
फिलहाल परियोजना प्रस्ताव और योजना स्तर पर बताई जा रही है. विस्तृत मंजूरी, बजट और निर्माण समयसीमा को लेकर आगे और जानकारी सामने आ सकती है. दिल्ली की अन्य सड़क परियोजनाओं की तरह इसमें भी:
- ट्रैफिक डायवर्जन
- निर्माण देरी
- और जमीन से जुड़ी चुनौतियां
अहम भूमिका निभा सकती हैं.
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सबसे अहम बात क्या है?
पश्चिमी दिल्ली लंबे समय से तेज ट्रैफिक दबाव झेल रही है. ऐसे में पंखा रोड और डाबरी फ्लाईओवर को जोड़ने वाला नया एलिवेटेड कॉरिडोर सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि रोजाना लाखों लोगों के सफर को आसान बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
अगर यह योजना तय समय पर पूरी होती है, तो आने वाले वर्षों में इस पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था काफी बदल सकती है.
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